सरेंडर नहीं सीधा टकराव; ईरान युद्ध के बीच हिजबुल्लाह प्रमुख का बड़ा ऐलान, अब क्या होगा?
तेहरान। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध के बीच हिजबुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि लेबनानी प्रतिरोध आंदोलन ने आत्मसमर्पण के बजाय टकराव का रास्ता चुना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सेनाएं अमेरिका-इजरायल परियोजना का मुकाबला करने के लिए बिना किसी सीमा के बलिदान देने को पूरी तरह तैयार हैं।
ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, हिजबुल्लाह प्रमुख ने वर्तमान संकट को लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और भविष्य के लिए अस्तित्वगत संघर्ष बताया है।
बयान में कासिम ने तर्क दिया कि लेबनान इस समय एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है। उनके अनुसार, देश के सामने दो विकल्प हैं, या तो आत्मसमर्पण कर अपनी भूमि, गरिमा, संप्रभुता और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य त्याग दें, या अपरिहार्य टकराव में शामिल होकर कब्जे का डटकर विरोध करें। उन्होंने कहा कि प्रतिरोध की सक्रिय नीति ने इजरायली दुश्मन को कोई आश्चर्यचकित करने का मौका नहीं दिया और आगे की घुसपैठ के सभी बहानों को प्रभावी ढंग से खारिज कर दिया है। इस दौरान महासचिव ने अपने योद्धाओं की वीरता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने वीरता, सम्मान, देशभक्ति और गरिमा के सबसे शानदार महाकाव्य लिखे हैं।
उन्होंने विस्थापित लेबनानी नागरिकों की भी सराहना की, जिन्होंने अपने वतन के सम्मानजनक भविष्य के लिए बलिदान और प्रतिरोध का रास्ता अपनाया है।
कासिम के बयान का मुख्य मुद्दा कथित ‘ग्रेटर इजरायल’ की विस्तारवादी योजना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह ‘खतरनाक अमेरिकी-इजरायली परियोजना’ यूफ्रेट्स से नील नदी तक क्षेत्रीय नियंत्रण स्थापित करना चाहती है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। हिजबुल्लाह नेता के मुताबिक, लेबनानी धरती पर इजरायली आक्रमण 2024 के अंत से लगातार जारी है और इजरायली दुश्मन ने पिछले युद्धविराम समझौतों का बार-बार उल्लंघन किया है।
घरेलू नीति पर बोलते हुए कासिम ने लेबनानी सरकार से आग्रह किया कि वह उन उपायों को रद्द करे जो प्रतिरोध को अपराध मानते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक देश खतरे में है, हथियारों का एकाधिकार केवल लेबनान के पतन और ‘ग्रेटर इजरायल’ योजना को बढ़ावा देगा। यही कारण है कि उन्होंने सक्रिय संघर्ष के दौरान किसी भी प्रकार की बातचीत को सख्ती से खारिज कर दिया और कहा कि गोलीबारी के बीच इजरायली दुश्मन से बातचीत जबरन आत्मसमर्पण के समान है।