अब सिर्फ स्मार्ट नहीं होगा आपका फोन GenAI फीचर्स बनेंगे नई पहचान अगले साल से बदलने लगेगा पूरा मोबाइल अनुभव

नई दिल्ली। स्मार्टफोन इंडस्ट्री तेजी से एक नए दौर में प्रवेश कर रही है जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल एक अतिरिक्त फीचर नहीं बल्कि पूरे मोबाइल अनुभव का आधार बनने जा रहा है। नई रिसर्च के मुताबिक आने वाले समय में स्मार्टफोन केवल आदेश मानने तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि यूजर की जरूरतों को समझकर खुद फैसले लेने और कई काम अपने आप करने में सक्षम होंगे। यही वजह है कि जेनरेटिव एआई यानी GenAI अब मोबाइल उद्योग की सबसे बड़ी तकनीकी दिशा बनता जा रहा है। मार्केट रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2027 तक दुनिया भर में बिकने वाले 52 प्रतिशत स्मार्टफोन GenAI फीचर्स से लैस होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में यह हिस्सेदारी 36 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2026 में बढ़कर 45 प्रतिशत और 2027 में 52 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। इससे साफ है कि आने वाले समय में एआई प्रीमियम स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह लगभग हर श्रेणी के मोबाइल का अहम हिस्सा बन जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार प्रमुख स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां अब सामान्य एआई टूल्स से आगे बढ़कर एजेंटिक एआई तकनीक पर काम कर रही हैं। यह तकनीक यूजर के व्यवहार और जरूरतों को समझकर स्वतः कार्य करने में सक्षम होगी। दूसरी ओर एप्पल भी अपनी अगली आईफोन सीरीज में कई नए GenAI फीचर्स पेश करने की तैयारी कर रहा है जिससे स्मार्टफोन का उपयोग पहले से अधिक आसान और स्मार्ट हो जाएगा। हालांकि एआई तकनीक के विस्तार के बीच पूरी स्मार्टफोन इंडस्ट्री के सामने एक बड़ी चुनौती भी खड़ी है। काउंटरपॉइंट रिसर्च का अनुमान है कि वर्ष 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में लगभग 13.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हो सकती है। इसके बाद कुल बिक्री घटकर करीब 1.08 बिलियन यूनिट रह जाने की संभावना है जो पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बढ़ती उत्पादन लागत और मेमोरी कंपोनेंट्स की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियां हैं। इसका सबसे अधिक असर बजट और एंट्री लेवल स्मार्टफोन पर पड़ सकता है। कई कम कीमत वाले मॉडल बाजार से बाहर भी हो सकते हैं क्योंकि उनमें महंगे GenAI फीचर्स शामिल करना कंपनियों के लिए आसान नहीं होगा। दूसरी ओर प्रीमियम स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को इस बदलाव से फायदा मिलने की संभावना है। हाई एंड सेगमेंट में पहले से मजबूत मौजूदगी रखने वाली कंपनियां नई एआई तकनीकों को तेजी से अपनाकर ग्राहकों को अधिक उन्नत अनुभव देने की तैयारी कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे जैसे मेमोरी सप्लाई की स्थिति सुधरेगी और उत्पादन लागत कम होगी वैसे वैसे GenAI फीचर्स आम स्मार्टफोन तक भी पहुंचने लगेंगे। तकनीकी जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में स्मार्टफोन केवल कॉलिंग और इंटरनेट चलाने का साधन नहीं रहेंगे बल्कि व्यक्तिगत डिजिटल सहायक के रूप में काम करेंगे। यही बदलाव मोबाइल तकनीक के अगले बड़े दौर की शुरुआत माना जा रहा है जहां एआई हर यूजर के अनुभव को पहले से कहीं अधिक स्मार्ट तेज और व्यक्तिगत बना देगा।
NOTTO का बड़ा फैसला किडनी ट्रांसप्लांट अस्पतालों को वेबसाइट पर बताने होंगे सफलता दर और ग्राफ्ट फेलियर के आंकड़े

