डायबिटीज चुपचाप छीन सकती है आंखों की रोशनी जानिए किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना है जरूरी

नई दिल्ली । डायबिटीज आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली गंभीर बीमारियों में शामिल है। अधिकांश लोग इसे केवल ब्लड शुगर बढ़ने तक सीमित मानते हैं लेकिन इसका असर शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है। इनमें आंखें सबसे अधिक संवेदनशील होती हैं। लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित रहने पर आंखों की बेहद महीन रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती हैं जिससे धीरे धीरे नजर कमजोर होने लगती है और समय पर इलाज न मिलने पर अंधेपन तक का खतरा पैदा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज के कारण होने वाली आंखों की बीमारी को डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है। यह स्थिति तब विकसित होती है जब लगातार बढ़ा हुआ ब्लड शुगर रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। शुरुआत में इस बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते इसलिए अधिकांश मरीज तब तक अनजान रहते हैं जब तक आंखों की रोशनी प्रभावित नहीं होने लगती। यही वजह है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए नियमित आंखों की जांच बेहद जरूरी मानी जाती है। यदि आपको धुंधला दिखाई देने लगा है आंखों के सामने काले धब्बे या फ्लोटर्स नजर आते हैं रात में देखने में परेशानी होती है या रंगों की पहचान करने में दिक्कत महसूस होती है तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण डायबिटिक रेटिनोपैथी या आंखों से जुड़ी किसी अन्य गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं। समय रहते नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराने पर इन समस्याओं का उपचार संभव है और आंखों की रोशनी को बचाया जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटीज केवल रेटिना तक ही सीमित नहीं रहती बल्कि इससे मोतियाबिंद और ग्लूकोमा जैसी आंखों की बीमारियों का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए केवल ब्लड शुगर की दवा लेना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी है। ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना आंखों की रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव को कम करता है और जटिलताओं का जोखिम घटाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि टाइप टू डायबिटीज से पीड़ित हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार आंखों की विस्तृत जांच जरूर करानी चाहिए। साथ ही नियमित रूप से HbA1c जांच कराकर ब्लड शुगर की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। संतुलित आहार नियमित व्यायाम पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी भी आंखों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। धूम्रपान करने वाले लोगों में डायबिटीज के कारण आंखों की जटिलताओं का खतरा और अधिक बढ़ जाता है इसलिए धूम्रपान छोड़ना भी बेहद जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं का नियमित सेवन करना और किसी भी तरह की दृष्टि संबंधी समस्या होने पर तुरंत जांच कराना भविष्य में गंभीर नुकसान से बचा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डायबिटिक रेटिनोपैथी का समय रहते पता चल जाए और सही उपचार शुरू कर दिया जाए तो अधिकांश मामलों में आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपनी आंखों की नियमित जांच को उतनी ही प्राथमिकता देनी चाहिए जितनी वे ब्लड शुगर की जांच को देते हैं।
एशिया कप 2027 की मेजबानी की रेस में बांग्लादेश सबसे आगे, वनडे फॉर्मेट में जून-जुलाई के दौरान खेला जा सकता है टूर्नामेंट

नई दिल्ली । एशियन क्रिकेट काउंसिल आगामी एशिया कप 2027 के आयोजन को लेकर अपनी तैयारियों और रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। इस प्रतिष्ठित क्रिकेट टूर्नामेंट की मेजबानी की दौड़ में बांग्लादेश सबसे आगे नजर आ रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने महाद्वीपीय टूर्नामेंट की सफल मेजबानी के लिए अपने देश के तीन प्रमुख शहरों मीरपुर, सिलहट और चटगांव को संभावित आयोजन स्थलों के रूप में प्रस्तावित किया है। एशियन क्रिकेट काउंसिल ने इस प्रस्ताव पर आगे कदम बढ़ाते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से इन तीनों मैदानों की मौजूदा सुविधाओं, तकनीकी व्यवस्थाओं और अन्य प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद