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MP: मैहर के इस गांव में कुएं में गिरे बैल को बचाने की कोशिश में 3 लोगों की मौत, एक गंभीर

मैहर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मैहर जिले (Maihar district) के अमरपाटन थाना (Amarpatan Police Station) क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां के ग्राम खरामसेड़ा (Village Kharamseda) के अहिरान टोला में शुक्रवार की रात कुएं में गिरे एक बैल की जान बचाने के चक्कर में तीन घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए। दरअसल बैल को बाहर निकालने की कोशिश में चार ग्रामीण एक-एक कर कुएं की गहराई में उतरे, लेकिन भीतर मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की भारी कमी के चलते चारों अचेत हो गए। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि एक की हालत नाजुक बनी हुई है। इस हादसे की शुरुआत शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे उस वक्त हुई, जब गांव के रामनिवास कुशवाहा के घर के पास बने करीब 35 फीट गहरे कुएं में अचानक एक बैल गिर गया। बैल को कुएं में तड़पता देख गांव के दो युवक उसे सुरक्षित बाहर निकालने की नीयत से रस्सी के सहारे गहराई में उतरे और कुएं की तली में पहुंचते ही ऑक्सीजन ना मिल पाने के कारण दोनों का दम घुटने लगा और कुछ ही देर में ऊपर खड़े लोगों को उनकी आवाज आना बंद हो गई। उन्हें अचेत होते देख, बाहर खड़े दो अन्य ग्रामीण भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उन्हें बचाने के लिए फौरन कुएं में कूद गए, लेकिन अफसोस वे भी उसी जहरीली हवा की चपेट में आकर वहीं निढाल हो गए। रस्सियों और कांटों के सहारे ग्रामीणों ने किया रेस्क्यूचार लोगों के नीचे उतरने के बाद भी जब काफी देर तक जब कुएं के भीतर से कोई हलचल नहीं हुई और किसी की आवाज बाहर नहीं आई, तो कुएं के मुहाने पर खड़े ग्रामीणों के होश उड़ गए और किसी अनहोनी की आशंका से वहां चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए खुद ही बचाव अभियान शुरू किया। रस्सियों, हुक और कांटों के सहारे चारों अचेत लोगों को भारी मशक्कत के बाद एक-एक कर कुएं से बाहर निकाला गया। इसी बीच डायल-112 पुलिस को भी सूचना दी गई। रात करीब 9 बजे सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों को तत्काल सिविल अस्पताल अमरपाटन ले जाया गया। अस्पताल पहुंचते ही तीन को मृत घोषित कियाअमरपाटन सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तीन ग्रामीणों को मृत घोषित कर दिया, जिससे अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। मृतकों की पहचान कृष्ण कुमार यादव (28 वर्ष) पिता रामदास यादव, वीरेंद्र यादव (47 वर्ष) पिता जगदीश यादव और राहुल यादव (34 वर्ष) पिता मोतीलाल यादव के रूप में हुई है। ये तीनों मृतक अहिरान टोला, खरमसेड़ा के ही रहने वाले थे। वहीं, चौथे ग्रामीण रामचंद्र यादव की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका डॉक्टरों की देखरेख में आईसीयू में इलाज जारी है। कुएं में भरा था घुटनों तक पानी, पीएम रिपोर्ट का इंतजारबताया जा रहा है कि कुआं लगभग 35 फीट गहरा है, जिसमें घुटनों तक पानी भरा हुआ था। लेकिन लंबे समय से बंद रहने या हवा का प्रवाह न होने के कारण कुएं के निचले हिस्से में जानलेवा कार्बन मोनोऑक्साइड या अन्य जहरीली गैसें जमा हो गई थीं। अमरपाटन एसडीओपी ख्याति मिश्रा ने बताया कि ‘रामनिवास कुशवाहा के कुएं में एक बैल गिर गया था, जिसे बचाने के लिए चार लोग नीचे उतरे थे। समय पर वापस नहीं आने पर ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां तीन लोगों की मौत हो चुकी है और एक का इलाज जारी है। प्रथम दृष्टया मामला दम घुटने का लग रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम (पीएम) रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।’

Datia Assembly By Election: कांग्रेस की आज अहम बैठक, प्रत्याशी के नाम पर लग सकती है मुहर

