आयोग ने कहा है कि देश के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह की बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की समस्याओं और अपेक्षाओं को व्यापक रूप से समझा जा सके। इन बैठकों से मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर आयोग यह तय करेगा कि वेतन, पेंशन और अन्य लाभों में कितना संशोधन किया जाना चाहिए।
इच्छुक समूहों और व्यक्तियों को बैठक में भाग लेने के लिए 10 अप्रैल तक समय का अनुरोध करना अनिवार्य होगा। आयोग चयनित प्रतिभागियों को बैठक के सटीक स्थान और समय के बारे में सूचित करेगा। बयान में कहा गया है कि स्थान और कार्यक्रम की जानकारी बाद में दी जाएगी।
कर्मचारी संघ, पेंशनभोगी संघ, संगठन और व्यक्तिगत कर्मचारी भी वेतन, भत्ते और पेंशन संबंधी मुद्दों पर अपने विचार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 30 अप्रैल तक ज्ञापन के रूप में भेज सकते हैं। आयोग इन सभी प्रस्तुतियों और बैठकों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करने के बाद अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।
वर्तमान में लगभग 1.1 करोड़ केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग की त्वरित सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया है।