दरिद्रता दूर कर समृद्धि दिलाने वाली गरुड़ पुराण की 5 आदतें जिन्हें अपनाकर जीवन में आएगा सकारात्मक बदलाव

नई दिल्ली। सनातन धर्म के प्रमुख ग्रंथों में शामिल गरुड़ पुराण केवल मृत्यु और परलोक से जुड़े विषयों तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें सफल और संतुलित जीवन जीने के अनेक व्यवहारिक सूत्र भी बताए गए हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार मनुष्य के आचरण विचार और दैनिक दिनचर्या का सीधा प्रभाव उसके जीवन की प्रगति पर पड़ता है। यही कारण है कि गरुड़ पुराण में कुछ ऐसी आदतों का उल्लेख मिलता है जिन्हें अपनाने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हालांकि इन बातों को धार्मिक मान्यता के रूप में ही देखा जाना चाहिए। गरुड़ पुराण के अनुसार स्वच्छता को समृद्धि का आधार माना गया है। शरीर वस्त्र और घर की नियमित साफ सफाई केवल स्वास्थ्य के लिए ही लाभकारी नहीं मानी जाती बल्कि इसे सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी बताया गया है। मान्यता है कि स्वच्छ वातावरण में देवी लक्ष्मी का वास होता है जबकि गंदगी नकारात्मकता और अव्यवस्था को बढ़ावा देती है। इसलिए प्रतिदिन स्नान करना साफ वस्त्र पहनना और घर को व्यवस्थित रखना शुभ माना गया है। दूसरी महत्वपूर्ण बात भोजन से जुड़ी है। धार्मिक परंपरा के अनुसार भोजन बनाने के बाद सबसे पहले ईश्वर को भोग अर्पित करना और पहली रोटी गौ माता या किसी जरूरतमंद जीव के लिए निकालना पुण्यदायी माना गया है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सेवा करुणा और कृतज्ञता का प्रतीक भी है। माना जाता है कि जो व्यक्ति अपनी थाली से पहले दूसरों का ध्यान रखता है उसके जीवन में अन्न और धन की कमी नहीं रहती। गरुड़ पुराण में मधुर वाणी और विनम्र व्यवहार को भी विशेष महत्व दिया गया है। कटु वचन अहंकार और अपमानजनक व्यवहार रिश्तों में दूरी पैदा करते हैं जबकि मीठी बोली सम्मान और विश्वास को मजबूत बनाती है। धार्मिक दृष्टि से विनम्र व्यक्ति पर ईश्वर की कृपा बनी रहती है और समाज में भी उसे सहयोग और सम्मान मिलता है। इसलिए क्रोध पर नियंत्रण रखना और सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना जीवन की बड़ी पूंजी माना गया है। दान और सेवा को भी समृद्ध जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है। अपनी आय का एक छोटा हिस्सा जरूरतमंद लोगों की सहायता में लगाना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि पुण्य का कार्य भी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि निस्वार्थ भाव से किया गया दान व्यक्ति के जीवन में शुभ फल लेकर आता है और मानसिक संतोष प्रदान करता है। दान का उद्देश्य दिखावा नहीं बल्कि सेवा और मानवता की भावना होना चाहिए। गरुड़ पुराण में समय के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया है। ब्रह्म मुहूर्त में जागना नियमित दिनचर्या अपनाना और आलस्य से दूर रहना सफलता की कुंजी माना गया है। सुबह का समय अध्ययन साधना योग ध्यान और आत्मचिंतन के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। अनुशासित जीवनशैली न केवल मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है बल्कि व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में भी सहायता करती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये पांच आदतें केवल धन प्राप्ति का माध्यम नहीं बल्कि बेहतर व्यक्तित्व सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन की आधारशिला हैं। जब व्यक्ति स्वच्छता अनुशासन सेवा मधुर व्यवहार और समय के महत्व को समझकर जीवन में अपनाता है तब उसके जीवन में सुख शांति और समृद्धि के नए अवसर स्वतः बनने लगते हैं।
बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी के डायमंड जुबली कॉन्सर्ट में उमड़ा सिनेमाई सितारों का मेला, विशेष डॉक्यूमेंट्री और पुस्तक लॉन्च के साथ पुरानी यादें हुईं ताजा

