लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, समिति में विभिन्न दलों के सांसदों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
भारतीय जनता पार्टी से:
बृजमोहन अग्रवाल
रामवीर सिंह बिधूड़ी
संगीता कुमारी सिंह देव
जगदंबिका पाल
त्रिवेंद्र सिंह रावत
जगदीश शेट्टर
कांग्रेस से:
तारिक अनवर
मनीष तिवारी
मणिकम टैगोर
अन्य दलों से:
समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव
द्रमुक (DMK) के टी.आर. बालू
तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी
शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अरविंद सावंत
क्या है विशेषाधिकार समिति की भूमिका?
विशेषाधिकार समिति संसद की एक स्थायी समिति होती है, जो सदन या उसके सदस्यों के विशेषाधिकार हनन और अवमानना से जुड़े मामलों की जांच करती है।
समिति उन मामलों की पड़ताल करती है जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष द्वारा संदर्भित किया जाता है।
जांच के बाद यह समिति अपनी सिफारिशें सदन को सौंपती है।
बहुदलीय प्रतिनिधित्व
आधिकारिक सूचना के अनुसार, समिति में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, समाजवादी पार्टी और द्रमुक सहित कई दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि विशेषाधिकार से जुड़े मामलों की जांच बहुदलीय सहभागिता के साथ की जाए।
इस नियुक्ति के साथ ही नई समिति औपचारिक रूप से अपने कार्यों का निर्वहन शुरू करेगी।