नई दिल्ली। देश में किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले सभी अस्पतालों को अपने ट्रांसप्लांट के नतीजों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। इसके तहत मरीजों के जीवित रहने की दर मौत के मामले ग्राफ्ट फेलियर और अन्य दीर्घकालिक परिणामों का डेटा अस्पतालों की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि मरीज और उनके परिजन सही जानकारी के आधार पर अस्पताल का चयन कर सकें। नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन यानी NOTTO ने देशभर के ट्रांसप्लांट सेंटरों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। यह फैसला ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और मरीजों को बेहतर जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे पहले मरीजों को किसी अस्पताल की सफलता दर या लंबे समय के परिणामों की जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती थी। NOTTO के निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि प्रत्येक ट्रांसप्लांट अस्पताल अपनी वेबसाइट पर ट्रांसप्लांट के बाद के परिणाम प्रमुखता से प्रदर्शित करे। साथ ही सभी अस्पतालों को राष्ट्रीय ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट रजिस्ट्री में समय पर और पूर्ण फॉलोअप डेटा भी जमा करना होगा। इस पहल के पीछे संसद में उठाई गई चिंता भी अहम वजह रही। भाजपा सांसद कैप्टन बृजेश चौटा ने ट्रांसप्लांट के दीर्घकालिक परिणामों में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि आमतौर पर केवल सफल ट्रांसप्लांट की चर्चा होती है जबकि ग्राफ्ट फेलियर जटिलताओं और ट्रांसप्लांट के बाद होने वाली मौतों के आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होते। ऐसे में मरीजों के लिए सही निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है। नई व्यवस्था के तहत अस्पतालों को मरीज और उनके परिजनों से सहमति लेने से पहले पूरी प्रक्रिया संभावित जोखिम और संभावित परिणामों की स्पष्ट जानकारी देना भी अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीज पूरी जानकारी के साथ उपचार का फैसला लें। दिल्ली के एक वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अनुपम रॉय का मानना है कि ट्रांसप्लांट परिणामों को सार्वजनिक करना पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इन आंकड़ों को मरीजों की बीमारी की गंभीरता और जोखिम के स्तर को ध्यान में रखकर ही समझना चाहिए क्योंकि सभी मामलों की परिस्थितियां समान नहीं होतीं। फिलहाल देश के 824 ट्रांसप्लांट सेंटर राष्ट्रीय ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट रजिस्ट्री से जुड़े हुए हैं। इन सभी केंद्रों के लिए ट्रांसप्लांट और फॉलोअप से संबंधित जानकारी निर्धारित लॉगिन के माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य है। NOTTO का मानना है कि इससे ट्रांसप्लांट परिणामों की निगरानी मजबूत होगी डेटा की विश्वसनीयता बढ़ेगी और भविष्य में स्वास्थ्य नीतियां तैयार करने में भी मदद मिलेगी। निर्धारित रिपोर्टिंग प्रणाली के तहत अस्पतालों को डिस्चार्ज के समय तथा छह महीने एक वर्ष तीन वर्ष और पांच वर्ष बाद मरीजों की स्थिति से संबंधित जानकारी देनी होगी। इसमें जीवित मरीजों की संख्या मौत के मामले ग्राफ्ट फेलियर और फॉलोअप से बाहर हुए मरीजों का पूरा विवरण शामिल रहेगा। इस नई व्यवस्था से किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ मरीजों का भरोसा भी मजबूत होने की उम्मीद है।
सोलर टेक्नोलॉजी में बड़ा धमाका बिना पारंपरिक बैटरी के सालों तक स्टोर होगी सूरज की ऊर्जा जानिए कैसे काम करती है सन बैटरी

नई दिल्ली। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई तकनीक विकसित की है जो भविष्य में बिजली और ऊर्जा भंडारण की तस्वीर बदल सकती है। अब सूरज की रोशनी को सीधे एक विशेष मॉलिक्यूल में कैद कर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर उसे गर्मी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह तकनीक पारंपरिक बैटरियों पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। यह नई तकनीक अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सांता बारबरा के शोधकर्ताओं ने विकसित की है। इसे मॉलिक्यूलर सोलर थर्मल तकनीक कहा जाता है। इसमें वैज्ञानिकों ने ऐसा विशेष ऑर्गेनिक मॉलिक्यूल तैयार किया है जो सूर्य की रोशनी से मिलने वाली ऊर्जा को अपने रासायनिक बंधनों में सुरक्षित कर लेता है। खास बात यह है कि यह ऊर्जा लंबे समय तक बिना किसी बड़े नुकसान के सुरक्षित रह सकती है। इस तकनीक का सिद्धांत काफी रोचक है। वैज्ञानिकों ने इस मॉलिक्यूल की