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की सदाबहार अभिनेत्री और ‘ड्रीम गर्ल’ के नाम से विख्यात हेमा मालिनी ने अपने कलात्मक जीवन और सांस्कृतिक सफर को समर्पित एक भव्य ‘लाइव इन कॉन्सर्ट’ का आयोजन किया। यह विशेष आयोजन हेमा मालिनी के डायमंड जुबली सेलिब्रेशन का हिस्सा था, जिसने मुंबई के कला जगत और प्रशंसकों को एक बार फिर बॉलीवुड के सुनहरे दौर की याद दिला दी। अपने तरह के इस पहले और अनूठे लाइव कॉन्सर्ट में मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की, जिससे यह शाम पूरी तरह से ऐतिहासिक और यादगार बन गई। इस भव्य उत्सव के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हेमा मालिनी के साथ अपने जमाने की मशहूर और दिग्गज अभिनेत्रियां पद्मिनी कोल्हापुरे, पूनम ढिल्लों और विजयता पंडित एक साथ नजर आ रही हैं। हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखने वाली ये सभी दिग्गज अदाकाराएं हेमा मालिनी के इस विशेष लाइव इन कॉन्सर्ट में उन्हें बधाई देने और इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने पहुंची थीं। मंच और मंच के पीछे इन वरिष्ठ कलाकारों की आपसी बॉन्डिंग और गर्मजोशी को देखकर प्रशंसक सोशल मीडिया पर लगातार अपना प्यार और सम्मान जता रहे हैं। यह डायमंड जुबली जश्न केवल एक म्यूजिकल कॉन्सर्ट या शाम की महफिल तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे हेमा मालिनी की कलात्मक यात्रा के एक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर एक विशेष किताब का भी विमोचन किया गया, जिसे स्वयं हेमा मालिनी और जाने-माने आरजे अनिरुद्ध चावला ने संयुक्त रूप से लिखा है। इसके साथ ही समारोह में अनिरुद्ध चावला द्वारा निर्देशित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई। यह डॉक्यूमेंट्री मुख्य रूप से हेमा मालिनी के एक पारंपरिक नृत्यांगना से लेकर बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्री और अंततः एक सांस्कृतिक आइकन बनने तक के शानदार और प्रेरणादायक सफर को बेहद संजीदगी से दिखाती है। यह पूरा आयोजन केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि का उत्सव नहीं था, बल्कि यह हेमा मालिनी की शानदार सांस्कृतिक विरासत, भारतीय सिनेमा के गौरवशाली अतीत और कलाकारों का उनके दर्शकों के साथ पीढ़ियों से चले आ रहे अटूट रिश्ते का एक अनूठा संगम था। इस कॉन्सर्ट के माध्यम से न केवल बीते दौर के संगीत और अभिनय की कला को याद किया गया, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य और सिनेमा के प्रति हेमा मालिनी के समर्पण को भी सम्मानित किया गया। इस भव्य कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि वक्त बदलने के बाद भी सिनेमा के इन सितारों की चमक और उनका प्रभाव आज भी दर्शकों के दिलों में पूरी तरह बरकरार है।
केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला… मिडिल ईस्ट तनाव के बीच गैस सप्लाई पर लागू किए गए विशेष प्रावधान हटाए

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव कम होने के बाद भारत सरकार (Government of India) ने नेचुरल गैस सप्लाई (Natural gas supply) को लेकर बड़ा फैसला लिया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू होने के बाद सरकार ने मार्च 2026 में लागू किए गए आपातकालीन गैस सप्लाई नियमों में बदलाव किया है. नए आदेश के तहत पहले लागू किए गए कई विशेष प्रावधान हटा दिए गए हैं. यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। दरअसल, मार्च 2026 में मिडिल ईस्ट के तनाव की वजह से समुद्र के रास्ते आने वाली एलएनजी (Liquefied Natural Gas) की सप्लाई बुरी प्रभावित हो गई थी. कुछ विदेशी कंपनियों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे और गैस देने से मना कर दिया था. ऐसे बिगड़े हालातों को संभालने के लिए सरकार ने 9 मार्च 2026 को नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर लागू किया था। इस आदेश का मकसद यह था कि देश में उपलब्ध गैस की सप्लाई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों तक बिना रुकावट पहुंचती रहे. इसके लिए सरकार ने गैस के उत्पादन, आवंटन और वितरण को लेकर विशेष नियम लागू किए थे। सरकार के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में अब युद्धविराम लागू हो चुका है. वहां शांति के लिए बातचीत का दौर भी चल रहा है. इसी बीच होर्मुज के रास्ते जहाजों का आना-जाना फिर से शुरू हो गया है. हालात में आए इसी बड़े बदलाव को देखते हुए पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने 4 जुलाई 2026 को नया आदेश जारी किया है। 