नई दिल्ली चैत्र राष्ट्रीयता में डब घास का विशेष महत्व है। मां जगदंबा के पूजन में दूब घास अनिवार्य रूप से की जाती है, और घर में कन्या पूजन के समय भी इसका उपयोग पैर पूजन के लिए किया जाता है। परंतु डब केवल पूजा का हिस्सा नहीं है; इसके औषधीय एवं औषधीय गुण भी अत्यंत मूल्यवान हैं।
आध्यात्मिक महत्व
डब को मां जगदम्बा की पूजा में निक्की जाती है।
पैर मोक्ष के दौरान कन्या पूजन का प्रयोग किया जाता है।
इसे ‘अमृता’ की डिग्री दी गई है, जो इसे आध्यात्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण स्थान देता है।
बाहरी उपयोग और लाभ
डब घास के बाहरी उपयोग से त्वचा और मैशवेरे पर लाभकारी लाभ है:
डब घास के बाहरी उपयोग से त्वचा और मैशवेरे पर लाभकारी लाभ है:
चोट या पुराने घाव में डूबा हुआ घास का लेप लगाने से खून रुक जाता है और घाव जल्दी भर जाता है। सिर दर्द और नाक में दर्द से आराम मिलता है – सिर दर्द और नाक में दर्द से आराम मिलता है।
त्वचा की सुरक्षा – गर्मियों में जलन हो या धूप से त्वचा पर असर हो रहा है।
मुल्तानी मिट्टी के साथ प्रयोग – डब कोमार्क से मानसिक शांति और ताजगी मिलती है।
आंतरिक उपयोग और लाभ
त्वचा की सुरक्षा – गर्मियों में जलन हो या धूप से त्वचा पर असर हो रहा है।
मुल्तानी मिट्टी के साथ प्रयोग – डब कोमार्क से मानसिक शांति और ताजगी मिलती है।
आंतरिक उपयोग और लाभ
डब ग्लास का सेवन आंतरिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी है:
पेट की समस्या – अपच, गैस या अन्य पाचन संबंधी तत्वों से राहत।
मासिक धर्म के दर्द से राहत – महिलाओं को मासिक धर्म के दर्द से राहत।
सेवन करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।
आयुर्वेदिक गुण
डब ग्लास कफ और वात दोष को शुरू किया गया है।
नियमित उपयोग से शरीर में दोष संतुलन बना रहता है।
न केवल मनुष्य, बल्कि कई साध्यों के लिए भी स्वास्थ्य परामर्श।