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Datia Assembly By Election: मध्यप्रदेश। दतिया विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव की तैयारियां तेज हो गयी है। कांग्रेस पार्टी के कई दिग्गज नेता अपनी दावेदारी हासिल करने में जुटे हुए हैं इसी कड़ी में आज पार्टी की ओर से दतिया के मोटल होटल में महत्वपूर्ण कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक में चुनावी रणनीति के साथ-साथ प्रत्याशी के नाम पर भी अंतिम फैसला हो सकता है। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और सांसद अशोक सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। पहले यह सम्मेलन गुरुवार को होने वाला था, लेकिन वरिष्ठ नेताओं की उपलब्धता को देखते हुए इसकी तारीख बदल दी गई। COACHING CENTRE BANNED: मुरैना में कोचिंग सेंटरों पर छापा,80% संस्थानों में नहीं मिलीं जरूरी सुविधाएं कई नेताओं ने ठोकी है दावेदारी दतिया सीट से कांग्रेस टिकट के लिए कई नेता मैदान में हैं। इनमें पूर्व विधायक घनश्याम सिंह, पूर्व राज्य मंत्री अवधेश नायक, राजेंद्र भारती के परिवार, जिलाध्यक्ष अशोक दांगी बगदा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष अजय शुक्ला के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। Gwalior love jihad case: पहले बंटी कुशवाह, फिर निकला बंटी खान! पहचान छिपकर की शादी, फिर बेचने की कोशिश 2023 का टिकट विवाद फिर चर्चा में पार्टी के अंदर 2023 विधानसभा चुनाव का टिकट विवाद भी चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक हलकों में माना जाता है कि उस समय अवधेश नायक का टिकट अंतिम समय में कट गया था और राजेंद्र भारती को उम्मीदवार बनाया गया था। इसी वजह से इस बार टिकट को लेकर अंदरूनी खींचतान तेज बताई जा रही है। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर फैली अफवाहों को सरकार ने बताया गलत, 10 बिंदुओं में दी सफाई कई वरिष्ठ नेता रहेंगे मौजूद बैठक में विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह, सांसद अशोक सिंह, जिला संगठन प्रभारी रामलखन दंडौतिया और विधानसभा प्रभारी दशरथ गुर्जर समेत कई पदाधिकारी भी शामिल होंगे। पार्टी नेतृत्व ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सुबह 10:30 बजे मोटल होटल पहुंचने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि बैठक के बाद कांग्रेस दतिया उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है।

पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ की जयपुर में हुई एंजियोप्लास्टी…. ब्लड ग्रुप को लेकर बड़ी चूक