जल्द ही मेजबानी पर आधिकारिक मुहर लगाई जा सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आगामी एशिया कप 2027 का आयोजन एक दिवसीय यानी वनडे फॉर्मेट में किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट की संभावित तारीखें भी सामने आ गई हैं, जिसके तहत प्रतियोगिता की शुरुआत 18 जून 2027 से हो सकती है, जबकि इसका खिताबी मुकाबला 4 जुलाई 2027 को खेला जाएगा। हालांकि, काउंसिल की ओर से अभी तक इस कार्यक्रम की कोई आधिकारिक या अंतिम घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि प्रारूप को लेकर सभी सदस्य देश पूरी तरह सहमत हैं। मध्य प्रदेश सहित पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह खबर बेहद रोमांचक है क्योंकि वनडे फॉर्मेट में होने वाले इस टूर्नामेंट में एक बार फिर पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलेगी। इस पूरे घटनाक्रम पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सईद इब्राहिम अहमद ने मीडिया से औपचारिक बातचीत में पुष्टि की है कि बोर्ड ने देश के तीन नियमित और उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदानों को ही इस बड़े टूर्नामेंट के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीरपुर, चट्टोग्राम और सिलहट में पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा मौजूद है, इसलिए इन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि यदि आगामी वर्ष में एशिया कप का सफल आयोजन बांग्लादेश की धरती पर होता है, तो इससे वहां के दर्शकों को अपनी घरेलू परिस्थितियों में शीर्ष एशियाई टीमों के बीच होने वाले कड़े मुकाबले को करीब से देखने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। काउंसिल द्वारा मांगी गई विस्तृत जानकारी के संबंध में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि अगले कुछ दिनों में दोनों संस्थाओं के बीच होने वाली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस मामले पर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। मेजबानी मिलने की प्रबल संभावनाओं को देखते हुए बांग्लादेश का क्रिकेट बोर्ड इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए अभी से हरसंभव प्रयास और आंतरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने में व्यस्त है। क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार, यदि बांग्लादेश को इस बार काउंसिल से हरी झंडी मिल जाती है, तो पूरे 11 साल के लंबे अंतराल के बाद देश को एक बार फिर से एशिया कप की प्रतिष्ठित मेजबानी का गौरव हासिल होगा।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना की चमत्कारिक वापसी, पेनल्टी चूकने के बाद लियोनेल मेसी के जादू से इजिप्ट को 3-2 से दी शिकस्त

नई दिल्ली । फुटबॉल विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गत चैंपियन अर्जेंटीना ने टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे रोमांचक और यादगार वापसी दर्ज की है। अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में खेले गए इस बेहद हाई-वोल्टेज मुकाबले में अर्जेंटीना ने इजिप्ट को 3-2 से पराजित कर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली। एक समय इस नॉकआउट मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन टीम 0-2 के बड़े अंतर से पिछड़ रही थी और उस पर टूर्नामेंट से बाहर होने का गहरा संकट मंडरा रहा था, लेकिन कप्तान लियोनेल मेसी की जादुई अगुआई में टीम ने खेल के अंतिम दस मिनटों में पासा पलट दिया। इस महामुकाबले की शुरुआत अर्जेंटीना के लिए किसी बुरे सपने जैसी रही। मैच के शुरुआती पंद्रहवें मिनट में ही इजिप्ट के यासिर इब्राहिम ने एक बेहतरीन मैदानी गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इस अप्रत्याशित गोल के बाद अर्जेंटीना ने वापसी के लिए चौतरफा हमले तेज कर दिए। इस बीच टीम को बराबरी हासिल करने का एक स्वर्णिम अवसर पेनल्टी के रूप में मिला, लेकिन लियोनेल मेसी इस पर सटीक गोल करने से चूक गए। मध्य प्रदेश समेत दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों को स्तब्ध करते हुए इजिप्ट के मजबूत डिफेंस ने पहले हाफ की समाप्ति तक अपनी बढ़त को पूरी तरह बरकरार रखा। दूसरे हाफ में भी खेल का रुख काफी समय तक इजिप्ट के पक्ष में नजर आया। मैच के सड़सठवें मिनट में मोस्तफा जीको ने अर्जेंटीना के डिफेंस की कमियों का फायदा उठाते हुए एक और शानदार गोल कर इजिप्ट की बढ़त को 2-0 कर दिया। जब ऐसा प्रतीत होने लगा था कि विश्व कप में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर होने जा रहा है और इजिप्ट इतिहास रचने से महज दस मिनट की दूरी पर था, तभी लियोनेल मेसी का जादुई कौशल देखने को मिला। मेसी ने अपने जादुई बाएं पैर के शक्तिशाली प्रहार से इजिप्ट के गोलकीपर को छकाते हुए अर्जेंटीना का पहला गोल दागा और टीम की उम्मीदों को जीवित कर दिया। इसके ठीक बाद निर्धारित नब्बे मिनट का खेल समाप्त होने तक स्कोर 2-2 की बराबरी पर पहुंच गया। इस शानदार गोल के साथ ही महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी मौजूदा विश्व कप में सर्वाधिक आठ गोल दागकर गोल्डन बूट की दौड़ में फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे और नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड से एक बार फिर आगे निकल गए हैं। निर्धारित समय खत्म होने के बाद मिले बेहद तनावपूर्ण स्टॉपेज टाइम में अर्जेंटीना ने अपना आक्रमण और आक्रामक कर दिया। मैच के अंतिम क्षणों में एंजो फर्नांडीज ने एक बेहतरीन हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट में डालकर अर्जेंटीना को 3-2 की अकल्पनीय और ऐतिहासिक जीत दिला दी। इस खिताबी जीत के साथ ही अर्जेंटीना ने विश्व कप इतिहास में लगातार 11वीं जीत का अपना अजेय सिलसिला भी कायम रखा है। मौजूदा फीफा विश्व कप में अर्जेंटीना अब 5-0-0 के अजेय रिकॉर्ड के साथ आगे बढ़ रहा है। टीम की नजरें अब इटली और ब्राजील के बाद फुटबॉल इतिहास में लगातार दो बार विश्व कप खिताब जीतने वाला तीसरा देश बनने पर टिकी हैं। लियोनेल मेसी के करियर के दौरान अर्जेंटीना लगातार छठी बार विश्व कप के अंतिम आठ में जगह बनाने में सफल रहा है। राउंड ऑफ 16 की इस ऐतिहासिक बाधा को पार करने के बाद अब अर्जेंटीना की टीम 11 जुलाई को कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कोलंबिया और स्विट्जरलैंड के बीच होने वाले मैच के विजेता से लोहा लेगी।
ट्रेंट ब्रिज में रनों के लिहाज से भारत को मिली इतिहास की सबसे बड़ी हार, पांच मैचों की श्रृंखला में इंग्लैंड 2-0 से आगे

नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला का तीसरा मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुआ। नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए इस बेहद अहम मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। इंग्लैंड द्वारा दिए गए 202 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम महज 11.4 ओवरों में सिर्फ 76 रनों पर सिमट गई। इस बेहद खराब प्रदर्शन के परिणामस्वरूप भारतीय टीम को रनों के लिहाज से अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। इस करारी हार के बाद मेजबान इंग्लैंड ने श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है, जिससे भारतीय टीम के लिए अब श्रृंखला में वापसी की राह बेहद कठिन हो गई है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश सहित देश के सभी हिस्सों में फैले करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह नतीजा चौंकाने वाला है क्योंकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारतीय टीम का यह दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले साल 2019 में न्यूजीलैंड ने वेलिंगटन में भारत को 80 रनों से हराया था, लेकिन नॉटिंघम की इस 125 रनों की हार ने उस पुराने अनचाहे रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। मैच की बात करें तो भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, जो बाद में पूरी तरह गलत साबित हुआ। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट ने भारतीय गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए महज 44 गेंदों में 70 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसमें सात चौके और तीन शानदार छक्के शामिल थे। इसके अलावा जोस बटलर ने 36 रन और निचले क्रम में सैम करन ने नाबाद 41 रनों का अमूल्य योगदान दिया, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 201 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से प्रिंस यादव और हर्षित राणा ने दो-दो विकेट अवश्य लिए, लेकिन वे रनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे। विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही। टीम ने पावरप्ले के भीतर ही महज 52 रनों के स्कोर पर अपने 5 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। इंग्लिश तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की घातक गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी तरह से घुटने टेक दिए। जोफ्रा आर्चर ने