पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने सदन में मुख्यमंत्री के संरक्षण में अवैध कॉलोनियों के निर्माण और बिल्डरों की गतिविधियों पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि राज्य में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण अवैध निर्माण बढ़ रहा है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि तीन महीने के भीतर सख्त कानून लागू किया जाएगा और अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाई जाएगी।
सदन में अन्य कांग्रेस विधायकों ने भी विभिन्न मुद्दे उठाए। डिंडोरी के ओमकार सिंह मरकाम ने धान खरीदी सर्वर की समस्या, खातेगांव के आशीष शर्मा ने किसानों के खिलाफ झूठे मुकदमे, राजगढ़ के अमर सिंह यादव ने भूमिहीन और गरीबों के पट्टे व धारणाधिकार, नर्मदापुरम के डॉ. सीताशरण शर्मा ने अतिथि विद्वानों के मानदेय, मुरैना के दिनेश गुर्जर ने भू संसाधन प्रबंधन विभाग में जूनियर डाटा एंट्री ऑपरेटर्स की अटैचमेंट समस्या, जौरा के पंकज उपाध्याय ने EV नीति और पीएम ई-ड्राइव के क्रियान्वयन में गड़बड़ी, नागदा-खाचरोद के डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान ने सड़क दुर्घटनाओं में मौतें, भितरवार के मोहन सिंह राठौर ने राजस्व अभिलेखों में सुधार और पोहरी के कैलाश कुशवाह ने खाद और यूरिया-डीएपी कीमतों में बढ़ोतरी के मुद्दे सदन में उठाए।
इस तरह कांग्रेस विधायकों ने सदन में न सिर्फ हर्ष फायरिंग FIR का विरोध किया बल्कि किसानों, प्रशासनिक और नागरिक मामलों सहित प्रदेश में हो रहे अन्य विवादों पर भी ध्यानाकर्षण कराया। प्रदर्शन और वॉकआउट के माध्यम से उन्होंने अपनी असंतुष्टि और जनता के मुद्दों को प्रमुखता दी।