9 मार्च 2026 को जारी किए गए आदेश में सरकार ने आपातकालीन हालात से निपटने के लिए कई विशेष प्रावधान लागू किए थे. अब नए आदेश के जरिए इन्हें हटा दिया गया है. इनमें मुख्य तौर पर ये प्रावधान शामिल थे। गैस के उत्पादन और बंटवारे पर नियंत्रण: संकट के समय सरकार ने यह नियम बनाया था कि देश में नेचुरल गैस का कितना उत्पादन होगा और वह किस सेक्टर को कितनी दी जाएगी, यह सब सरकार ही तय करेगी। जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता: गैस की कमी को देखते हुए सबसे पहले घरेलू इस्तेमाल और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई थी. सप्लाई और इस्तेमाल पर पाबंदियां: नेचुरल गैस और एलएनजी (LNG) की सप्लाई, उसके वितरण और इस्तेमाल को लेकर कुछ समय के लिए कड़े नियम लागू कर दिए गए थे, ताकि कोई इसका गलत इस्तेमाल न कर सके. अब मिडिल ईस्ट में युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से समुद्री आवाजाही फिर शुरू होने के बाद सरकार ने ये विशेष प्रावधान हटा दिए हैं. इससे गैस सप्लाई व्यवस्था फिर पहले जैसे सामान्य नियमों के तहत चलेगी। इसका क्या असर होगा?सरकार का मानना है कि समुद्री मार्ग दोबारा खुलने से गैस की आपूर्ति व्यवस्था पहले के मुकाबले आसान होगी. इसी वजह से आपातकालीन व्यवस्था के तहत लागू कुछ नियमों की अब जरूरत नहीं रही. हालांकि, सरकार ने यह भी साफ किया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जाएगी. अगर भविष्य में फिर कोई संकट पैदा होता है, तो जरूरत के मुताबिक नए कदम उठाए जा सकते हैं.
MP: RGPV में पेपर चोरी…. परीक्षा से पहले गायब हुए प्रश्नपत्रों के 9 बंडल

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सबसे बड़े तकनीकी विश्वविद्यालयों में शामिल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Rajiv Gandhi Proudyogiki Vishwavidyalaya- RGPV) में एग्जाम से ठीक पहले प्रश्नपत्र चोरी होने का गंभीर मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (School of Biotechnology) के सेकंड ईयर (चौथे सेमेस्टर) के कंप्यूटर विषय का एग्जाम था, लेकिन सुबह 11 बजे एग्जाम शुरू होने से ठीक पहले छात्रों को बताया गया कि परीक्षा रद्द कर दी गई है. थोड़ी देर बाद जानकारी मिली कि प्रश्नपत्र चोरी हो गया है. इसके बाद यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया। यूनिवर्सिटी ने पेपर चोरी होने की जानकारी देते हुए परीक्षा अगले आदेश तक स्थगित कर दी है. जानकारी के मुताबिक अलग-अलग प्रश्नपत्रों के करीब 9 बंडल गायब मिले हैं। गांधीनगर थाने में दर्ज कराई FIRयूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए भोपाल के गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के मुताबिक, संबंधित प्रश्नपत्र गुरुवार देर रात चोरी हो गया था. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रश्नपत्र कैसे गायब हुआ और इसमें किसकी भूमिका हो सकती है। सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए सवालपरीक्षा से पहले प्रश्नपत्र चोरी की घटना ने विश्वविद्यालय की गोपनीय परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा ‘बीजेपी के राज में चोरी अब व्यवस्था बन चुकी है. पहले वोट चोरी, फिर सीट चोरी, उज्जैन में जमीन चोरी, मंदिरों से चढ़ावा चोरी, और अब प्रश्नपत्र चोरी! भोपाल स्थित RGPV में परीक्षा शुरू होने से पहले गोपनीय प्रश्नपत्रों के 9 सीलबंद लिफाफे चोरी हो गए। उमंग सिंघार ने आगे लिखा, मुख्यमंत्री मोहन यादव के राज में अब माफिया और चोर इतने बेखौफ हैं कि छात्रों का भविष्य भी सुरक्षित नहीं है. यह केवल प्रश्नपत्र की चोरी नहीं, युवाओं की मेहनत, विश्वास और भविष्य की चोरी है. बीजेपी राज में आखिर बचा क्या है जो चोरी नहीं हो रहा?