जयपुर। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Former Vice President Jagdeep Dhankhar) शुक्रवार को स्वास्थ्य जांच (Health Check-up) के लिए जयपुर पहुंचे, जहां निजी अस्पताल में उनकी सफल एंजियोप्लास्टी (Angioplasty) की गई। लेकिन इस पूरे मेडिकल प्रोटोकॉल के बीच एक ऐसी चूक सामने आई, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। धनखड़ के लिए रिजर्व रखे जाने वाले ब्लड ग्रुप को लेकर जयपुर CMHO कार्यालय से बड़ी गलती हो गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते यह त्रुटि पकड़ में आ गई और संशोधित पत्र जारी कर स्थिति संभाल ली गई। ब्लड ग्रुप की गलती से मचा हड़कंपपूर्व उपराष्ट्रपति के जयपुर दौरे को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से विशेष मेडिकल प्रोटोकॉल लागू किया गया था। उनके निजी सचिव की ओर से भेजे गए आधिकारिक प्रोटोकॉल लेटर में स्पष्ट रूप से A पॉजिटिव ब्लड ग्रुप रिजर्व रखने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन जयपुर CMHO कार्यालय ने SMS अस्पताल प्रशासन को जो पत्र भेजा, उसमें गलती से O नेगेटिव ब्लड ग्रुप रिजर्व रखने का उल्लेख कर दिया। मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई। अधिकारियों ने तत्काल पत्र में सुधार कराया और संशोधित निर्देश SMS अस्पताल को भेजे गए। यदि यह गलती समय रहते नहीं पकड़ी जाती तो गंभीर स्थिति पैदा हो सकती थी। CMHO बोले- टाइपिंग मिस्टेक थीजयपुर CMHO डॉ. रवि शेखावत ने इस पूरे मामले को टाइपिंग की त्रुटि बताया। उन्होंने कहा कि O नेगेटिव ब्लड ग्रुप पूर्व उपराष्ट्रपति की पत्नी का है, जो गलती से धनखड़ के नाम के सामने दर्ज हो गया। जैसे ही यह त्रुटि सामने आई, तुरंत उसे ठीक कर नया पत्र जारी कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में किसी तरह की चिकित्सा प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई। एयरपोर्ट से सीधे अस्पताल पहुंचे धनखड़पूर्व उपराष्ट्रपति शुक्रवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से सीधे जवाहर सर्किल स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में उन्हें प्रारंभिक जांच के लिए भर्ती किया गया, जहां विभिन्न कार्डियक और रूटीन मेडिकल टेस्ट किए गए। चिकित्सकों की सलाह के बाद दोपहर में उनकी एंजियोग्राफी की गई और इसके बाद एंजियोप्लास्टी का निर्णय लिया गया। सूत्रों के अनुसार, धनखड़ के हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज मिलने के बाद दो स्टेंट लगाए गए। पूरा कार्डियक प्रोसीजर वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीन के. शर्मा की निगरानी में संपन्न हुआ। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी स्थिति स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। राजनीतिक नेताओं ने भी जाना हालचालपूर्व उपराष्ट्रपति के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलते ही राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर धनखड़ से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। पहले भी हो चुका है कार्डियक उपचारयह पहला मौका नहीं है जब जगदीप धनखड़ को हृदय संबंधी उपचार कराना पड़ा हो। इससे पहले मार्च 2025 में भी उन्हें हृदय संबंधी समस्या के चलते नई दिल्ली स्थित AIIMS में भर्ती कराया गया था, जहां उनका कार्डियक प्रोसीजर किया गया था। वहीं 12 जनवरी 2025 को अचानक तबीयत बिगड़ने और बेहोशी की शिकायत के बाद भी उन्हें AIIMS में भर्ती कर MRI सहित कई महत्वपूर्ण जांचें कराई गई थीं। चिकित्सकों की सलाह पर वे नियमित कार्डियक फॉलो-अप कराते रहे हैं। 5 जुलाई को दिल्ली लौटेंगेमेडिकल प्रक्रिया के बाद धनखड़ फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में जयपुर में ही रहेंगे। उनके कार्यक्रम के अनुसार वे 3 और 4 जुलाई को जयपुर में रुकेंगे। इस दौरान उनका ठहराव लोकभवन में प्रस्तावित है। स्वास्थ्य में सुधार होने पर वे 5 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। एक गलती जिसने खड़े कर दिए बड़े सवालपूर्व उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति के मेडिकल प्रोटोकॉल में ब्लड ग्रुप जैसी बुनियादी जानकारी का गलत दर्ज होना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि अधिकारियों ने इसे महज टाइपिंग मिस्टेक बताया और समय रहते सुधार भी कर लिया, लेकिन इस घटना ने यह जरूर दिखा दिया कि वीवीआईपी प्रोटोकॉल में छोटी सी लापरवाही भी बड़े जोखिम का कारण बन सकती है। फिलहाल राहत की बात यह है कि धनखड़ की एंजियोप्लास्टी सफल रही है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

केतन हत्याकांड में जांच तेज, दूसरा मोबाइल बरामद गवाहों के बयान से बढ़ीं सिया और चेतन की मुश्किलें

