ग्राहकों की परेशानी होगी कम
वर्तमान में ग्राहक किसी भी बैंक में खाता आसानी से खोल सकते हैं, लेकिन सेविंग अकाउंट को एक बैंक से दूसरे बैंक में शिफ्ट करना चुनौतीपूर्ण है। इसका कारण यह है कि खाते से कई तरह के स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन जुड़े होते हैं, जैसे बिल पेमेंट, EMI या सैलरी के लिए ऑटो-पेमेंट। इस समस्या का समाधान करने के लिए RBI पेमेंट्स स्विचिंग सर्विस पर काम कर रहा है।
कैसा होगा नया प्लेटफॉर्म
यह नया प्लेटफॉर्म सभी पेमेंट डिटेल्स एक ही जगह दिखाएगा। ग्राहक अपने सभी आने-जाने वाले पेमेंट को आसानी से देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे किसी एक बैंक पर निर्भरता कम होगी और अकाउंट पूरी तरह पोर्टेबल बन जाएगा।
विदेशी लेन-देन में सुधार
इस सिस्टम का एक अन्य उद्देश्य विदेशी लेन-देन को तेज, सस्ता और आसान बनाना है। RBI पूरे प्लेटफॉर्म की दोबारा जांच करके नियमों, तकनीक और कामकाज में संभावित अड़चनों को पहचानने की योजना बना रहा है। इसे G20 द्वारा तय किए गए वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
प्रस्ताव का मकसद
इस बदलाव का मुख्य मकसद नई कंपनियों के लिए रास्ता आसान करना, नवाचार को बढ़ावा देना और विदेशों में पैसे भेजने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। भारत पहले ही कई देशों के साथ अपने फास्ट पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए समझौते कर चुका है, जिससे डिजिटल करेंसी और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन को बढ़ावा मिल सके।