ऑनलाइन शॉपिंग में बढ़ा साइबर ठगी का खतरा फर्जी ऑफर और डिलीवरी स्कैम से ऐसे बचाएं अपनी मेहनत की कमाई

नई दिल्ली । डिजिटल दौर में ऑनलाइन शॉपिंग लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। कपड़ों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू जरूरत की वस्तुओं तक सब कुछ कुछ ही मिनटों में मोबाइल के जरिए ऑर्डर किया जा सकता है। सुविधा के इस बढ़ते चलन के साथ साइबर अपराधियों ने भी ठगी के नए नए तरीके अपना लिए हैं। अब केवल फर्जी वेबसाइट या नकली पेमेंट लिंक ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया विज्ञापन और डिलीवरी वेरिफिकेशन के नाम पर भी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। हाल के दिनों में साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेहद सस्ते और आकर्षक ऑफर दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इंस्टाग्राम फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर वायरल वीडियो या विज्ञापन में महंगे उत्पाद बेहद कम कीमत पर बेचने का दावा किया जाता है। लोग ऑफर को असली समझकर तुरंत ऑर्डर कर देते हैं और ऑनलाइन भुगतान भी कर देते हैं लेकिन कई मामलों में न तो सामान पहुंचता है और न ही पैसे वापस मिलते हैं। ठगी का एक नया तरीका डिलीवरी वेरिफिकेशन के नाम पर सामने आया है। इसमें ग्राहक को ऑर्डर करने के बाद व्हाट्सएप या मैसेज के जरिए बताया जाता है कि पार्सल भेजने से पहले पता सत्यापित करने के लिए कुछ राशि जमा करनी होगी। यह भरोसा भी दिया जाता है कि यह रकम बाद में वापस कर दी जाएगी। कई लोग इस झांसे में आकर भुगतान कर देते हैं और इसके बाद ठग संपर्क तोड़ देते हैं। कई मामलों में पीड़ितों को हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ा है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अब अपराधी पहले से कहीं ज्यादा तकनीकी रूप से सक्षम हो चुके हैं। वे नकली वेबसाइट तैयार करने के साथ साथ फर्जी कस्टमर केयर नंबर नकली पेमेंट पेज और डिलीवरी संबंधी संदेशों का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करते हैं। कई बार ओटीपी और बैंकिंग जानकारी हासिल कर सीधे बैंक खाते तक खाली कर दिए जाते हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि किसी भी अनजान वेबसाइट या सोशल मीडिया विज्ञापन पर आंख बंद करके भरोसा न करें। खरीदारी हमेशा प्रतिष्ठित ई कॉमर्स वेबसाइट या ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप से ही करें। यदि कोई उत्पाद बाजार कीमत से बहुत कम दाम पर मिल रहा हो तो पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। खरीदारी से पहले विक्रेता की रेटिंग ग्राहक समीक्षा रिटर्न पॉलिसी और संपर्क जानकारी देखना भी जरूरी है। यदि संभव हो तो कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनें ताकि भुगतान तभी किया जाए जब सामान वास्तव में आपके पास पहुंच जाए। किसी भी स्थिति में एड्रेस वेरिफिकेशन प्रोसेसिंग फीस या रिफंड के नाम पर अतिरिक्त भुगतान करने से बचें। यदि ऑनलाइन खरीदारी के दौरान किसी प्रकार की धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत अपने बैंक को सूचना दें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है। समय रहते कार्रवाई करने से कई मामलों में नुकसान को कम किया जा सकता है। डिजिटल सुविधाओं का लाभ तभी सुरक्षित है जब उपयोगकर्ता सतर्क रहें। थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी आपको साइबर ठगों के जाल में फंसने से बचा सकती है और आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है।
मॉनसून सत्र 20 जुलाई से….. मोदी सरकार अधिक संख्याबल के साथ पहुंचेगी संसद

नई दिल्ली। मोदी सरकार (Modi government) द्वारा लाया गया 131वां संविधान संशोधन विधेयक फेल हो गया। वजह थी सरकार के पास पर्याप्त दो-तिहाई बहुमत नहीं था। तब से लेकर अब तक भारतीय राजनीति में काफी कुछ बदलाव हुआ है। दल-बदल और पार्टियों की टूट के बाद मोदी सरकार की ताकत में वृद्धि हुई है। अब, जबकि संसद (Parliament) का मॉनसून सत्र (Monsoon Session) 20 जुलाई से शुरू होने वाला है, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) मजबूत स्थिति में हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ताकतवर होकर संसद पहुंच रही मोदी सरकार की नजर कुछ ऐसे फैसलों पर है, जिन्हें वह पिछले काफी समय से करना चाहती थी, लेकिन संसद में संख्या बल न होने की वजह से अभी तक फेल होती आ रही थी। अप्रैल में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक लाने के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के पटल पर खड़े होकर विपक्षी नेताओं से एक बात कही थी। उन्होंने कहा कि था कि आज अगर आप इसका समर्थन करते हैं, तो इसका श्रेय आपको भी जाएगा, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो फिर इसका श्रेय केवल एनडीए सरकार को ही जाएगा। उस समय एनडीए को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। पिछले तीन महीनों में एनडीए को कई