समित कार्यक्रम के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस को इस प्रदर्शन के फुटेज और आधारों के माध्यम से यह अंदेशा है कि इसका उद्देश्य देश की छवि को प्रभावित करना हो सकता है। इसी के चलते दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस नेता जितेंद्र यादव की तलाश शुरू की और उन्हें हिरासत में लिया।
ग्वालियर में इस खबर ने जिला कांग्रेस में हलचल पैदा कर दी। कांग्रेस प्रवक्ता आर पी सिंह ने बताया कि हिरासत की जानकारी अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जितेंद्र यादव के घर में प्रवेश करते समय पूरे परिवार को परेशान किया और उनके मोबाइल भी जब्त कर लिए। उन्होंने इस कार्रवाई को अराजकता और आतंकवादी जैसी हरकत करार दिया।
आर पी सिंह ने आगे कहा कि सुबह से ही शहर और ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारी थाने, एसपी कार्यालय और क्राइम ब्रांच सहित कई जगहों पर जाकर जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अभी तक किसी भी तरफ से सही जानकारी नहीं मिली है। उनका कहना है कि यदि कोई छात्र आंदोलन में शामिल हुआ है या किसी तरह के आरोप का सामना कर रहा है, तो परिवारों का अधिकार है कि वे यह जान सकें कि उनका बच्चा सुरक्षित है या नहीं।
पुलिस के पदाधिकारी इस मामले पर कैमरे के सामने बोलने से बचते दिखे, जिससे परिवार और कांग्रेस नेताओं में चिंता और बढ़ गई। इस बीच, ग्वालियर में भी स्थानीय यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता इस घटना की गंभीरता पर चर्चा कर रहे हैं।
इस मामले ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है। यूथ कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयां लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि यह हिरासत केवल जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है।जैसे-जैसे मामले में आगे की जानकारी सामने आएगी, इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया और भी स्पष्ट होगी।