सबसे पहले बात करते हैं लेटे हुए हनुमान मंदिर की, जो प्रयागराज में स्थित है। यहां हनुमान जी की प्रतिमा लेटी हुई मुद्रा में स्थापित है, जो इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाती है। मान्यता है कि गंगा नदी हर वर्ष आकर उन्हें स्नान कराती है। संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालु यहां दर्शन करना नहीं भूलते और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की कामना करते हैं।
इसके बाद महावीर मंदिर का नाम आता है, जो Patna में स्थित है। यह मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक माना जाता है। यहां हर साल भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और माना जाता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है।
छत्तीसगढ़ के गिरिजाबंध हनुमान मंदिर की विशेषता इसे और भी अनोखा बनाती है। यहां हनुमान जी को स्त्री स्वरूप में पूजा जाता है, जो पूरे विश्व में अपनी तरह का एकमात्र मंदिर माना जाता है। यह मंदिर आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम है।
राजधानी Delhi में स्थित हनुमान मंदिर कनॉट प्लेस भी श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। यह मंदिर पांडवकालीन माना जाता है और यहां हनुमान जी के बाल स्वरूप के दर्शन होते हैं। मान्यता है कि यहां सिंदूर और इत्र चढ़ाने से जीवन के संकट दूर होते हैं।
उत्तर प्रदेश के Chitrakoot में स्थित हनुमान मंदिर भी भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। यहां प्रतिमा के ऊपर स्थित कुंडों से लगातार जलधारा बहती रहती है, जिसे चमत्कारी माना जाता है। श्रद्धालु इस जल को पवित्र मानकर ग्रहण करते हैं और अपनी समस्याओं से मुक्ति की कामना करते हैं।
इसके अलावा हनुमानगढ़ी का विशेष महत्व है। Ayodhya में स्थित इस मंदिर को हनुमान जी का प्रमुख धाम माना जाता है। यहां हनुमान जी बाल रूप में विराजमान हैं और उन्हें अयोध्या का रक्षक कहा जाता है। मान्यता है कि रामलला के दर्शन से पहले हनुमानगढ़ी के दर्शन करना आवश्यक होता है।
इन सभी मंदिरों की विशेषता यही है कि यहां हनुमान जी अलग-अलग रूपों में भक्तों को दर्शन देते हैं। कहीं वे लेटे हुए हैं, तो कहीं बाल स्वरूप में, तो कहीं अनोखे रूप में पूजे जाते हैं। यही विविधता और आस्था इन धामों को खास बनाती है। इस प्रकार भारत के ये प्रसिद्ध हनुमान मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि चमत्कार और विश्वास की अनोखी मिसाल भी पेश करते हैं, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा लेकर पहुंचते हैं।