विधायकों और सांसदों का समर्थन मिला है। फिर चाहे वह राज्यसभा हो या लोकसभा भाजपा ने अपनी स्थिति मजबूत की है। लेकिन क्या भाजपा और उसका गठबंधन इतना मजबूत है कि वह आसानी से संविधान संशोधन कर सके? मोदी सरकार के लिए क्यों आसान नहीं है संवैधानिक संशोधनअप्रैल में जब एनडीए सरकार द्वारा लाया गया 131वां संविधान संशोधन विधेयक फेल हुआ था, तब उसे 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन पक्ष में केल 298 वोट ही पड़े थे। चूंकि किसी भी संविधान संसोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। इसलिए 352 के आंकड़े को छूने के लिए केंद्र सरकार 54 वोट पीछे रह गई। वर्तमान स्थिति की बात करते हैं। तृणमूल कांग्रेस के सांसद, उद्धव ठाकरे के सांसद इन सब को मिलाकर एनडीए गठबंधन अभी 320 के पार पहुंच गया है। लेकिन इसके बाद भी वह पूर्ण रूप से भरे सदन के दो-तिहाई बहुमत के करीब नहीं पहुंच पाया है। राज्यसभा की बात करें, तो भले ही भाजपा ने आम आदमी पार्टी के सांसदों को तोड़ लिया हो। लेकिन अभी भी उसकी स्थिति मजबूत नहीं है। ऐसी स्थिति में भाजपा के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि वह बाकी बची संख्या को कहां से लाएगी? तीन संवैधानिक संशोधनों पर भाजपा की नजर1. पीएम-सीएम को हटाने वाले विधेयक पर होगा फैसला?भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 130वें संविधान संशोधन विधेयक के रूप में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या राज्य मंत्री को हटाने का प्रस्ताव लेकर आई थी। लेकिन बहुमत न होने की वजह से केंद्र ने इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक मॉनसून सत्र के ठीक पहले यह समिति अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है, जिसके बाद यह विधेयक एक बार फिर से संसद में पेश किया जा सकता है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जब जेल से सरकार चला रहे थे। उस वक्त भारतीय जनता पार्टी ने इसे एक बहुत बड़ा मुद्दा बनाया था। इसी घटनाक्रम के बाद सरकार यह बिल लेकर आई थी। इसके अनुसार अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या राज्य मंत्री 5 साल तक सजा वाले किसी मामले में 30 दिनों तक जेल में रहता है। तो उसका पद अपने आप ही समाप्त हो जाएगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कई बार जेल से सरकार चलाने के लिए अरविंद केजरीवाल पर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने इस बिल को जवाबदेही तय करने वाला करार दिया था। उनसे जब सवाल पूछा गया कि अगर किसी पर झूठा मामला होता है तब क्या होगा। इसका जवाब देते हुए गृहमंत्री ने कहा था कि अगर मामला झूठा होता है, तो अदालतें जमानत देगीं। लेकिन यदि जमानत नहीं मिलती है, तो फिर पद छोड़ना होगा। 2. वन नेशन, वन इलेक्शन पर नजरभारतीय जनता पार्टी के कोर मुद्दों में से एक वन नेशन, वन इलेक्शन को भी इस मॉनसून सत्र में देखा जा सकता है। पिछले वर्ष लाया गया यह 129वां संविधान संसोधन विधेयक इस वक्त 39 सदस्यीय संसदीय समिति के पास विचाराधीन पड़ा हुआ है। पीएम मोदी का मत है कि देश में हर समय होने वाले चुनाव विकास के बाधक हैं। इसलिए एक देश एक चुनाव पर सहमति बनाकर सभी को इसके लिए राजी रहना चाहिए। हालांकि, अन्य मुद्दों की तरफ विपक्ष और अन्य लोग इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेरते हुए नजर आते हैं। वर्तमान में यह विधेयक भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी की अध्यक्षता वाली समिति के पास है। इसका कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। 3. महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकअप्रैल में एनडीए सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक लेकर आई थी। लेकिन दो-तिहाई बहुमत न होने की वजह से सदन में यह बिल पास नहीं हो पाया था। सरकार का तर्क है कि 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को जल्दी लागू करने के लिए 2029 चुनाव के पहले परिसीमन करवाना अनिवार्य है। लेकिन विपक्ष की इस पर अलग राय है। विपक्ष का कहना है कि सरकार महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में परिसीमन लागू कर लोकसभा की सीटों को अपने हिसाब से बांटना चाहती है। दक्षिण भारत के राज्यों में भी इस विधेयक को लेकर अपना डर है। उनका कहना है कि इस फैसले से उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य राज्यों को लाभ मिलेगा। क्योंकि उनकी जनसंख्या अधिक है। हालांकि, सरकार ने उनको भरोसे में लेने की कोशिश की लेकिन विपक्ष मानने को तैयार नहीं है। विपक्ष का आरोप है कि अगर सरकार को महिला आरक्षण कि इतनी ही चिंता है तो क्यों न इसे वर्तमान सीट संख्या पर ही लागू कर दिया जाए?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज 6 देशों की यात्रा पर होंगे रवाना….देखें पूरा शेड्यूल

