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Artificial Intelligence defense: एआई समिट के बाद भारत का बड़ा रणनीतिक कदम सेना में तेजी से शामिल हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक

 Artificial Intelligence defense:  नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के बाद भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत अब अपनी सशस्त्र सेनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक को तेजी से शामिल कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य सेना को भविष्य के तकनीक आधारित युद्ध के लिए तैयार करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक किसी देश की सैन्य ताकत का आकलन उसकी सेना के आकार टैंकों की संख्या और मिसाइलों की मारक क्षमता के आधार पर किया जाता था। लेकिन बदलते दौर में युद्ध की रणनीति भी बदल रही है। आधुनिक युद्ध में अब सूचना हासिल करने की गति और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है जितनी कि हथियारों की ताकत।

रक्षा रणनीतिकार अक्सर OODA Loop का जिक्र करते हैं जिसका अर्थ है ऑब्जर्व ओरिएंट डिसाइड और एक्ट यानी स्थिति को देखना समझना फैसला लेना और तुरंत कार्रवाई करना। किसी भी सेना की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह इन चार चरणों को कितनी तेजी से पूरा कर सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसी प्रक्रिया को तेज और अधिक सटीक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

समिट के दौरान Strategic Forces Command ने एक नया स्वदेशी एआई टूल भी प्रस्तुत किया। बताया जा रहा है कि यह तकनीक भारत की सीमा निगरानी प्रणाली को काफी हद तक बदल सकती है। यह एआई सिस्टम सैटेलाइट तस्वीरों ड्रोन फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा का विश्लेषण करके सीमा क्षेत्रों में संभावित सैन्य गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम है।

रिपोर्ट के अनुसार यह सिस्टम Line of Actual Control के आसपास होने वाली गतिविधियों पर विशेष नजर रख सकता है। इसकी सटीकता लगभग 94 प्रतिशत बताई जा रही है। खास बात यह है कि यह टूल तंबू या सैन्य उपकरण जैसे स्पष्ट संकेत दिखाई देने से पहले ही संभावित सैन्य जमावड़े की पहचान कर सकता है।

अधिकारियों के अनुसार इस तकनीक की मदद से सेना किसी भी असामान्य गतिविधि को शुरुआती चरण में ही पहचान सकती है और तेजी से प्रतिक्रिया दे सकती है। पहले जहां मानव विश्लेषकों को बड़ी मात्रा में डेटा का अध्ययन करने में अधिक समय लगता था वहीं एआई सिस्टम इस डेटा को तेजी से प्रोसेस करके रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराता है। इससे सैन्य कमांडरों को जमीन पर तनाव बढ़ने से पहले ही रणनीतिक फैसले लेने में मदद मिलती है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को धीरे धीरे सेना की तीनों शाखाओं में शामिल किया जा रहा है। भारतीय सेना में SAM-UN platform नामक एक सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है जिसके माध्यम से पुराने टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है।

इन सैन्य प्लेटफॉर्मों में एआई आधारित फायर कंट्रोल सिस्टम जोड़े जा रहे हैं जिससे पुराने हथियार भी आधुनिक युद्धक्षेत्र में प्रभावी बने रह सकें। इससे नई सैन्य गाड़ियों की पूरी नई फ्लीट खरीदने की आवश्यकता भी कम हो सकती है और रक्षा संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक भारतीय सेना की रणनीति और युद्ध क्षमता को नई दिशा दे सकती है और सीमा सुरक्षा को पहले से अधिक मजबूत बना सकती है।

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