संरचना इंसानी डीएनए से प्रेरित होकर तैयार की है। जब इस पर सूर्य की पराबैंगनी किरणें पड़ती हैं तो इसका आकार बदल जाता है और यह स्प्रिंग की तरह ऊर्जा को अपने भीतर लॉक कर लेता है। यह बदली हुई अवस्था लंबे समय तक बनी रह सकती है। बाद में जब इसे हल्की गर्मी या विशेष रासायनिक प्रक्रिया के संपर्क में लाया जाता है तो यह अपने मूल स्वरूप में लौट आता है और अपने भीतर जमा ऊर्जा को गर्मी के रूप में बाहर छोड़ देता है। ऊर्जा भंडारण क्षमता के मामले में भी यह तकनीक बेहद प्रभावशाली मानी जा रही है। जहां एक किलोग्राम लीथियम बैटरी लगभग 0.9 मेगाजूल ऊर्जा स्टोर कर सकती है वहीं समान मात्रा में यह नया मॉलिक्यूल करीब 1.6 मेगाजूल ऊर्जा सुरक्षित रखने में सक्षम है। यानी ऊर्जा घनत्व के मामले में यह पारंपरिक लीथियम बैटरियों से काफी बेहतर प्रदर्शन करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक व्यावसायिक स्तर पर सफल होती है तो सोलर ऊर्जा की सबसे बड़ी चुनौती का समाधान मिल सकता है। अभी सौर ऊर्जा का उपयोग मुख्य रूप से दिन के समय ही प्रभावी रहता है जबकि रात या बादलों के मौसम में ऊर्जा संग्रह के लिए महंगी बैटरियों की जरूरत पड़ती है। नई तकनीक इस समस्या को काफी हद तक दूर कर सकती है। भविष्य में इस मॉलिक्यूल का उपयोग तरल पदार्थ के रूप में सोलर कलेक्टर सिस्टम में किया जा सकता है। दिनभर यह सूर्य की ऊर्जा को सोखेगा और बाद में टैंकों में सुरक्षित रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर यही ऊर्जा घरों को गर्म रखने पानी गर्म करने या ऑफ ग्रिड हीटिंग सिस्टम में इस्तेमाल की जा सकेगी। कैंपिंग और दूरदराज के इलाकों में भी इसका उपयोग काफी उपयोगी साबित हो सकता है। इस तकनीक की एक और बड़ी खासियत इसका पर्यावरण अनुकूल होना है। शोधकर्ताओं के अनुसार इस मटेरियल को कई बार रिचार्ज और रीसायकल किया जा सकता है जिससे इसकी उपयोगिता लंबे समय तक बनी रहेगी। यदि आगे के परीक्षण और व्यावसायिक विकास सफल रहे तो आने वाले वर्षों में यह तकनीक स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला सकती है।
Gwalior police: ऑटो में छूटे 6 लाख के जेवर, ग्वालियर पुलिस ने घंटेभर में लौटाया सामान

Gwalior police: ग्वालियर। ग्वालियर पुलिस ने एक बार फिर अपनी तत्परता और हाईटेक पुलिसिंग का शानदार उदाहरण पेश किया है। शहर की कोतवाली थाना पुलिस ने ऑटो में छूटे करीब 6 लाख रुपए के सोने के गहने से भरे सूटकेस को महज एक घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर उसके मालिक को सौंप दिया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने शहरभर में लगे CCTV कैमरों, टाइम-मैपिंग और RTO रिकॉर्ड का प्रभावी इस्तेमाल किया। आज शनि प्रदोष व्रत, बन रहा दुर्लभ संयोग, जानिए पूजा का शुभ समय और मुहूर्त ऑटो में गलती से छूटा सामान शिवपुरी में रहने वाले राघवेंद्र रावत किसी निजी काम से ग्वालियर जा रहे थे। रेलवे स्टेशन जाने के लिए पहले उन्होंने ऑटो किया, लेकिन वहां पहुंचने के वे जल्दबाजी में बिना सूटकेस लिए ही ऑटो से निकल गए। कुछ देर बाद जब उन्हें सूटकेस छूटने का एहसास हुआ, तब तक ऑटो चालक वहां से जा चुका था। सूटकेस में करीब 6 लाख रुपए मूल्य के पुश्तैनी और नए सोने के आभूषण रखे हुए थे। सिर्फ परंपरा नहीं, विज्ञान भी था वजह! पुराने जमाने के घरों में छोटे दरवाजे बनाने का राज थाने पहुंचते ही पुलिस ने शुरू की त्वरित कार्रवाई घबराए राघवेंद्र रावत अपने परिजनों के साथ तत्काल कोतवाली थाने पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी विनोद विनायक करकरे ने बिना देरी किए एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने कंट्रोल रूम की सहायता से रेलवे स्टेशन से सराफा तिराहा तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गयी। टाइम-मैपिंग के जरिए उस ऑटो की पहचान की गई, जिसमें यात्री ने सफर किया था। इसके बाद ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर निकालकर RTO रिकॉर्ड से चालक का नाम, पता और मोबाइल नंबर निकला गया । Guru Gochar 2026: कर्क राशि में गुरु का गोचर, इन 4 राशियों के लिए बन सकते हैं धन लाभ के योग ऑटो चालक ने लौटाया सामान पुलिस के संपर्क करने पर ऑटो चालक तुरंत सूटकेस लेकर कोतवाली थाने पहुंच गया। राघवेंद्र रावत की मौजूदगी में सूटकेस खोलकर देखा गया तो उसमें रखे सभी सोने के आभूषण सुरक्षित मिले। आवश्यक सत्यापन और पंचनामा पूरा करने के बाद पुलिस ने पूरा सामान उसके असली मालिक को सौंप दिया।