नई दिल्ली। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पुलिस का दावा है कि अब उसके पास ऐसे अहम सबूत मौजूद हैं जो इस मामले को और मजबूत बना रहे हैं। जांच के दौरान दूसरा मोबाइल फोन बरामद किया गया है जबकि कुछ महत्वपूर्ण गवाह भी सामने आए हैं। इन नए साक्ष्यों के बाद पुलिस का कहना है कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं कि केतन अग्रवाल की मौत हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है। बरामद किए गए दूसरे मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि दोनों आरोपियों के बीच हुई बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि केतन अग्रवाल ने सिया गोयल को कितनी आर्थिक मदद दी थी और दोनों के बीच पैसों का लेनदेन किस स्तर तक हुआ था। इस संबंध में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। इसी बीच पुणे की अदालत ने दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया था। अभियोजन पक्ष ने तीन दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड की मांग करते हुए दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल फोन से कोड भाषा में हुई बातचीत मिली है जिसका पूरा अर्थ समझने और साजिश के अन्य पहलुओं का खुलासा करने के लिए आगे पूछताछ जरूरी है। हालांकि अदालत ने यह मांग खारिज करते हुए दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस का आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर उसकी हत्या की गई थी। शुरुआत में इस घटना को दुर्घटना बताया गया था लेकिन जांच के दौरान मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और आरोपियों के बदलते बयानों ने हत्या की आशंका को मजबूत कर दिया। इसी आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। जांच एजेंसियों ने लोहागढ़ किले और आसपास के सभी महत्वपूर्ण स्थानों का दोबारा निरीक्षण किया। घटनास्थल का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया और मुख्य आरोपी सिया गोयल को भी उन स्थानों पर ले जाकर घटनाक्रम की पुष्टि करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने घटना वाले दिन पहने गए सिया के कपड़ों को भी जब्त कर लिया है जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा उन स्थानों की भी जांच की गई जहां सिया और चेतन के एक साथ जाने की जानकारी सामने आई है। जांच अधिकारियों को संदेह है कि दोनों ने हत्या की योजना पहले से बनाई थी और संभव है कि अलग अलग स्थानों पर उसका पूर्वाभ्यास भी किया गया हो। पुलिस ने सिया गोयल के लोनावला स्थित घर की भी तलाशी ली है जहां से कुछ अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी भी कर रही हैं क्योंकि पूछताछ के दौरान उनके बयानों में कई विरोधाभास सामने आए हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह परीक्षण कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि गवाहों के बयान डिजिटल साक्ष्य फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी प्रमाणों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां तेजी से जुड़ रही हैं और जांच अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।

विवादों के बाद आखिरकार OTT पर आई 'सतलुज', दिलजीत दोसांझ का भावुक संदेश- फिल्म बिना किसी कट के रिलीज हुई

नई दिल्ली। पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की लंबे समय से चर्चा में रही फिल्म सतलुज आखिरकार दर्शकों के बीच पहुंच गई है। पहले पंजाब 95 के नाम से चर्चित रही इस फिल्म को सेंसर बोर्ड के साथ लंबी कानूनी प्रक्रिया और विवादों के बाद नया शीर्षक दिया गया। शुक्रवार को फिल्म को चुपचाप ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज कर दिया गया। खास बात यह रही कि फिल्म अपने मूल स्वरूप में बिना किसी कट के स्ट्रीम की गई जिससे इसके निर्माता और कलाकारों की लंबे समय से चली आ रही कोशिश सफल होती नजर आई। फिल्म की रिलीज के साथ ही दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा कर अपने प्रशंसकों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि यह फिल्म केवल उनकी टीम की नहीं बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने पूरे सफर में प्रार्थनाओं और समर्थन के जरिए उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान उन्हें अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर अडिग रहने की ताकत मिली और आखिरकार फिल्म उसी रूप में दर्शकों तक पहुंची जैसी इसे बनाया गया था। दिलजीत ने यह भी बताया कि फिल्म का मूल शीर्षक उन्हें नहीं मिल सका इसलिए अब इसे सतलुज नाम से रिलीज किया गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल नाम बदला है जबकि फिल्म की कहानी और प्रस्तुति में किसी तरह का समझौता नहीं किया गया। अभिनेता ने कहा कि उन्होंने पहले ही दर्शकों से वादा किया था कि फिल्म को उसके वास्तविक स्वरूप में ही रिलीज किया जाएगा और ऐसा ही हुआ। यह फिल्म प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। कहानी उस दौर को सामने लाती है जब पंजाब में उग्रवाद के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के मामलों को उजागर करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए खालरा ने लंबा संघर्ष किया था। फिल्म में उनके साहस संघर्ष और सच्चाई के लिए चुकाई गई व्यक्तिगत कीमत को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है जबकि निर्माण RSVP और मैकगफिन पिक्चर्स ने किया है। दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल कंवलजीत सिंह सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओह्ल्यान ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। दमदार कलाकारों और संवेदनशील विषय के कारण फिल्म पहले से ही दर्शकों और समीक्षकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई थी। लंबे इंतजार और विवादों के बाद रिलीज हुई सतलुज अब उन दर्शकों तक पहुंच चुकी है जो काफी समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहे थे। फिल्म की रिलीज के साथ यह भी साफ हो गया कि टीम ने अपनी मूल रचनात्मक सोच को बरकरार रखते हुए इसे दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की है।

