विवाद की वजह: 10 लाख का दहेज और ‘खूनी’ साजिश
परिजनों के अनुसार, पूजा की शादी 6 फरवरी 2026 को जबलपुर के लार्डगंज निवासी निखिल साहू से हुई थी।आरोप है कि शादी के वक्त 10 लाख रुपये मांगे गए थे, जिसमें से 4 लाख रुपये और जेवर दे दिए गए थे। शेष 6 लाख रुपये के लिए पूजा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।20 फरवरी को पति निखिल, ससुर नरेश, सास ज्योति और ननद नम्रता पूजा को लेकर उज्जैन गए थे। परिजनों का दावा है कि यह पूजा को ठिकाने लगाने की एक सोची-समझी साजिश थी।
इलाज के बजाय बनाया गया ‘मौत का सबूत’
21 फरवरी की सुबह पूजा के मायके वालों को एक वीडियो भेजा गया, जिसने अब इस केस में सबूत की भूमिका निभा दी है:वीडियो में पूजा की हालत बेहद गंभीर दिख रही है। आरोप है कि ससुराल पक्ष उसे कोई संदिग्ध पदार्थ (संभवतः जहर) पिला रहा था और तड़पते हुए उसका वीडियो बनाकर मायके वालों को पैसे भेजने के लिए दबाव बना रहा था।परिजनों का आरोप है कि पूजा को किसी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया, बल्कि एक फर्जी डॉक्टर का पर्चा दिखाकर उन्हें गुमराह किया गया कि वह मामूली बीमार है। कुछ ही देर बाद पूजा की मौत की खबर दे दी गई।
प्रशासन का रुख: समझाइश में जुटी पुलिस
चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जब तक पति और उसके पूरे परिवार की गिरफ्तारी नहीं होती, वे सड़क से नहीं हटेंगे। ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है।