कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: जांच में कमियां
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सीबीआई की चार्जशीट में गंभीर खामियां हैं और कथित साजिश के समर्थन में ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए गए। अदालत ने टिप्पणी की कि अभियोजन पक्ष अनुमान के आधार पर कहानी गढ़ता नजर आया, जो न्यायिक कसौटी पर टिक नहीं सकी।
जज जीतेंद्र सिंह ने सीबीआई द्वारा कथित कबूलनामे की कॉपी दाखिल न करने पर नाराजगी जताई। साथ ही चार्जशीट में ‘साउथ लॉबी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति दर्ज की। अदालत ने स्पष्ट कहा कि आबकारी नीति के निर्माण में किसी बड़ी आपराधिक साजिश या दुर्भावनापूर्ण इरादे के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।
क्या था पूरा मामला?
यह केस दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा था, जिस पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव की रिपोर्ट के बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद Central Bureau of Investigation ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
26 फरवरी 2023 को मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 21 मार्च 2024 को प्रवर्तन निदेशालय ने अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। बाद में सीबीआई ने भी उन्हें हिरासत में लिया था।
राजनीतिक असर और आगे की राह
इस फैसले को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। हालांकि यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना रहेगा। अदालत के फैसले के बाद अब निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या जांच एजेंसियां ऊपरी अदालत में चुनौती देती हैं या नहीं।