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) रविवार से छह देशों के दौरे (Six-Nation Tour) पर रवाना होंगे। वह कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, बेल्जियम और अमेरिका का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, यह यात्रा 5 जुलाई से 10 जुलाई तक खाड़ी देशों की होगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद राजनीतिक हालात तेजी से बदल रहे हैं। खाड़ी देशों की यात्रा पूरी करने के बाद विदेश मंत्री न्यूयॉर्क जाएंगे। वहां वह 13 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत के 2028-29 कार्यकाल के लिए आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके बाद यात्रा के अंतिम चरण में वह ब्रसेल्स जाएंगे, जहां वह भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की तीसरी बैठक में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने क्या बताया जयशंकर का कार्यक्रम?विदेश मंत्री जयशंकर 5 जुलाई से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यात्रा के दौरान जयशंकर इन देशों के समकक्षों और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है और साथ ही क्षेत्रीय घटनाक्रमों और साझा हितों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है। विदेश मंत्री 13 जुलाई को न्यूयॉर्क में भारत की यूएनएससी 2028-29 की आधिकारिक उम्मीदवारी की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वह 14 और 15 जुलाई को ब्रसेल्स में होने वाली तीसरी भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद बैठक (भारत-ईयू टीटीसी) में शामिल होंगे और यूरोपीय संघ तथा बेल्जियम के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। टीटीसी की शुरुआत कब हुई और इसका मकसद क्या है?मंत्रालय के अनुसार, टीटीसी की शुरुआत 2022 में हुई थी, जिसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और साइबर सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग बढ़ाना है।
विराट कोहली, रोहित शर्मा और अभिषेक शर्मा भी नहीं कर सके थे जो कमाल, युवा वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 डेब्यू मैच में दो छक्के जड़कर रचा वह इतिहास

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के युवा और उभरते हुए बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पटल पर कदम रखते ही एक ऐसा अनोखा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है, जिसे विराट कोहली, रोहित शर्मा और अभिषेक शर्मा जैसे दिग्गज और आक्रामक बल्लेबाज भी अपने पदार्पण मैच में हासिल नहीं कर पाए थे। इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी के बहुप्रतीक्षित डेब्यू का इंतजार आखिरकार समाप्त हुआ, जहां टीम के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने उन्हें मैच से पूर्व डेब्यू कैप सौंपी। अपने इस पहले ही मुकाबले में वैभव ने अपनी बल्लेबाजी की आक्रामकता और निडरता का परिचय देते हुए इतिहास की किताबों में अपना नाम दर्ज करा लिया। अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय पारी में वैभव सूर्यवंशी हालांकि केवल 14 रन ही बना सके, लेकिन इस संक्षिप्त पारी के दौरान उन्होंने दो गगनचुंबी छक्के जड़े। उन्होंने मैच का पहला छक्का इंग्लैंड के सबसे तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की गति का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए फाइन लेग की दिशा में लगाया। इसके बाद चौथे ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने तेज गेंदबाज जोश टंग की धीमी गति की गेंद को भांपते हुए मिड विकेट की दिशा में एक और शानदार छक्का जड़ा। इन दो छक्कों की मदद से वह भारत के उन गिने-चुने बल्लेबाजों की विशिष्ट सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू मैच में एक से अधिक छक्के लगाने का कारनामा किया है। वैभव सूर्यवंशी अब भारत के छठे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने अपने टी20 पदार्पण मैच में एक से ज्यादा छक्के लगाए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस ऐतिहासिक सूची में पूर्व दिग्गज खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और तेज गेंदबाज आशीष नेहरा जैसे नाम भी शामिल हैं। ‘द वॉल’ के नाम से प्रसिद्ध राहुल द्रविड़ ने भारत के लिए अपने एकमात्र टी20 मैच में इंग्लैंड के खिलाफ ही 21 गेंदों पर 31 रनों की पारी खेली थी, जिसमें उन्होंने तीन छक्के लगाए थे। वर्तमान भारतीय टीम के स्क्वॉड की बात करें, तो वैभव के अलावा केवल तिलक वर्मा और ईशान किशन ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में यह कारनामा किया था। तिलक वर्मा ने साल 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने डेब्यू पर तीन छक्के लगाए थे, जबकि ईशान किशन ने साल 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ चार छक्के जड़े थे। इस व्यक्तिगत उपलब्धि के बावजूद, मैनचेस्टर में खेले गए इस दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 190 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। हालांकि, मेजबान इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने इस बड़े लक्ष्य को 19वें ओवर में केवल चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। इंग्लैंड की इस जीत के सूत्रधार जैकब बेथल रहे, जिन्होंने 76 रनों की नाबाद और मैच जिताऊ पारी खेली, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया। इस हार के बाद भी वैभव सूर्यवंशी का यह निर्भीक प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
