इस कार्यक्रम में चार सौ से अधिक विद्यार्थियों और लगभग दो सौ शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों की भारी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को लेकर गहरी रुचि और उत्साह है। पूरे आयोजन में सीखने और सृजन की ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ मोंटू पटेल उपस्थित रहे। उनके साथ फाइनेंस चेयरमैन डॉ विभु साहनी। मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष डॉ संजय जैन। सेंट्रल मेंबर डॉ नीरज उपमन्यु। सेंट्रल मेंबर डॉ शैलेश जैन। तथा सेज यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डॉ प्रशांत जैन की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।
राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनोवेटिव प्रोडक्ट प्रस्तुतियाँ। रिसर्च पोस्टर प्रदर्शन। और पेटेंट आधारित प्रोजेक्ट्स ने छात्रों की प्रतिभा को उजागर करने का अवसर दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं पर काम करने और उनके समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पैनल चर्चा और विशेषज्ञों के मुख्य वक्तव्यों ने सभी प्रतिभागियों को गहराई से सोचने और नए विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच संवाद सत्रों ने विद्यार्थियों को यह समझने में मदद की कि तकनीकी हस्तांतरण कैसे किया जाता है और नियामक प्रक्रियाएँ किस प्रकार कार्य करती हैं। साथ ही कौशल विकास और उभरते करियर अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण उद्घाटन सत्र में प्राप्त वर्चुअल संदेश रहा। जिसमें मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का संदेश शामिल था। इस संदेश ने विद्यार्थियों और आयोजकों का उत्साह और बढ़ा दिया।
समापन समारोह में सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया। उनके नवाचार और प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर आयोजन से जुड़े सभी लोगों ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की। चांसलर इंजीनियर संजीव अग्रवाल ने भी इस आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया और इसे शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
फार्मा अन्वेषण 2026 ने यह सिद्ध किया कि यदि शिक्षा संस्थान और उद्योग मिलकर कार्य करें तो नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति संभव है। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए सीखने का मंच बना बल्कि फार्मेसी शिक्षा के भविष्य के लिए एक मजबूत आधार भी साबित हुआ।