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TV मार्केट में नया ट्रेंड-कम ग्रोथ के बावजूद QLED और बिग स्क्रीन का जलवा

नई दिल्ली। भारत का स्मार्ट टीवी बाजार साल 2025 में कुल मिलाकर स्थिर बना रहा, हालांकि साल के दौरान उपभोक्ताओं की पसंद और तकनीकी ट्रेंड में बड़ा बदलाव देखने को मिला। काउंटरपॉइंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पूरे साल शिपमेंट में कोई खास वृद्धि नहीं हुई, लेकिन चौथी तिमाही में बाजार ने जोरदार वापसी की और सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। साल की पहली छमाही में कमजोर मांग और उपभोक्ताओं की सतर्कता के कारण बाजार दबाव में रहा, लेकिन जैसे-जैसे त्योहारी सीजन और ऑफर्स बढ़े, बाजार में रफ्तार लौटती दिखी।

मिड-रेंज टीवी की बढ़ी मांग, बड़े स्क्रीन बने पहली पसंद

रिपोर्ट के मुताबिक, 40 हजार से 50 हजार रुपये की कीमत वाले स्मार्ट टीवी सेगमेंट ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। उपभोक्ता अब बेहतर फीचर्स और अनुभव के लिए थोड़ा ज्यादा खर्च करने को तैयार दिखे। खास तौर पर बड़े स्क्रीन साइज वाले टीवी की मांग तेजी से बढ़ी है। 43 इंच के टीवी सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडल रहे, जबकि 55 इंच और उससे बड़े स्क्रीन साइज वाले टीवी की बिक्री में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह ट्रेंड बताता है कि भारतीय उपभोक्ता अब घर पर बेहतर सिनेमाई अनुभव चाहते हैं।

क्यूएलईडी और मिनीएलईडी टेक्नोलॉजी की जबरदस्त ग्रोथ

तकनीक के स्तर पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। क्वांटम डॉट एलईडी यानी क्यूएलईडी टीवी की शिपमेंट 2025 में लगभग दोगुनी हो गई, जो इस सेगमेंट की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है। वहीं मिनीएलईडी तकनीक ने कम आधार से सबसे तेज वृद्धि दर्ज की। कंपनियां इसे ओएलईडी के किफायती विकल्प के रूप में पेश कर रही हैं, जिससे इसकी मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है। 43 और 55 इंच जैसे लोकप्रिय साइज में क्यूएलईडी की उपलब्धता और मिड-रेंज सेगमेंट में इसकी मजबूत पकड़ ने इसे हर कीमत वर्ग में लोकप्रिय बना दिया है।

जीएसटी कटौती और फेस्टिव ऑफर्स से बाजार को मिला सहारा

रिपोर्ट में बताया गया कि साल की पहली छमाही में उपभोक्ताओं की कमजोर भावना और प्रमोशनल गतिविधियों की कमी के कारण मांग प्रभावित रही। लोग अपने खर्च को लेकर सतर्क थे और टीवी अपग्रेड करने का फैसला टाल रहे थे। हालांकि दूसरी छमाही में त्योहारी ऑफर्स, आसान फाइनेंसिंग विकल्प और बड़े स्क्रीन टीवी की बढ़ती किफायत ने बाजार को नई गति दी। इसके साथ ही 32 इंच और उससे बड़े टीवी पर जीएसटी दर में कटौती ने भी बिक्री को बढ़ावा दिया।

2026 में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद, लेकिन लागत बढ़ने की चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में स्मार्ट टीवी बाजार में स्थिर वृद्धि देखने को मिल सकती है। महामारी के दौरान खरीदे गए टीवी के लिए रिप्लेसमेंट साइकिल शुरू होने की संभावना है, जिससे नई मांग पैदा होगी। हालांकि, डीआरएएम और नैंड जैसे कंपोनेंट्स की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से कंपनियों की लागत बढ़ सकती है, जिससे मार्जिन पर दबाव आएगा और कीमतों में आक्रामक कटौती करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में कंपनियों को संतुलित रणनीति अपनानी होगी।

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