भारतीय शीर्ष क्रम को झकझोरते हुए वैभव सूर्यवंशी, कप्तान श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल को पवेलियन का रास्ता दिखाया। जोश टंग ने भी अपनी रफ्तार का कहर बरपाते हुए अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को आउट कर भारत की कमर तोड़ दी। टीम का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिकने का साहस नहीं दिखा सका और पूरी पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। भारतीय टीम की ओर से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और विकेटकीपर ईशान किशन ही सर्वाधिक 13-13 रन बना सके, जो टीम के खराब बल्लेबाजी दृष्टिकोण को दर्शाता है। पूरी पारी के दौरान शॉट चयन में भारी लापरवाही देखने को मिली और बल्लेबाजों में पिच पर रुककर संघर्ष करने का कोई जज्बा नजर नहीं आया। इस हार के साथ ही भारतीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब टीम लगातार पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में एक भी जीत दर्ज करने में असफल रही है। श्रृंखला का चौथा मुकाबला अब ब्रिस्टल में खेला जाना है, जहां भारतीय टीम को अपनी साख बचाने और श्रृंखला में बने रहने के लिए आत्ममंथन कर मैदान पर उतरना होगा।
Hair Fall Control Diet: बाल झड़ने से हैं परेशान तो डाइट में शामिल करें ये 7 सुपरफूड्स जड़ों से होंगे मजबूत

नई दिल्ली । आज के समय में बाल झड़ने की समस्या केवल बढ़ती उम्र तक सीमित नहीं रह गई है बल्कि युवा भी बड़ी संख्या में इससे परेशान हैं। बदलती जीवनशैली बढ़ता तनाव प्रदूषण अनियमित खानपान हार्मोनल बदलाव और शरीर में पोषक तत्वों की कमी बालों को कमजोर बनाकर उनके झड़ने का कारण बन रही है। ऐसे में अधिकांश लोग महंगे शैंपू सीरम और हेयर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं लेकिन यदि शरीर को अंदर से पर्याप्त पोषण नहीं मिलेगा तो बाहरी उपाय भी लंबे समय तक असरदार साबित नहीं होते। स्वस्थ और मजबूत बालों के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाल मुख्य रूप से प्रोटीन से बने होते हैं इसलिए शरीर में पर्याप्त प्रोटीन का होना जरूरी है। अंडा प्रोटीन और बायोटिन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। नियमित रूप से अंडे का सेवन बालों की जड़ों को मजबूती देने और उनकी ग्रोथ को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। वहीं शाकाहारी लोगों के लिए दालें और बीन्स भी प्रोटीन आयरन और जिंक का अच्छा विकल्प हैं जो बालों को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों में शामिल पालक भी बालों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसमें आयरन फोलेट विटामिन ए और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आयरन की कमी कई लोगों में हेयर फॉल की प्रमुख वजह होती है इसलिए नियमित रूप से पालक और अन्य हरी सब्जियों को भोजन में शामिल करना लाभदायक हो सकता है। मेवे और बीज भी बालों के लिए किसी सुपरफूड से कम नहीं हैं। बादाम अखरोट अलसी के बीज चिया सीड्स और कद्दू के बीज में ओमेगा थ्री फैटी एसिड विटामिन ई जिंक और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ये स्कैल्प को स्वस्थ रखने के साथ बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में भी मदद करते हैं। रोजाना सीमित मात्रा में इनका सेवन करने से बालों की गुणवत्ता में सुधार देखा जा सकता है। दही भी हेयर हेल्थ के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें प्रोटीन कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं। जब शरीर पोषक तत्वों को सही तरीके से अवशोषित करता है तो उसका सकारात्मक असर बालों और त्वचा दोनों पर दिखाई देता है। इसके अलावा संतरा मौसंबी अमरूद और कीवी जैसे विटामिन सी से भरपूर फल शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाते हैं और कोलेजन बनाने में मदद करते हैं। कोलेजन बालों की मजबूती बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि आप मांसाहारी हैं तो सैल्मन सार्डिन जैसी फैटी मछलियों का सेवन भी लाभदायक हो सकता है क्योंकि इनमें प्रोटीन और ओमेगा थ्री फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो स्कैल्प को पोषण देकर बालों की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद करता है। ध्यान रखें कि केवल अच्छी डाइट ही नहीं बल्कि पर्याप्त नींद नियमित व्यायाम तनाव से दूरी और पर्याप्त पानी पीना भी बालों की सेहत के लिए उतना ही जरूरी है। यदि लंबे समय तक अत्यधिक बाल झड़ रहे हों या अचानक हेयर फॉल बढ़ जाए तो किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें ताकि सही कारण का पता लगाकर समय पर उपचार किया जा सके।
