सेमीफाइनल हार के बाद भी नहीं टूटा जोकोविच का हौसला, 25वें ग्रैंड स्लैम के लिए जारी रहेगी जंग

नई दिल्ली। विंबलडन 2026 के पुरुष एकल सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जैनिक सिनर से सीधे सेटों में हार झेलने के बावजूद टेनिस महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने साफ कर दिया कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। सात बार के विंबलडन चैंपियन ने संन्यास की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि वह कम से कम एक बार और इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम में वापसी करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब का सपना भी बरकरार रहने की बात कही। 39 वर्षीय सर्बियाई स्टार को सेमीफाइनल में जैनिक सिनर ने 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पूरे मुकाबले में सिनर ने आक्रामक और संतुलित खेल दिखाया तथा जोकोविच को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। हार के बाद जब जोकोविच सेंटर कोर्ट से बाहर निकले तो दर्शकों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका सम्मान किया। इसके बाद उनके संन्यास को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं, लेकिन जोकोविच ने इन सभी अटकलों को तुरंत खारिज कर दिया। जोकोविच ने कहा कि वह कम से कम एक बार और विंबलडन में खेलना चाहते हैं। उन्होंने माना कि इस हार से उन्हें निराशा हुई है क्योंकि उनका लक्ष्य एक और विंबलडन खिताब जीतना था। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वह लगातार मेहनत करते हैं और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन को सकारात्मक बताया। खास तौर पर क्वार्टर फाइनल में फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे के खिलाफ मिली जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस मुकाबले ने साबित किया कि वह आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास को मजबूत करता है और बताता है कि वह अब भी शीर्ष स्तर का टेनिस खेल सकते हैं। जोकोविच ने स्वीकार किया कि सेमीफाइनल में वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने जैनिक सिनर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार टेनिस खेली और जीत के पूरी तरह हकदार रहे। हालांकि इस हार का दुख रहेगा, लेकिन वह इसे पीछे छोड़कर आगे की चुनौतियों पर ध्यान देना चाहते हैं। 24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके जोकोविच की अब नजर यूएस ओपन 2026 पर होगी। यदि वह वहां खिताब जीतने में सफल रहते हैं तो यह उनके करियर का 25वां ग्रैंड स्लैम होगा और वह इस मामले में मार्गरेट कोर्ट का रिकॉर्ड पीछे छोड़ देंगे। यही लक्ष्य उन्हें लगातार प्रेरित कर रहा है। जोकोविच ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी रिकॉर्ड या बाहरी दबाव के कारण नहीं खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी टेनिस से उतना ही प्यार है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ जीत हासिल करने में सक्षम हैं। यही विश्वास उन्हें आगे भी कोर्ट पर उतरने और नई उपलब्धियां हासिल करने की प्रेरणा देता रहेगा।
मंधाना-हरमनप्रीत का दम, लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन भारत का दबदबा; इंग्लैंड को शुरुआती झटका

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली। बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए और दिन का खेल समाप्त होने से पहले इंग्लैंड को शुरुआती झटका देकर दबाव भी बना दिया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने एक विकेट के नुकसान पर 21 रन बनाए हैं और वह अभी भारत के स्कोर से 264 रन पीछे है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत निराशाजनक रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। इसके बाद यास्तिका भाटिया भी बड़ी पारी नहीं खेल सकीं और 12 रन बनाकर आउट हो गईं। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद जेमिमा रोड्रिग्स और स्मृति मंधाना ने पारी को संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़कर टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। जेमिमा ने 38 गेंदों में 35 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें पांच चौके शामिल रहे। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने स्मृति मंधाना का बेहतरीन साथ निभाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 89 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर भारतीय पारी को मजबूती दी। स्मृति मंधाना शानदार लय में नजर आईं और 108 गेंदों में 11 चौकों तथा एक छक्के की मदद से 83 रन बनाए। वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 58 रन का अहम योगदान दिया। मध्यक्रम में दीप्ति शर्मा ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 87 गेंदों पर 57 रन की संयमित पारी खेली, जिसमें सात चौके शामिल रहे। हालांकि मंधाना के आउट होने के बाद भारतीय बल्लेबाजी थोड़ी लड़खड़ा गई और टीम ने अपने अंतिम छह विकेट केवल 95 रन जोड़कर गंवा दिए। ऋचा घोष और स्नेह राणा दोनों 13-13 रन बनाकर आउट हुईं। इंग्लैंड की ओर से अनुभवी स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 68 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। इस्सी वोंग और मैडी विलियर्स ने दो-दो विकेट लिए, जबकि लॉरेन बेल को एक सफलता मिली। दिन का खेल समाप्त होने से पहले भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार शुरुआत की। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट को सिर्फ दो रन पर आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। स्टंप्स तक हीथर नाइट एक रन और मैया बाउचियर 17 रन बनाकर नाबाद रहीं। इंग्लैंड को अभी भारत की पहली पारी के स्कोर तक पहुंचने के लिए लंबा सफर तय करना है। पहले दिन के खेल के बाद भारतीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। अब दूसरे दिन गेंदबाजों की कोशिश इंग्लैंड को कम स्कोर पर समेटकर पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने की होगी।
सोना-चांदी बाजार में बड़ी गिरावट, एक सप्ताह में सोना करीब 3 हजार और चांदी 13 हजार रुपये से अधिक टूटी, निवेशकों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली । वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच इस सप्ताह घरेलू बुलियन बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। सप्ताहभर के कारोबार में सोना लगभग तीन हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ, जबकि चांदी के दाम में 13 हजार रुपये से अधिक प्रति किलोग्राम की कमी दर्ज की गई। कीमतों में आई इस नरमी ने निवेशकों और सर्राफा कारोबार से जुड़े लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत सप्ताह के अंत तक 2,976 रुपये घटकर 1,43,368 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। सप्ताह की शुरुआत में इसका भाव 1,46,344 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसी प्रकार 22 कैरेट सोने की कीमत घटकर 1,31,325 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई, जबकि सप्ताह की शुरुआत में यह 1,34,051 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने में भी गिरावट देखने को मिली और इसका भाव 1,09,758 रुपये से घटकर 1,07,526 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। साप्ताहिक कारोबार के दौरान सोने में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। सप्ताह का उच्चतम स्तर 6 जुलाई के सुबह के सत्र में 1,45,583 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि सबसे निचला स्तर 8 जुलाई के शाम के सत्र में 1,42,350 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। इससे स्पष्ट है कि बाजार में पूरे सप्ताह अस्थिरता बनी रही और निवेशकों को लगातार बदलते भावों का सामना करना पड़ा। सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान चांदी 13,468 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती होकर 2,20,390 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। सप्ताह की शुरुआत में इसका भाव 2,33,858 रुपये प्रति किलोग्राम था। कारोबार के दौरान चांदी का उच्चतम स्तर 6 जुलाई के शाम के सत्र में 2,33,158 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जबकि सबसे निचला स्तर 10 जुलाई के शाम के सत्र में 2,20,390 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। सर्राफा बाजार में कीमतों का निर्धारण दिन में दो बार सुबह और शाम के कारोबारी सत्र के आधार पर किया जाता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में आए बदलावों का सीधा असर घरेलू कीमतों पर भी देखने को मिलता है। इसी कारण वैश्विक स्तर पर होने वाली आर्थिक और राजनीतिक घटनाओं पर निवेशकों की लगातार नजर बनी रहती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इस सप्ताह सोने का भाव लगभग 4,100 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव करीब 60 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा पश्चिम एशिया में विकसित हो रहे हालात ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ाई है। इन परिस्थितियों का प्रभाव कीमती धातुओं के कारोबार पर भी पड़ा, जिसके चलते घरेलू बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और निवेशकों की धारणा के आधार पर बुलियन बाजार की दिशा तय होने की संभावना जताई जा रही है।
स्पेन ने 16 साल बाद रचा इतिहास, बेल्जियम को 2-1 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में एंट्री

नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम को 2-1 से हराकर 16 साल बाद विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले का फैसला अंतिम मिनटों में हुआ, जब सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मिकेल मेरिनो ने निर्णायक गोल कर स्पेन को ऐतिहासिक जीत दिलाई। अब सेमीफाइनल में स्पेन की भिड़ंत पिछले विश्व कप की फाइनलिस्ट फ्रांस से होगी। लॉस एंजिल्स में खेले गए मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन ने आक्रामक रवैया अपनाया और बेल्जियम के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा। गेंद पर बेहतर नियंत्रण और तेज पासिंग के दम पर स्पेन ने कई मौके बनाए। आखिरकार 30वें मिनट में उसकी मेहनत रंग लाई। लैमिन यामल के शानदार मूव के बाद पेड्रो पोरो ने बॉक्स में सटीक लो क्रॉस दिया। गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ ने डैनी ओल्मो का पहला प्रयास रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर फैबियन रुइज ने गेंद को गोल में पहुंचाकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि बेल्जियम ने भी शानदार वापसी की। 41वें मिनट में टिमोथी कास्टेग्ने के बेहतरीन क्रॉस पर चार्ल्स डी केटेलेयर ने दमदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के साथ स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन की लगातार छह क्लीन शीट का सिलसिला भी समाप्त हो गया। साथ ही विश्व कप में बिना गोल खाए उनके लगातार 650 मिनट खेलने का रिकॉर्ड भी टूट गया। दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई हमले किए, लेकिन गोल नहीं हो सका। मैच के 71वें मिनट में बेल्जियम को बड़ा झटका तब लगा, जब अनुभवी गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ चोट के कारण मैदान छोड़ने को मजबूर हो गए। उनकी जगह युवा गोलकीपर सेने लैमेंस को उतारा गया। कोर्टुआ का यह विश्व कप में 21वां मुकाबला था और वह टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले गोलकीपरों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी स्पेन के कोच ने 86वें मिनट में मिकेल मेरिनो को मैदान पर उतारा। महज दो मिनट बाद ही मेरिनो ने अपनी मौजूदगी का असर दिखा दिया। पाउ क्यूबार्सी के दूर से लगाए गए शॉट को बेल्जियम के नए गोलकीपर ठीक से नियंत्रित नहीं कर सके। गेंद उनके हाथों से छिटक गई और मेरिनो ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। यही गोल स्पेन की जीत का कारण बना। यह लगातार दूसरा मुकाबला रहा, जिसमें मिकेल मेरिनो ने सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरकर स्पेन के लिए निर्णायक गोल किया। इससे पहले उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल के खिलाफ भी अंतिम समय में विजयी गोल दागकर टीम को जीत दिलाई थी। इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है और अब उसकी नजर फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल करने पर होगी।
Q1 नतीजों पर बाजार की बड़ी नजर, डीमार्ट समेत पांच कंपनियां जारी करेंगी अप्रैल-जून तिमाही रिपोर्ट, सोमवार की ट्रेडिंग पर रहेगा असर

नई दिल्ली । शेयर बाजार में अप्रैल-जून तिमाही के वित्तीय नतीजों का दौर तेज हो गया है। शनिवार को पांच कंपनियां अपने पहली तिमाही के परिणाम जारी करेंगी, जिनमें एवेन्यू सुपरमार्ट्स (डीमार्ट) और एलटीएम लिमिटेड पर निवेशकों की विशेष नजर रहेगी। इन कंपनियों के नतीजों से न केवल उनके कारोबारी प्रदर्शन का आकलन होगा, बल्कि संबंधित क्षेत्रों की स्थिति और आने वाले महीनों के कारोबारी संकेत भी मिलेंगे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन परिणामों का असर अगले कारोबारी सत्र में संबंधित शेयरों की चाल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है। आज जिन कंपनियों के वित्तीय नतीजे घोषित होने हैं उनमें अवांटेल लिमिटेड, एवेन्यू सुपरमार्ट्स, गोवरा लीजिंग एंड फाइनेंस, एलटीएम लिमिटेड और तिरुपति फिनलीज शामिल हैं। निवेशकों की सबसे अधिक रुचि डीमार्ट और एलटीएम के प्रदर्शन में बनी हुई है क्योंकि दोनों कंपनियां अपने-अपने क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों में गिनी जाती हैं। इनके नतीजों से खुदरा कारोबार और इंजीनियरिंग एवं तकनीकी सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति का भी संकेत मिलेगा। डीमार्ट के नतीजों को उपभोक्ता मांग का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। कंपनी देश की प्रमुख रिटेल श्रृंखलाओं में शामिल है और इसके वित्तीय प्रदर्शन से यह अनुमान लगाया जाता है कि उपभोक्ता खर्च में किस प्रकार का रुझान बना हुआ है। निवेशकों की नजर कंपनी की आय, शुद्ध लाभ, परिचालन मार्जिन और नए स्टोर विस्तार की गति पर रहेगी। यदि