पहले ही दिन छाई वेलकम टू द जंगल अक्षय कुमार की नई फिल्म ने ओपनिंग में मारी बाजी फिर भी नहीं थमी कॉकटेल 2 और मैं वापस आऊंगा की रफ्तार

नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर इस सप्ताह तीन फिल्मों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म वेलकम टू द जंगल ने रिलीज के पहले ही दिन शानदार कमाई कर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा दी है। फिल्म की जोरदार ओपनिंग ने अक्षय कुमार की हालिया रिलीज फिल्मों के शुरुआती रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि नई रिलीज के बावजूद कॉकटेल 2 और मैं वापस आऊंगा जैसी फिल्मों की कमाई पर बड़ा असर दिखाई नहीं दिया है और दोनों फिल्में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार वेलकम टू द जंगल ने रिलीज से पहले हुए पेड प्रीव्यू से 3.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके बाद पहले दिन फिल्म ने करीब 15 करोड़ रुपये की नेट कमाई दर्ज की। इस तरह फिल्म की कुल ओपनिंग 18.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 22.50 करोड़ रुपये रहा जबकि दुनियाभर में पहले दिन इसका ग्रॉस कलेक्शन करीब 29 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यह ओपनिंग अक्षय कुमार की पिछली फिल्मों भूत बंगला और जॉली एलएलबी 3 से बेहतर मानी जा रही है। फिल्म को दिनभर दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला और शाम के शो में ऑक्यूपेंसी में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। अब फिल्म की असली परीक्षा वीक डेज में होगी जहां यह तय होगा कि दर्शकों का उत्साह कितने समय तक बना रहता है। वेलकम फ्रेंचाइजी की इस नई फिल्म में अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी दिशा पाटनी जैकलीन फर्नांडीस रवीना टंडन लारा दत्ता परेश रावल अरशद वारसी तुषार कपूर श्रेयस तलपड़े आफताब शिवदासानी और जैकी श्रॉफ जैसे कई बड़े कलाकार नजर आ रहे हैं। बड़े स्टारकास्ट और कॉमेडी एंटरटेनमेंट के कारण फिल्म को देशभर में बड़ी संख्या में स्क्रीन और प्राइम टाइम शो मिले हैं। दूसरी ओर शाहिद कपूर कृति सेनन और रश्मिका मंदाना अभिनीत कॉकटेल 2 भी मजबूत प्रदर्शन कर रही है। पहले सप्ताह में शानदार कमाई करने के बाद दूसरे शुक्रवार को भी फिल्म ने लगभग 4.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कुल नेट कमाई करीब 74.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई जबकि दुनियाभर में इसका ग्रॉस कलेक्शन 114.67 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। फिल्म को मल्टीप्लेक्स दर्शकों का लगातार अच्छा समर्थन मिल रहा है और रोमांटिक ड्रामा पसंद करने वाले दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता बनी हुई है। इधर इम्तियाज अली की फिल्म मैं वापस आऊंगा भी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। तीसरे सप्ताह में प्रवेश करने के बाद भी फिल्म की कमाई स्थिर बनी हुई है। रिलीज के पंद्रहवें दिन फिल्म ने लगभग 2.85 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 44.85 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है जबकि दुनियाभर में इसकी कमाई 58.65 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। खास बात यह है कि नई रिलीज के बावजूद फिल्म पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ के दम पर यह लगातार दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल रही है। फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर वेलकम टू द जंगल ने शानदार शुरुआत जरूर की है लेकिन कॉकटेल 2 और मैं वापस आऊंगा की मजबूत पकड़ ने यह साफ कर दिया है कि दर्शकों के पास इस समय अलग अलग शैली की फिल्मों के कई विकल्प मौजूद हैं। आने वाला वीकेंड तीनों फिल्मों के लिए बेहद अहम साबित होगा।