आज का मौसम देगा राहत और चुनौती दोनों कई राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट गर्मी से मिलेगी राहत लेकिन बढ़ेगा जलभराव का खतरा

मध्यप्रदेश । देशभर में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। मानसून की सक्रियता के चलते कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज चमक भी देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय इलाकों में मानसून मजबूत स्थिति में बना हुआ है जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव फिसलन और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। दिल्ली एनसीआर उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में आज बादल छाए रहने के साथ रुक रुक कर बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है इसलिए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वहीं राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। बिहार और झारखंड में भी कई स्थानों पर गरज चमक के साथ अच्छी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी तट की बात करें तो महाराष्ट्र गोवा कर्नाटक और केरल में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। इन राज्यों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भी तेज बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने की संभावना बनी हुई है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश नागालैंड और मिजोरम में कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज बारिश के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से परहेज करें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है वहां स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। कुल मिलाकर आज का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बदलते मौसम के नाम रहेगा जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन सावधानी बरतना भी उतना ही आवश्यक होगा।
बारिश के मौसम में सर्दी जुकाम से कैसे बचें जानिए मजबूत इम्यूनिटी और स्वस्थ रहने के आसान उपाय

नई दिल्ली । बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है वहीं अपने साथ कई तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इस मौसम में सर्दी जुकाम वायरल संक्रमण गले में खराश और बुखार जैसी समस्याएं तेजी से फैलती हैं। तापमान में अचानक बदलाव हवा में बढ़ी नमी और गंदे पानी के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में यदि कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो मानसून का आनंद भी लिया जा सकता है और स्वास्थ्य भी बेहतर रखा जा सकता है। बरसात के दिनों में सबसे जरूरी है कि शरीर को भीगने से बचाया जाए। यदि किसी कारण बारिश में भीग जाएं तो घर पहुंचते ही सूखे कपड़े पहनें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं। लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से शरीर का तापमान कम हो जाता है जिससे सर्दी जुकाम का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में गर्म और ताजा भोजन करना सबसे अच्छा माना जाता है। बासी या खुले में रखा भोजन खाने से बचें क्योंकि नमी के कारण भोजन जल्दी खराब हो सकता है। अपने भोजन में हरी सब्जियां मौसमी फल दाल और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है। कई लोग बारिश के मौसम में प्यास कम लगने के कारण पानी कम पीते हैं लेकिन शरीर को हाइड्रेट रखना संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक है। हमेशा साफ और उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं। अदरक तुलसी काली मिर्च और हल्दी जैसे प्राकृतिक तत्वों का सेवन भी फायदेमंद माना जाता है। इनसे बनी गर्म चाय या काढ़ा गले को राहत देने और शरीर को गर्म रखने में मदद कर सकता है। हालांकि यदि किसी को पहले से कोई बीमारी है तो ऐसे घरेलू उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। बिना हाथ धोए आंख नाक या मुंह को छूने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना सर्दी जुकाम से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। पर्याप्त नींद लेना और नियमित व्यायाम करना भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। रोजाना हल्की एक्सरसाइज योग या प्राणायाम करने से शरीर सक्रिय रहता है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। यदि लगातार तेज बुखार सांस लेने में तकलीफ तीन से चार दिन तक जुकाम बना रहे या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर उपचार लेने से बीमारी गंभीर होने से बच सकती है। बरसात का मौसम आनंद और ताजगी का मौसम है लेकिन थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। संतुलित भोजन साफ सफाई पर्याप्त आराम और सही जीवनशैली अपनाकर आप इस मौसम में सर्दी जुकाम और वायरल संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं और पूरे परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं।