COACHING CENTRE BANNED: मुरैना में कोचिंग सेंटरों पर छापा,80% संस्थानों में नहीं मिलीं जरूरी सुविधाएं

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HIGHLIGHTS: जांच से मचा हड़कंप 80% सेंटरों में खामियां 3-4 दिन का अल्टीमेटम बेसमेंट कोचिंग रडार पर सरकारी शिक्षकों पर सवाल   COACHING CENTRE BANNED: मध्यप्रदेश। मुरैना में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कोचिंग सेंटर पर कार्रवाई करते हुए कईं संस्थानों को बंद कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के पहुंचते ही कई कोचिंग संचालक अपनी क्लास बंद कर भाग निकले। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि शहर के लगभग 80 प्रतिशत कोचिंग संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं ही उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते संबंधित संचालकों को 3 से 4 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। Gwalior love jihad case: पहले बंटी कुशवाह, फिर निकला बंटी खान! पहचान छिपकर की शादी, फिर बेचने की कोशिश इन सुविधाओं को फॉलो करना जरुरी शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी कोचिंग संस्थानों में सुरक्षित प्रवेश और निकास मार्ग, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त रोशनी, वेंटिलेशन और अन्य मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होंगी। विभाग ने खासतौर पर बेसमेंट में संचालित कोचिंग संस्थानों को भी चेतावनी दी है कि तय समय के भीतर सभी मानकों का पालन नहीं किया गया तो उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर फैली अफवाहों को सरकार ने बताया गलत, 10 बिंदुओं में दी सफाई पहले कोचिंग में पढ़ते हैं, फिर स्कूल जाते हैं शिक्षक निरीक्षण के दौरान कुछ कोचिंग शिक्षकों ने एक और अहम मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि कई सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक सुबह 7 से 10 बजे तक निजी कोचिंग में पढ़ाने के बाद स्कूल पहुंचते हैं। उन्होंने मांग की कि यदि कोचिंग संस्थानों पर नियम लागू किए जा रहे हैं तो ऐसे सरकारी शिक्षकों की भी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। दोबारा होगा निरीक्षण शिक्षा विभाग ने सभी कोचिंग संचालकों को चेतावनी दी है कि तय समय सीमा पूरी होने के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी संस्थान में फिर भी नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एमपी में मानसून सक्रिय, 19 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, बड़वानी-खंडवा में रेड वार्निंग भोपाल में भी किया बैन बता दें कि इससे पहले एमपी ककी राजधानी भोपाल में भी कई कोचिंग सेंटरों को बैन किया गया है। जिनमें एमपी नगर स्थित अनअकेडमी और दुर्रानी कोचिंग संस्थान का नाम शामिल है। दोनों संस्थानों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां मिलने के बाद पहले नोटिस दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई।

Gwalior love jihad case: पहले बंटी कुशवाह, फिर निकला बंटी खान! पहचान छिपकर की शादी, फिर बेचने की कोशिश

