नई दिल्ली । नेपाल में नई सरकार के गठन के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में बनी सरकार ने शपथ लेने के महज 24 घंटे के भीतर ही सख्त कदम उठाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई जेन-जी प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मौत के मामले में की गई है, जिसमें इन दोनों नेताओं की भूमिका को जिम्मेदार माना गया था। जानकारी के अनुसार, बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का निर्णय लिया गया था, जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी की गई।
रिपोर्ट में उल्लेख है कि प्रदर्शन के दौरान निहत्थे छात्रों पर गोली चलाई गई थी, जिससे कई छात्रों की जान गई। इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए सरकार ने सीधे सख्त कार्रवाई का रास्ता अपनाया।
नेपाल के पूर्व गृह मंत्री और पूर्व पीएम गिरफ्तार
सूत्रों के मुताबिक, सुबह सबसे पहले पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को हिरासत में लिया गया और उसके कुछ समय बाद पूर्व प्रधानमंत्री ओली को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई को नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सेना और पुलिस पर भी उठे सवाल
जांच आयोग की रिपोर्ट में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, फिलहाल सुरक्षा बलों के खिलाफ कोई सीधी कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार ने उनकी भूमिका की अलग से जांच के लिए एक नई समिति गठित करने का फैसला लिया है।