बुधवार के वास्तु उपाय बदल सकते हैं आपकी किस्मत घर में आएगी सुख समृद्धि और आर्थिक उन्नति का नया दौर

नई दिल्ली । सनातन परंपरा में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी देवता और ग्रह को समर्पित माना गया है। बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियम के साथ किए गए पूजा पाठ और वास्तु उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। बुध ग्रह को बुद्धि वाणी व्यापार शिक्षा और आर्थिक उन्नति का कारक माना जाता है। इसलिए इस दिन किए गए छोटे छोटे उपाय भी जीवन में शुभ परिणाम देने वाले माने जाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दिशा और उसमें मौजूद ऊर्जा का सीधा प्रभाव परिवार के सदस्यों के जीवन पर पड़ता है। यदि घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाए तो आर्थिक समस्याएं मानसिक तनाव पारिवारिक विवाद और कार्यों में रुकावट जैसी परेशानियां सामने आने लगती हैं। ऐसे में बुधवार के दिन कुछ विशेष वास्तु नियमों का पालन करने से घर का वातावरण सकारात्मक और ऊर्जावान बन सकता है। बुधवार की शुरुआत हमेशा स्वच्छता से करनी चाहिए। सुबह स्नान के बाद सबसे पहले घर के मुख्य द्वार की सफाई करें क्योंकि मुख्य द्वार को सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। इसके बाद हल्दी या चंदन से स्वस्तिक बनाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में सुख शांति और समृद्धि का वास होता है। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा करें और उन्हें दूर्वा हरी इलायची मोदक या लड्डू अर्पित करें। मान्यता है कि गणेश जी की कृपा से सभी प्रकार के विघ्न दूर होते हैं और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं। यदि संभव हो तो गणेश अथर्वशीर्ष या गणेश मंत्र का जाप भी करें। इससे मानसिक शांति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा बुध ग्रह की दिशा मानी जाती है। इसलिए बुधवार को इस दिशा को विशेष रूप से साफ रखें। यहां भारी सामान या अनुपयोगी वस्तुएं रखने से बचें। यदि इस दिशा में हरे रंग का पौधा रखा जाए तो इसे शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और आर्थिक उन्नति के अवसर मजबूत होते हैं। बुधवार के दिन हरे रंग का विशेष महत्व माना गया है। हरे वस्त्र पहनना हरी मूंग का दान करना या जरूरतमंद लोगों को हरी सब्जियां देना शुभ माना जाता है। यह उपाय बुध ग्रह को मजबूत करने के साथ व्यक्ति के जीवन में सुख और समृद्धि लाने वाला माना जाता है। घर या कार्यालय में बिखरा हुआ सामान नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है। इसलिए बुधवार को अपने कार्यस्थल और अध्ययन कक्ष को व्यवस्थित रखें। साफ और व्यवस्थित वातावरण एकाग्रता बढ़ाने के साथ नए अवसरों को आकर्षित करने में भी सहायक माना जाता है। बुधवार को कटु वचन बोलने विवाद करने या किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। मधुर व्यवहार और विनम्रता बुध ग्रह को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय माना गया है। शाम के समय भगवान गणेश के समक्ष घी का दीपक जलाकर प्रार्थना करने से घर में सुख शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार के इन सरल वास्तु उपायों को नियमित रूप से अपनाने से जीवन में आने वाली कई बाधाएं दूर हो सकती हैं। हालांकि इन उपायों का आधार आस्था और परंपरा है। यदि इन्हें श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ अपनाया जाए तो व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास शांति और नई ऊर्जा का संचार महसूस किया जा सकता है।
बुधवार पूजा विधि: गणपति बप्पा की कृपा पाने के लिए अपनाएं ये आसान नियम और पूजा का सही तरीका