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Gwalior love jihad case: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में एक युवक ने अपनी पहचान छिपकर महिला को बहलाया शादी कर ली और इसके बाद जो हुआ उस घटना ने सबको हैरान कर दिया। मामले को लेकर शुक्रवार रात ग्वालियर थाने में जमकर हंगामा हुआ। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ता महिला को साथ लेकर थाने पहुंचे और इंसाफ की मांग करते हुए थाने के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर फैली अफवाहों को सरकार ने बताया गलत, 10 बिंदुओं में दी सफाई पहले दोस्ती, फिर प्यार और शादी महिला का कहना है कि करीब 12 साल पहले जब वह नाबालिग थी, उसकी मुलाकात तानसेन मकबरा परिसर में एक युवक से हुई थी। युवक ने अपना नाम बंटी कुशवाह बताया था। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। महिला का आरोप है कि इसके बाद दोनों ने मंदिर में शादी कर ली। महिला के मुताबिक, शादी के करीब तीन साल बाद उसे पता चला कि युवक का असली नाम बंटी खान है। उसने आरोप लगाया कि युवक पहले से शादीशुदा है और उसके चार बच्चे भी हैं। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी के परिजनों ने उसे समझाकर वहीं रहने के लिए मना लिया। महिला को बेचने की साजिश महिला का आरोप है कि पिछले कुछ समय से आरोपी उसे किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने की योजना बना रहा था। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। परेशान होकर उसने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। 30 जुलाई से शुरू होगा सावन का पावन महीना, जानिए कब पड़ेंगे चारों सावन सोमवार थाने के बाहर हुआ प्रदर्शन शुक्रवार रात बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता महिला को लेकर ग्वालियर थाने पहुंचे। उन्होंने मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की और विरोध स्वरूप थाने के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि महिला के आरोप बेहद गंभीर हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस ने शुरू की जांच मामले की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला और संगठन के प्रतिनिधियों से बातचीत की। पुलिस का कहना है कि शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कैम्ब्रिजशायर में मंदिर के लिए हिंदूओं को नहीं दी जमीन, चर्च और मुस्लिम ग्रुप को कर दिया आवंटन

नई दिल्‍ली । ब्रिटेन के कैम्ब्रिजशायर स्थित नए शहर नॉर्थस्टोव में अपना पहला पूजा स्थल बनाने की कोशिश कर रहे ब्रिटिश हिंदुओं को तगड़ा झटका लगा है। स्थानीय काउंसिल ने एक जमीन के टुकड़े को हिंदू चैरिटी को देने के बजाय एक चर्च और मुस्लिम ग्रुप को आवंटित कर दिया है। यह फैसला सामने आने के बाद इलाके में रहने वाले करीब 150 हिंदू परिवारों में काफी निराशा है। क्या है पूरा मामला?साउथ कैम्ब्रिजशायर डिस्ट्रिक्ट काउंसिल ने 0.25 हेक्टेयर जमीन को 999 साल के लिए ‘नॉर्थस्टोव चर्च नेटवर्क’ (NCN) को लीज पर दे दिया है। इसके लिए उन्हें सिर्फ नाममात्र का किराया चुकाना होगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय निवासियों द्वारा बनाए गए ‘हिंदू समाज नॉर्थस्टोव’ (HSN) ने भी इस जमीन के लिए बोली लगाई थी। उन्होंने यहां एक मंदिर के साथ-साथ ‘सर्वधर्म’ और वेलबीइंग सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, बोलियों का आकलन करने वाले काउंसिल के अधिकारियों ने HSN के प्रस्ताव को 65% और NCN के प्रस्ताव को 81% अंक दिए, जिसके कारण जमीन चर्च नेटवर्क को मिल गई। मुस्लिम ग्रुप कैसे बना हिस्सेदार?नॉर्थस्टोव चर्च नेटवर्क (NCN) के प्रस्ताव में नॉर्थस्टोव के मुसलमानों को मुख्य किरायेदार (एंकर टेनेंट) के रूप में शामिल किया गया था। इस प्रस्ताव में उनके लिए एक अलग इस्लामिक प्रार्थना कक्ष और शिक्षा केंद्र बनाने की बात शामिल है। नॉर्थस्टोव मुस्लिम ग्रुप के अध्यक्ष नवाश ने बताया कि शहर में लगभग 200 मुस्लिम हैं, जिन्हें दिन में पांच बार नमाज पढ़ने के लिए एक स्थायी जगह की जरूरत थी, क्योंकि कम्युनिटी स्पेस इतने लंबे समय तक खुले नहीं रहते। यही वजह है कि उन्होंने एंकर टेनेंट के तौर पर आवेदन किया था। वहीं, NCN के प्रवक्ता का कहना है कि स्थानीय समुदायों और आस्था समूहों को भी जगह किराए पर लेने की अनुमति दी जाएगी। हिंदू परिवारों की क्या है परेशानी?कैम्ब्रिजशायर में कई चर्च और मस्जिदें हैं, लेकिन एक भी हिंदू मंदिर नहीं है। हिंदुओं को पूजा करने के लिए दो घंटे का सफर तय करके बर्मिंघम या वेम्बली जाना पड़ता है। वे रात भर के लिए कम्युनिटी स्पेस किराए पर नहीं ले सकते, जिससे गणपति जैसे त्योहार मनाना मुश्किल हो जाता है। हालात ये हैं कि भगवान की मूर्तियों को कैरी बैग में रखकर गैराज में रखना पड़ता है। जगह-जगह ले जाने के कारण कई मूर्तियां खंडित भी हो गई हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर से यूके गए अभिषेक श्रीवास्तव कहते हैं कि उन्हें कभी-कभी लगता है कि यूके आकर उन्होंने गलती कर दी, क्योंकि उनके 9 और 12 साल के बच्चे हिंदू त्योहारों में हिस्सा नहीं ले पाते। वहीं, 16 साल की इवा का कहना है कि उसने कभी रात भर शिवरात्रि नहीं मनाई और न ही कभी ‘हवन’ देखा है। वह कहती हैं, “मैं अक्सर भारत में अपने चचेरे भाई-बहनों को त्योहार मनाते देखती हूं। मेरी पीढ़ी यहां अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत से पूरी तरह अलग हो रही है।” हिंदू चैरिटी ने उठाए प्रक्रिया पर सवालHSN की अध्यक्ष अपर्णा निगम-सक्सेना ने फैसले पर निराशा जताते हुए पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ अपील करने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, ‘वित्तीय ट्रैक रिकॉर्ड’ की कमी सहित कई कारणों से HSN की बोली के अंक काट लिए गए थे। अपर्णा ने कहा कि उन्हें पता ही नहीं था कि यह एक महत्वपूर्ण कारक है। अगर काउंसिल को आर्किटेक्ट से तैयार कोटेशन चाहिए थे, तो उन्हें इसके लिए दिशानिर्देश देने चाहिए थे। दूसरी ओर, काउंसिलर डॉ. लिसा रेड्रुप ने फैसले का बचाव करते हुए कहा, “बोलियों का आकलन स्पष्ट मानदंडों के आधार पर किया गया था, जो सभी के लिए उपलब्ध थे। आवेदकों को अपने प्रोजेक्ट की जरूरत और अपनी धार्मिक प्रथाओं से जुड़ी बातों को स्पष्ट करना था।”