पूरे देश में सक्रिय हुआ मानसून….. आज दिल्ली-NCR समेत 20 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। मानसून (Monsoon) देश के सभी राज्यों में पहुंच चुका है। गुजरात (Gujarat) में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह तेज बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। गुजरात (Gujarat) के मेंडरडा इलाके (Mendarda) में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार गाड़ियां फंस गईं, जिसमें से 19 लोगों का बचाया गया। महाराष्ट्र (Maharashtra) के भिवंडी में बाजार में करीब 3 फीट तक पानी भर गया। दुकानें बंद हो गईं। लोग कमर तक डूबकर सड़क पार कर रहे हैं। राजस्थान के जयपुर में तेज बारिश के बाद सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के माइनर ओटी में पानी भर गया। यहां से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। मध्य प्रदेश के भोपाल-इंदौर समेत 26 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई। उज्जैन में दो दिन पहले पुलिया पार करते समय बाइक समेत बहे पंचायत सहायक का शव भी बरामद हुआ है। उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में बारिश हुई। कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया। कारें-बाइक आधी डूब गईं। वहीं जम्मू-कश्मीर में शनिवार सुबह रामनगर-उधमपुर रोड पर कौघा के पास भूस्खलन (लैंडस्लाइड)से सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आ गया, जिसके कारण रास्ता बंद कर दिया गया। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित केदारघाटी में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से जेसीबी और उसके दो कर्मचारी नदी के तेज बहाव में फंस गए। एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर चालक और उसके सहयोगी को सुरक्षित बाहर निकाला। किन 20 राज्यों के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट हुआ जारी?मौसम विभाग ने रविवार के लिए 20 राज्यों में आंधी-बारिश और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। बारिश की चेतावनी वाले राज्यों में दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार और राजस्थान सहित पंजाब-हरियाणा भी शामिल है। 61 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है। अगले चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ेगा। विभाग के अनुसार, अगले चार-पांच दिनों तक मध्य भारत में मानसून सक्रिय रहेगा। दिल्ली एनसीआर के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट किया जारीदिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में भी शनिवार को बारिश हुई, जिससे लोगों की गर्मी से राहत मिली। दिन के ज्यादातर समय आसमान में बादल छाए रहे और सुबह के समय हवा में नमी 77 प्रतिशत थी। मौसम विभाग ने रविवार के लिए भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद कराएबृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने मुंबई में स्कूल और कॉलेज दोपहर के सत्र के लिए बंद करा दिए हैं। मौसम विभाग ने यहां बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। बीएमसी ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे घर से तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो। इस बीच मुंबई के ठाणे शहर के कलवा इलाके में शनिवार सुबह भारी बारिश के दौरान दो-पहिया वाहनों पर पेड़ गिरने से दो लोग घायल हो गए। दहिसर ईस्ट और अंधेरी वेस्ट के बीच मेट्रो में तकनीकी खराबी के कारण पीक आवर्स में ट्रेनों की सर्विस डेढ़ घंटे प्रभावित रही। लाइन 2-ए पर दहिसर ईस्ट और कंदरपाड़ा मेट्रो स्टेशनों के बीच भी तकनीकी खराबी के कारण परिचालन प्रभावित हुआ। हिमाचल : लाहौल में सड़क बही नीलकंठ झील यात्रा रुकीहिमाचल प्रदेश में लाहौल घाटी में उफनाए चोखंग नाले ने मूरिंग-नैनगार सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा बहा दिया। इससे प्रसिद्ध नीलकंठ झील यात्रा रोक दी गई है। रामपुर के गानवी खड्ड पर बना अस्थायी पुल भी बह गया, जिससे कई पंचायतों का संपर्क कट गया। कुल्लू में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने पर राफ्टिंग पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। चंबा-तीसा मार्ग भूस्खलन से कुछ समय के लिए बंद रहा, जबकि 12 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। भारी बारिश से उड़ानों पर असर, पांच विमान दूसरे हवाई अड्डों पर उतारे गएमुंबई में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। खराब मौसम, कम दृश्यता और सुरक्षित लैंडिंग में दिक्कत के कारण मुंबई आने वाली पांच उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। हवाई अड्डे के सूत्रों के अनुसार, इनमें इंडिगो की तीन और एअर इंडिया की दो उड़ानें शामिल थीं। इसके अलावा 17 अन्य उड़ानों के पायलटों ने भी मौसम की स्थिति को देखते हुए मार्ग में बदलाव किया।
बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई के बाद भी सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार हारे थे सलमान खान, साल 1995 के 40वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नाना पाटेकर और माधुरी दीक्षित ने मारी थी बाजी

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में साल 1994 एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया था। इसी वर्ष रिलीज हुई पारिवारिक ड्रामा फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के तमाम पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए थे। सूरज बडजात्या के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने उस दौर में लगभग 128 करोड़ रुपये का अभूतपूर्व कलेक्शन कर भारतीय फिल्म उद्योग को एक नई दिशा दिखाई थी। व्यावसायिक रूप से इस दशक की सबसे सफल फिल्म होने के बावजूद, जब सम्मान और पुरस्कारों की बात आई, तो साल 1995 में आयोजित 40वें फिल्मफेयर पुरस्कार समारोह में इस फिल्म को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा था। कुल 14 श्रेणियों में नामांकित होने के बाद भी यह फिल्म केवल 5 श्रेणियों में ही जीत दर्ज करने में सफल हो सकी थी। इस पुरस्कार समारोह का सबसे बड़ा उलटफेर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में देखने को मिला था। फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ में प्रेम के किरदार से दर्शकों का दिल जीतने वाले सलमान खान को उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जाने वाला नामांकन मिला था। सलमान खान के साथ इस श्रेणी में ‘अंदाज अपना अपना’ के लिए आमिर खान, ‘ये दिल्लगी’ के लिए अक्षय कुमार और ‘1942: ए लव स्टोरी’ के लिए अनिल कपूर जैसे दिग्गज कलाकार भी शामिल थे। इन सभी स्थापित सितारों और मुख्यधारा के चहेते अभिनेताओं को पछाड़ते हुए नाना पाटेकर ने फिल्म ‘क्रांतिवीर’ में अपने दमदार और संजीदा अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ब्लैक लेडी पुरस्कार अपने नाम किया था। नाना पाटेकर के संवादों और अभिनय की तीव्रता उस वर्ष अन्य सभी रोमांटिक और कल्ट किरदारों पर भारी पड़ी थी। सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री की श्रेणी में भी मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा था। इस श्रेणी में उस दौर की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों के बीच सीधी टक्कर थी। नामांकन सूची में ‘लाडला’ फिल्म के लिए श्रीदेवी, ‘ये दिल्लगी’ के लिए काजोल, ‘अंजाम’ के लिए माधुरी दीक्षित और ‘1942: ए लव स्टोरी’ के लिए मनीषा कोइराला जैसी शीर्ष अभिनेत्रियां शामिल थीं। उस समय की सबसे बड़ी स्टार श्रीदेवी को कड़ी टक्कर देते हुए माधुरी दीक्षित ने बाजी मारी थी। फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ में निशा के चुलबुले और भावुक किरदार को जीवंत करने वाली माधुरी दीक्षित को इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से नवाजा गया था, जिसने उनके स्टारडम को एक पायदान और ऊपर पहुंचा दिया था। भले ही सलमान खान इस समारोह में व्यक्तिगत पुरस्कार से चूक गए हों, लेकिन फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ के लिए सूरज बडजात्या ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किया था। इसके साथ ही इस फिल्म को साल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार भी दिया गया था। दूसरी ओर, इस पुरस्कार समारोह में सबसे अधिक श्रेणियों में परचम लहराने वाली फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ रही थी। इस फिल्म ने अलग-अलग तकनीकी और मुख्य श्रेणियों में रिकॉर्ड 13 नामांकनों में से 9 पुरस्कारों पर अपना कब्जा जमाया था। अभिनेता जैकी श्रॉफ ने इसी फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार जीता था, जबकि महान संगीतकार आर. डी. बर्मन को उनके निधन के बाद इस फिल्म के मधुर संगीत के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त, फिल्म ‘क्रांतिवीर’ के लिए डिंपल कपाड़िया को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हास्य भूमिकाओं की श्रेणी में फिल्म ‘राजा बाबू’ के लिए शक्ति कपूर को सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का पुरस्कार मिला, जबकि शाहरुख़ खान को फिल्म ‘अंजाम’ में उनके नकारात्मक किरदार के लिए सर्वश्रेष्ठ विलेन का पुरस्कार दिया गया था। मशहूर गीतकार जावेद अख्तर को सर्वश्रेष्ठ गीतकार के सम्मान से नवाजा गया था। कुल मिलाकर, साल 1995 का यह फिल्मफेयर समारोह स्टारडम और विशुद्ध अभिनय प्रतिभा के बीच संतुलन का एक ऐसा गवाह बना, जिसकी चर्चा आज तीन दशकों के बाद भी सिनेमाई गलियारों में बेहद दिलचस्पी के साथ की जाती है।