ब्रोकरेज का दृष्टिकोण
टारगेट प्राइस में कटौती: करीब 10.5% की कमी।
रेटिंग: ‘बाय’ बरकरार है।
संभावित तेजी: नया टारगेट प्राइस अभी भी स्टॉक के पिछले बंद भाव से लगभग 17% की संभावना दिखाता है।
कारण और पृष्ठभूमि
सिटी ब्रोकरेज ने बताया कि पिछले एक साल में इंडिगो ने कई नकारात्मक परिस्थितियों का सामना किया:
पहली तिमाही में भू-राजनीतिक तनाव से संचालन प्रभावित।
फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के कारण कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा।
ईरान, इजरायल और अमेरिका से जुड़े नए भू-राजनीतिक तनाव ने अनिश्चितता बढ़ाई।
ईंधन की बढ़ती कीमतें और कमजोर भारतीय रुपया एयरलाइन की लाभप्रदता पर दबाव डाल सकते हैं।
सकारात्मक संकेत
जनवरी में इंडिगो ने घरेलू बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाकर 59.6% से 63.6% कर दी।
एयरलाइन की लागत संरचना प्रतिस्पर्धियों की तुलना में मजबूत है।
शेयर प्रदर्शन
रिपोर्ट आने के बाद दिन में शेयर 3.6% गिरकर 4,194.10 रुपए के इंट्रा-डे लो पर।
दोपहर करीब 2:55 बजे शेयर 2.51% गिरकर 4,243.50 रुपए पर।
पिछले एक महीने में स्टॉक लगभग 14.8% गिर चुका है।
52 हफ्ते का उच्चतम स्तर: 6,232.50 रुपए; निम्नतम: 4,035 रुपए।
मार्केट कैप: 1.64 लाख करोड़ रुपए।
हालांकि टारगेट प्राइस घटने के बाद शेयरों में गिरावट आई, लेकिन इंडिगो की मजबूत घरेलू हिस्सेदारी और लागत संरचना इसे निवेशकों के लिए अभी भी आकर्षक बना रही है।