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि विधान से गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और बुद्धि विवेक धन समृद्धि तथा सुख शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिन लोगों के कार्य बार बार रुकते हैं या शिक्षा व्यापार और नौकरी में बाधाएं आती हैं वे बुधवार के दिन विशेष रूप से भगवान गणेश की आराधना करते हैं। बुधवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ हरे या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर की साफ सफाई कर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। इसके बाद शुद्ध जल से आचमन करें और भगवान का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें। भगवान गणेश को दूर्वा घास अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ लाल या पीले फूल चढ़ाएं। मोदक लड्डू गुड़ चना या मौसमी फल का भोग लगाएं। धूप दीप और नैवेद्य अर्पित करने के बाद गणेश जी की आरती करें। पूजा के दौरान गणेश अथर्वशीर्ष या गणेश चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। बुधवार के दिन इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना लाभकारी माना जाता है। ॐ गं गणपतये नमः धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंत्र का श्रद्धा से जाप करने से बुद्धि का विकास होता है और जीवन की बाधाएं दूर होने लगती हैं। इसके साथ ही बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए हरे मूंग का दान करना गाय को हरा चारा खिलाना और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो बुधवार के दिन क्रोध झूठ और कटु वचन से बचें। किसी का अपमान न करें और परिवार के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करें। विद्यार्थियों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है। वे भगवान गणेश की पूजा कर अपनी पढ़ाई में सफलता की प्रार्थना कर सकते हैं। व्यापारी भी नए कार्य की शुरुआत या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले गणेश जी का स्मरण करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई बुधवार की पूजा से भगवान गणेश भक्तों की मनोकामनाएं सुनते हैं और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर सुख समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। नियमित रूप से गणेश आराधना करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।
Gold Silver Price Today 8 July आज खरीदारी से पहले जरूर जान लें सोने और चांदी की नई कीमतें

नई दिल्ली । सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। 7 जुलाई को घरेलू सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज दोनों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और निवेशकों की सतर्कता के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में आज खरीदारी करने वाले ग्राहकों को पिछले दिनों की तुलना में कुछ राहत मिल सकती है। आज के कारोबार में 24 कैरेट सोने का खुदरा भाव लगभग 145260 रुपये प्रति 10 ग्राम जबकि 22 कैरेट सोने का भाव करीब 133150 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत लगभग 108950 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। चांदी की बात करें तो 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव करीब 241700 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। अलग अलग शहरों में स्थानीय टैक्स और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी सोने और चांदी दोनों में कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोना करीब आधा प्रतिशत तक फिसला जबकि चांदी में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती और वैश्विक आर्थिक संकेतों के कारण निवेशकों ने फिलहाल सुरक्षित निवेश में सतर्क रुख अपनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं तो मौजूदा गिरावट एक अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी है। वहीं आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को भी अलग अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क की जांच करने के बाद ही खरीदारी करनी चाहिए। सोना खरीदते समय हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला आभूषण ही लें और बिल लेना न भूलें। इससे शुद्धता की गारंटी मिलती है और भविष्य में बेचने या बदलने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती। चांदी खरीदते समय भी उसकी शुद्धता और प्रमाणित विक्रेता का ध्यान रखना जरूरी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और डॉलर इंडेक्स की चाल के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय सोच समझकर फैसला लेना चाहिए। फिलहाल कीमतों में आई नरमी खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत देने वाली मानी जा रही है।