कंपनी मजबूत वृद्धि दर्ज करती है तो इसे संगठित खुदरा क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। पिछली तिमाही में डीमार्ट ने बेहतर प्रदर्शन किया था। कंपनी ने राजस्व, परिचालन लाभ और शुद्ध लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की थी। साथ ही उसके परिचालन मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला था। इसी कारण इस बार भी बाजार को उम्मीद है कि कंपनी स्थिर मांग और प्रभावी लागत प्रबंधन के दम पर मजबूत परिणाम पेश कर सकती है। दूसरी ओर एलटीएम लिमिटेड के परिणाम भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग सेवाओं के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों के बढ़ते उपयोग के बीच निवेशक यह जानना चाहेंगे कि कंपनी के नए ऑर्डर, राजस्व वृद्धि और लाभप्रदता पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है। प्रबंधन की भविष्य की रणनीति और मांग को लेकर दिए जाने वाले संकेत निवेशकों के लिए विशेष महत्व रखेंगे। तिमाही परिणाम जारी होने के बाद कंपनियां आमतौर पर निवेशकों और विश्लेषकों के साथ बैठक भी करती हैं। इन बैठकों में प्रबंधन भविष्य की कारोबारी योजनाओं, संभावित निवेश, नए अनुबंध, बाजार की चुनौतियों और विकास की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी देता है। कई बार इसी दौरान लाभांश या अन्य कॉरपोरेट घोषणाएं भी की जाती हैं, जिन पर निवेशकों की विशेष नजर रहती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पहली तिमाही के परिणाम पूरे वित्तीय वर्ष की संभावित दिशा का प्रारंभिक संकेत देते हैं। यदि प्रमुख कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं और भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है। वहीं अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन की स्थिति में संबंधित शेयरों के साथ-साथ पूरे बाजार की धारणा पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए आगामी कारोबारी सत्र में इन कंपनियों के शेयरों और बाजार की चाल पर निवेशकों की पैनी नजर बनी रहेगी।
हेली मैथ्यूज का तूफानी शतक, आयरलैंड को 9 विकेट से रौंदकर वेस्टइंडीज ने सीरीज में बनाई बढ़त

नई दिल्ली। ब्रेडी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए पहले महिला वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने कप्तान हेली मैथ्यूज के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत आयरलैंड को 9 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मैथ्यूज ने पहले गेंद से तीन महत्वपूर्ण विकेट झटके और फिर बल्ले से नाबाद 159 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने आयरलैंड को 49 ओवर में 269 रन पर समेट दिया। आयरलैंड की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज एमी हंटर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 90 गेंदों में 96 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में छह चौके लगाए और शतक से केवल चार रन दूर रह गईं। कप्तान गेबी लेविस ने 39 रन, ओर्ला प्रेंडरगैस्ट ने 30 और लुइस लिटिल ने 27 रन का योगदान दिया, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सका। वेस्टइंडीज की गेंदबाजी में एफी फ्लेचर सबसे सफल रहीं। उन्होंने 10 ओवर में 49 रन देकर चार विकेट हासिल किए। कप्तान हेली मैथ्यूज ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 52 रन देकर तीन विकेट लिए। जैनिलेया ग्लासगो और करिश्मा रामहरक ने एक-एक विकेट लेकर आयरलैंड की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। 270 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बना ली। कप्तान हेली मैथ्यूज और रीलियाना ग्रिमंड ने पहले विकेट के लिए 258 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर आयरलैंड की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया। यह महिला वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज की ओर से पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। मैथ्यूज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 123 गेंदों में 24 चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 159 रन बनाए। यह उनके वनडे करियर का 11वां शतक होने के साथ-साथ इस प्रारूप में उनकी अब तक की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी भी रही। दूसरी ओर रीलियाना ग्रिमंड शतक से चूक गईं और 107 गेंदों में 91 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके लगाए। इसके बाद स्टेफनी टेलर दो रन बनाकर नाबाद लौटीं और वेस्टइंडीज ने केवल एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस शानदार जीत के साथ वेस्टइंडीज ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। कप्तान हेली मैथ्यूज का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम के लिए बड़ा आत्मविश्वास लेकर आया है। अब दूसरे वनडे में आयरलैंड वापसी की कोशिश करेगा, जबकि वेस्टइंडीज की नजर सीरीज अपने नाम करने पर होगी।
ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बोले पीएम मोदी, न्यूजीलैंड की उपलब्धियों की खुलकर सराहना, कहा- ‘हमने आपसे बहुत कुछ सीखा’

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आयोजित भारतीय समुदाय के विशेष कार्यक्रम में दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य की साझेदारी पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का रिश्ता केवल कूटनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास, मित्रता और साझा मूल्यों की मजबूत नींव पर आधारित है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की कई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने इस देश से बहुत कुछ सीखा है और आज भी सीखने की यह प्रक्रिया लगातार जारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता होने के बावजूद समय के साथ स्वयं को निरंतर बदलता और आधुनिक बनाता रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सीखने की क्षमता है। यही कारण है कि देश दुनिया के विभिन्न अनुभवों को अपनाते हुए अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति उसके आकार से नहीं, बल्कि जनकल्याण की भावना और समाज के विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता से तय होती है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की लोकतांत्रिक परंपराओं और सामाजिक विकास की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह वही देश है जिसने दुनिया में सबसे पहले महिलाओं को मतदान का अधिकार देकर समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों की नई मिसाल पेश की। आज न्यूजीलैंड के विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी उसकी सबसे बड़ी ताकतों में शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत भी महिला सशक्तिकरण को विकास का प्रमुख आधार मानते हुए शिक्षा, उद्यमिता, नेतृत्व और आर्थिक भागीदारी के नए अवसर लगातार बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में न्यूजीलैंड की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस देश ने कृषि और उससे जुड़े मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्र किसी भी राष्ट्र की आर्थिक ताकत बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों पर आधारित कृषि व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और वैश्विक बाजार से जोड़कर न्यूजीलैंड ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। भारत जैसे विशाल कृषि प्रधान देश के लिए यह अनुभव प्रेरणादायक है और इससे कई उपयोगी सीख प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड ने यह भी सिद्ध किया है कि सीमित घरेलू बाजार होने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण उत्पादों और नवाचार के बल पर वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बनाई जा सकती है। भारत भी स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और कृषि आधारित उद्योगों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इस दिशा में दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। प्रधानमंत्री ने भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को भविष्य की साझा यात्रा बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और पारस्परिक सम्मान की भावना लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने भारतीय समुदाय की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड शिक्षा, कृषि, व्यापार, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे, जिससे दोनों देशों की साझेदारी और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनेगी।
क्या अब हर बातचीत होगी रिकॉर्ड Meta के नए AI ग्लासेस को लेकर दुनिया भर में छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया तेजी से बदल रही है और अब यह तकनीक केवल मोबाइल या कंप्यूटर तक सीमित नहीं रह गई है। मेटा ऐसे नए AI स्मार्ट ग्लासेस विकसित कर रही है जो यूजर की रोजमर्रा की गतिविधियों को समझने और याद रखने में सक्षम होंगे। कंपनी का दावा है कि यह तकनीक लोगों को पहले से कहीं अधिक स्मार्ट और व्यक्तिगत डिजिटल सहायता उपलब्ध कराएगी लेकिन इसके साथ ही निजता और डेटा सुरक्षा को लेकर नई बहस भी शुरू हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेटा अपने नए स्मार्ट ग्लासेस में सुपर सेंसिंग नाम के फीचर पर काम कर रही है। यह फीचर यूजर के आसपास के वातावरण को लगातार समझने का प्रयास करेगा। चश्मा हर कुछ सेकंड में तस्वीरें ले सकेगा और आसपास की आवाजों