1 जुलाई से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, आम जनता की जेब और रोजमर्रा पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली । जून का महीना (June Month) खत्म होने में अब चंद दिन बाकी हैं। हर बार की तरह इस बार भी नए महीने यानी जुलाई की शुरुआत कई बड़े बदलावों (Rule Change) के साथ होगी। इन बदलावों का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब दोनों पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं पहली तारीख से होने वाले 5 बड़े बदलावों के बारे में। एलपीजी सिलेंडर हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसलिए 1 जुलाई को भी घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में बदलाव देखने को मिल सकता है। हाल के दिनों में अमेरिका-ईरान तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर एलपीजी कीमतों पर भी देखने को मिला है। 1 जून को 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 53.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 3,113.50 रुपये हो गई थी। वहीं 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम भी बढ़े थे। हालांकि, 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया था। हवाई यात्राहर महीने ऑयल कंपनियां एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी संशोधन करती हैं। अगर ATF महंगा होता है तो एयरलाइंस की लागत बढ़ती है, जिसका असर यात्रियों के टिकट पर पड़ सकता है। वहीं यदि इसकी कीमत घटती है तो हवाई यात्रा का खर्च कम होने की संभावना रहती है। इसलिए 1 जुलाई को ATF की नई कीमतें भी यात्रियों के लिए अहम रहेंगी। रीगैलिया गोल्ड कार्ड अगर आप HDFC Bank Regalia Gold Credit Card इस्तेमाल करते हैं तो 1 जुलाई से आपके लिए नया नियम लागू होगा। बैंक के नए नियम के मुताबिक, घरेलू एयरपोर्ट लाउंज की फ्री सुविधा जारी रखने के लिए कार्डधारकों को पिछली तिमाही में कम से कम 60,000 रुपये खर्च करना होगा। यदि यह खर्च पूरा नहीं किया गया, तो अगली तिमाही में मुफ्त एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस का लाभ नहीं मिलेगा। ईमेल अपडेट1 जुलाई से आधार कार्ड धारकों के लिए भी एक राहत की खबर है। UIDAI ने घोषणा की है कि आधार में ईमेल आईडी अपडेट कराने की सुविधा अब मुफ्त दी जाएगी। यह सुविधा अगले 6 महीने, यानी दिसंबर तक उपलब्ध रहेगी। इससे पहले आधार में ईमेल अपडेट कराने के लिए 75 रुपये का शुल्क देना पड़ता था। कार खरीदना अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो 1 जुलाई से पहले फैसला करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। Kia Motors ने अपनी कारों की कीमतों में 2 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। वहीं, Tata Motors भी अपने ICE (Internal Combustion Engine) और Electric Vehicle (EV) मॉडल्स की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। इस बदलाव के बाद नई कार खरीदने वालों को पहले के मुकाबले अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
आज शनि प्रदोष व्रत, बन रहा दुर्लभ संयोग, जानिए पूजा का शुभ समय और मुहूर्त

नई दिल्ली। आज, 27 जून 2026 को शनि प्रदोष व्रत का विशेष और दुर्लभ संयोग बना है। शनिवार को पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि पर रखा जाने वाला यह व्रत धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की आराधना के साथ शनिदेव की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से शिव एवं शनिदेव दोनों की कृपा प्राप्त होती है। शनि प्रदोष व्रत का महत्वहिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब यह तिथि शनिवार को आती है, तब इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है और इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव और उनके परिवार की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, दीर्घायु और मानसिक शांति का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या अन्य अशुभ प्रभावों से राहत मिलने की भी मान्यता है। पूजा का शुभ मुहूर्तप्रदोष व्रत में प्रदोष काल को सबसे शुभ समय