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर सियासत तेज, अखिलेश यादव ने AI वीडियो शेयर कर BJP पर साधा निशाना

नई दिल्‍ली । अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. इस बार उन्होंने सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम का 4 मिनट 40 सेकेंड का AI वीडियो शेयर किया और सवाल किया, “क्या फिर चले गए वनवास?” इस वीडियो के जरिए मंदिर में हुई चोरी और उससे जुड़े घटनाक्रम को प्रतीकात्मक अंदाज में दिखाया गया है. अखिलेश यादव ने जो वीडियो शेयर किया है, वह सिर्फ एक गाना नहीं बल्कि एक सिनेमैटिक प्रस्तुति है. इसकी शुरुआत सूनी और शांत अयोध्या से होती है. इसके बाद मंदिर के अंदर भगवान श्रीराम की AI से बनाई गई आकृति दिखाई देती है. पूरे वीडियो में माहौल गंभीर रखा गया है, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि मंदिर में हुई घटना से अयोध्या का वातावरण बदल गया है. क्या फिर से चले गये वनवास? pic.twitter.com/qb6ac3q1xY — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 3, 2026 वीडियो के अगले हिस्से में मंदिर का वो कोना दिखता है जहां चोरी हुई. विजुअल्स में एक बड़ा दानपात्र और आसपास का सामान नजर आता है. गाना आगे बढ़ने पर अयोध्या के लोग और साधु-संत हाथ जोड़े खड़े दिखाई देते हैं, और प्रभु राम नगरी की सीमा की तरफ बढ़ते हैं. कुल मिलाकर अखिलेश यादव ने इस पूरे वीडियो और भजन के माध्यम से धर्म के नाम पर सरकार को आड़े हाथों लिया है. बता दें कि अबतक इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की टीमों ने अनुकल्प मिश्रा समेत सभी सात आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की. करीब डेढ़ से ढाई घंटे चली इस कार्रवाई में अलमारियों और बक्सों का कोना-कोना छाना गया. जांच में सामने आया है कि आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने अपने घर पर सात दिनों की भव्य रामकथा का आयोजन कराया था, जिस पर 50 लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए थे. इस आयोजन के एक वीडियो में चंपत राय भी मौजूद दिख रहे हैं. यह पूरा मामला 5 जून 2026 को तब सामने आया था, जब राम मंदिर परिसर में रूटीन चेकिंग के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने कुछ कर्मचारियों की जेब से नकदी बरामद की. इसके बाद 7 जून को जब यह बात पब्लिक हुई, तो अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस गबन का मुद्दा उठाकर जांच की मांग की. विपक्ष के दबाव और लोगों के गुस्से को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जून 2026 को इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया. फिलहाल मामले की जांच तेज है. प्रशासन लगातार सभी आरोपियों की अवैध संपत्तियों और सबूतों को जुटाने में लगा है, ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके.

पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर फैली अफवाहों को सरकार ने बताया गलत, 10 बिंदुओं में दी सफाई

नई दिल्ली। पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल (E20) मिश्रण को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों पर सरकार ने विस्तृत सफाई दी है। कई पोस्टों में इंजन खराब होने, माइलेज घटने और बीमा रद्द होने जैसे दावे किए जा रहे थे, जिन्हें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पूरी तरह भ्रामक बताया है। मंत्रालय के अनुसार, E20 कार्यक्रम वैज्ञानिक शोध और कई देशों के लंबे अनुभव पर आधारित है। सरकार ने कहा कि वाहन मालिकों को किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह ईंधन मानकों के अनुरूप सुरक्षित है। सरकार ने 10 बिंदुओं में दी स्पष्ट जानकारीसरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलतफहमियों का जवाब देते हुए कई अहम तथ्य सामने रखे:- – एक लीटर एथेनॉल उत्पादन में 10,000 लीटर पानी लगने का दावा गलत है। सरकार के अनुसार, उत्पादन प्रक्रिया में केवल 3 से 5 लीटर प्रोसेस्ड पानी की आवश्यकता होती है और कई प्लांट जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक से काम करते हैं। – E20 कोई नया प्रयोग नहीं है, बल्कि इसका उपयोग अमेरिका, ब्राजील, कनाडा, जापान, थाईलैंड और कई यूरोपीय देशों में लंबे समय से किया जा रहा है। – इंजन खराब होने का दावा गलत है। ARAI और अन्य संस्थाओं के अध्ययन में E20 से इंजन पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया है, हालांकि पुराने वाहनों में कुछ रबर पार्ट्स बदलने की आवश्यकता हो सकती है। – परीक्षणों में केवल मामूली माइलेज बदलाव देखा गया है, जिससे वाहन की सामान्य कार्यक्षमता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता। – E20 के लिए डिजाइन या स्वीकृत वाहनों की वारंटी और बीमा पर कोई असर नहीं पड़ता। – फ्यूल ग्रेड एथेनॉल में चीनी नहीं होती और इसमें डिनैचुरेंट मिलाए जाते हैं, जिससे पेट्रोल की गंध हावी रहती है। इसलिए चींटियों या मधुमक्खियों के आकर्षित होने का दावा गलत है। – अदालत में E20 कार्यक्रम की वैधता पर नहीं, बल्कि एथेनॉल खरीद अनुबंधों से जुड़े मामलों पर सुनवाई हो रही थी। – आधुनिक वाहनों और पेट्रोल पंपों की संरचना ऐसी है कि फ्यूल टैंक में पानी जाने की संभावना न्यूनतम रहती है। – सोशल मीडिया पर वायरल ‘रस मिलाने’ वाला वीडियो फर्जी बताया गया है। मंत्रालय के अनुसार एथेनॉल औद्योगिक मानकों के तहत ही तैयार होता है। – सरकार का दावा है कि एथेनॉल मिश्रण से अब तक 1.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बची है, किसानों को 1.6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की आय मिली है, कच्चे तेल के आयात में 310 लाख मीट्रिक टन की कमी आई है और प्रदूषण में भी गिरावट दर्ज की गई है।