से भी जरूरी जानकारी जुटाएगा। इसके आधार पर AI यूजर की दिनभर की गतिविधियों को बेहतर तरीके से समझ पाएगा और जरूरत पड़ने पर उनसे जुड़े सवालों के जवाब भी दे सकेगा। इन स्मार्ट ग्लासेस की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यूजर दिनभर में क्या देखता है किन लोगों से मिलता है कहां जाता है और क्या बातचीत करता है इसका संदर्भ AI के पास मौजूद रहेगा। यदि यूजर दिन के अंत में पूछे कि आज उसने क्या किया या किसी व्यक्ति से क्या चर्चा हुई थी तो AI उसी आधार पर जानकारी उपलब्ध करा सकेगा। इससे यह तकनीक एक डिजिटल असिस्टेंट की तरह काम करेगी जो यूजर की याददाश्त का भी सहारा बन सकती है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मेटा इन ग्लासेस में पहले से मौजूद तकनीक को और अधिक उन्नत रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है। मौजूदा मॉडल में कुछ फीचर मैन्युअली चालू करने पड़ते हैं लेकिन नए मॉडल में यह प्रक्रिया स्वतः सक्रिय रह सकती है। इससे AI को लगातार विजुअल और ऑडियो जानकारी मिलती रहेगी और वह यूजर के व्यवहार तथा जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सकेगा। हालांकि इस नई तकनीक को लेकर सबसे बड़ी चिंता प्राइवेसी को लेकर सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई डिवाइस लगातार तस्वीरें ले और आसपास की आवाज सुनता रहे तो इससे दूसरे लोगों की निजता भी प्रभावित हो सकती है। कई बार आसपास मौजूद लोगों को यह पता भी नहीं चलेगा कि उनकी गतिविधियां किसी AI सिस्टम के लिए विश्लेषित की जा रही हैं। मेटा का कहना है कि रिकॉर्ड की गई तस्वीरों और ऑडियो को स्थायी रूप से सुरक्षित रखने की योजना नहीं है। कंपनी केवल जरूरी मेटाडेटा का उपयोग करेगी ताकि AI को यूजर के सवालों के बेहतर जवाब देने में मदद मिल सके। फिर भी डेटा सुरक्षा और व्यक्तिगत जानकारी के उपयोग को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक के लिए स्पष्ट नियम और पारदर्शी गोपनीयता नीति बेहद जरूरी होगी। एक और चिंता यह भी है कि यदि इस फीचर के दौरान रिकॉर्डिंग संकेत देने वाली एलईडी लाइट सक्रिय नहीं रहती तो आसपास मौजूद लोगों को यह जानकारी नहीं मिल पाएगी कि उनकी बातचीत या गतिविधि AI सिस्टम द्वारा समझी जा रही है। इससे सहमति और निगरानी जैसे संवेदनशील मुद्दे और गंभीर हो सकते हैं। AI तकनीक लोगों की जिंदगी को आसान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है लेकिन इसके साथ जिम्मेदार उपयोग और मजबूत डेटा सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मेटा इन स्मार्ट ग्लासेस में उपयोगकर्ताओं की सुविधा और उनकी निजता के बीच संतुलन कैसे बनाती है। यदि यह संतुलन सफल रहता है तो AI पहनने योग्य तकनीक के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू कर सकता है।
32 हजार किताबें, 5 लाख से अधिक ई-बुक्स और आधुनिक सुविधाएं, राजधानी में खुली जयप्रकाश नारायण लाइब्रेरी, पढ़ने की संस्कृति पर अमित शाह का बड़ा संदेश

नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली को आधुनिक शिक्षा और ज्ञान संसाधनों के क्षेत्र में एक नई सौगात मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नई दिल्ली नगरपालिका परिषद द्वारा विकसित अत्याधुनिक जयप्रकाश नारायण लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। आधुनिक तकनीक और डिजिटल सुविधाओं से सुसज्जित यह बहुमंजिला पुस्तकालय पारंपरिक पुस्तकों और डिजिटल ज्ञान संसाधनों का समन्वित केंद्र होगा। इसका उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और आम पाठकों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे आधुनिक सुविधाओं के साथ अध्ययन और शोध कर सकें। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के बौद्धिक विकास से मापी जाती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में पुस्तकालयों में अधिक संख्या में लोग अध्ययन करने आते हैं, वह समाज ज्ञान, नवाचार और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता है। उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर इस पुस्तकालय को समर्पित किए जाने को गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह संस्थान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। नई लाइब्रेरी में 32 हजार से अधिक भौतिक पुस्तकों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही पाठकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 5 लाख से अधिक ई-बुक्स तक पहुंच की सुविधा भी दी गई है। आधुनिक डिजिटल कैटलॉग, अध्ययन कक्ष, शोध सुविधाएं और तकनीक आधारित सेवाएं इसे राजधानी के प्रमुख ज्ञान केंद्रों में शामिल करती हैं। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को एक ही स्थान पर विविध विषयों की अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने पुस्तकालयों की सामाजिक भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं होते, बल्कि वे विचारों, ज्ञान और रचनात्मकता के विकास के महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। पढ़ने की संस्कृति मजबूत होने से समाज में जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित होती है, जो किसी भी विकसित राष्ट्र की पहचान होती है। अमित शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में लागू किए गए पुस्तकालय मॉडल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गांवों में छोटी-छोटी लाइब्रेरियों को एक केंद्रीय पुस्तकालय से जोड़ने की व्यवस्था की गई, जिससे जरूरत के अनुसार किताबें नियमित रूप से गांवों तक पहुंचाई जाती हैं। इस मॉडल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना और पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से शिक्षा के अवसरों का विस्तार होता है और ज्ञान संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे डिजिटल माध्यमों के साथ-साथ पुस्तकों के अध्ययन की परंपरा को भी बनाए रखें। उनका कहना था कि किताबें केवल जानकारी नहीं देतीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, तार्किक सोच और जीवन मूल्यों को भी मजबूत करती हैं। नई दिल्ली के मध्य स्थित यह पुस्तकालय आने वाले समय में शिक्षा, शोध और बौद्धिक विमर्श का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है। आधुनिक सुविधाओं और व्यापक डिजिटल संसाधनों के साथ यह पहल राजधानी में ज्ञान आधारित समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
देवास में तेज रफ्तार का कहर, 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत; दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट ने नम कीं आंखें

देवास । देवास के बालगढ़ रोड पर शुक्रवार रात हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ले गया। महज 14 वर्षीय छात्र जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ घूमने निकला था, लेकिन घर लौटने से पहले ही सड़क दुर्घटना ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी। हादसे में उसके दोनों दोस्त मामूली रूप से घायल हुए, जबकि जैद को अस्पताल पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और जैद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जानकारी के अनुसार दुर्घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे अष्टविनायक कॉलोनी के पास बालगढ़ रोड पर हुई। शांतिपुरा निवासी जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ बाइक से घूमने निकला था। लौटते समय उनकी बाइक सामने से आ रही एक कार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और एक परिचित की सहायता से तीनों को ऑटो में बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद जैद खान को मृत घोषित कर दिया। वहीं उसके दोनों दोस्तों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई क्योंकि उन्हें केवल मामूली चोटें आई थीं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैद का शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों के अनुसार जैद आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ-साथ बेहद मिलनसार स्वभाव का था। उसके पिता ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और साथ ही एक छोटी किराना दुकान भी संचालित करते हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मोहल्ले में भी घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि जैद सभी का चहेता था और हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाला बच्चा था। हादसे के बाद जैद के दोस्तों और परिचितों ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किए। एक दोस्त ने लिखा कि आ जाना यार हमेशा की तरह एक आवाज पर जबकि अन्य दोस्तों ने उसे श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि जहां भी रहो दोस्त हमेशा खुश रहो। इन संदेशों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं और यह एहसास कराया कि एक सड़क हादसा केवल एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरे दोस्ती के रिश्ते को भी गहरा जख्म दे जाता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कार और बाइक की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई इसकी जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही किसकी थी। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर रात के समय वाहन चलाते समय सावधानी और यातायात नियमों का पालन कितना जरूरी है, यह घटना उसकी दुखद याद दिलाती है। एक पल की चूक ने एक मासूम छात्र की जिंदगी छीन ली और उसके परिवार को ऐसा दर्द दे दिया जिसे शायद समय भी कभी पूरी तरह भर नहीं पाएगा।