माना गया है। आज 27 जून 2026 को प्रदोष काल शाम 7:04 बजे से रात 9:06 बजे तक रहेगा। इसी अवधि में भगवान शिव की पूजा करना सर्वाधिक फलदायी माना गया है। इसके अलावा दिन का अभिजित मुहूर्त दोपहर 1:21 बजे से 2:26 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है। पूजा की विधिव्रत के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूरे दिन उपवास का संकल्प लें। प्रदोष काल में सबसे पहले शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें। पूजा के दौरान भगवान शिव को सफेद चंदन, सफेद पुष्प, भांग, धतूरा, अक्षत और शमी पत्र अर्पित करें। चूंकि यह शनि प्रदोष है, इसलिए शमी पत्र का विशेष महत्व माना गया है। इसके बाद भगवान गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय और नंदी महाराज का स्मरण करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ मंत्र का जप करें। अंत में भगवान शिव की आरती कर घर में बनी शुद्ध खीर का भोग अर्पित करें। व्रत पारण का समयशनि प्रदोष व्रत का पारण अगले दिन 28 जून 2026 को सूर्योदय के बाद किया जाएगा। श्रद्धालु सुबह 5:49 बजे के बाद व्रत का पारण कर सकते हैं। विशेष उपायधन-समृद्धि की कामना रखने वाले श्रद्धालु प्रदोष काल में दूध में केसर मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। वहीं परिवार की सुख-शांति और कष्टों से मुक्ति के लिए जौ के आटे की रोटियां बनाकर गाय के बछड़े को खिलाना शुभ और फलदायी माना गया है।
एमपी में मानसून की रफ्तार थमी, एंट्री के बाद ठहरा, 43 जिलों में आज बारिश की चेतावनी

भोपाल। मध्य प्रदेश में 24 जून को दक्षिण-पूर्वी हिस्से के 15 जिलों में दस्तक देने के बाद मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। पिछले तीन दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ा है और मौसम विभाग के अनुसार इसके अगले 2 से 3 दिन तक भी इसी स्थिति में रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनने पर मानसून सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग में आगे बढ़ेगा, जबकि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इसकी एंट्री सबसे आखिर में होगी। 24 जून को मानसून के प्रदेश में प्रवेश के साथ आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में इसके पहुंचने की घोषणा की गई थी। इसके बाद से मानसून की प्रगति रुकी हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना जताई है। आज 43 जिलों में बारिश के आसारशनिवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर में बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। शुक्रवार को कई जिलों में झमाझम बारिशशुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई। शाजापुर जिले के शुजालपुर, अकोदिया और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जबकि उज्जैन में डेढ़ इंच से अधिक पानी बरसा। इसके अलावा दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर समेत कई जिलों में भी आंधी और बारिश का असर रहा। तापमान में आई गिरावटबारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। खरगोन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा खंडवा में 30.1, सागर में 31.1, छिंदवाड़ा में 31.8, बैतूल में 32.7, सिवनी और उमरिया में 33.2, धार में 33.4 तथा नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल और इंदौर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के आंकड़ों में सुधारपिछले 72 घंटे से प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार बारिश होने से वर्षा के आंकड़ों में सुधार दर्ज किया गया है। कई स्थानों पर 4 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 99 मिमी (करीब 4 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 58.5 मिमी (करीब 2.1 इंच) वर्षा हुई है। यह सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, यानी हालिया बारिश से करीब 9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। फिलहाल प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 68 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।