Guwahati Test Match 2025: टेस्ट क्रिकेट का रोमांच अब नॉर्थ-ईस्ट भारत तक पहुंच गया है। गुवाहाटी 22 से 26 नवंबर के बीच भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा टेस्ट आयोजित करेगा। बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम न सिर्फ देश का 30वां टेस्ट वेन्यू बनेगा बल्कि नॉर्थ-ईस्ट का पहला शहर भी होगा, जिसे टेस्ट मैच की मेजबानी का गौरव मिलेगा।
बरसापारा स्टेडियम का इंटरनेशनल सफर
गुवाहाटी का बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम अब तक 9 इंटरनेशनल मुकाबलों की मेजबानी कर चुका है, जिनमें 3 महिला टी20I शामिल हैं। अक्टूबर 2017 में यहां पहला इंटरनेशनल मैच खेला गया था, जब भारत ने टी20I में ऑस्ट्रेलिया का सामना किया था। इसके बाद यहां वनडे इंटरनेशनल और 6 आईपीएल मैच भी खेले गए। खास बात यह है कि यह राजस्थान रॉयल्स का दूसरा होम ग्राउंड भी है।
गुवाहाटी चयन के पीछे BCCI की रणनीति
गुवाहाटी को टेस्ट वेन्यू चुने जाने के पीछे दो अहम वजहें हैं। पहला BCCI का उद्देश्य है कि टेस्ट क्रिकेट को देश के हर हिस्से में लोकप्रिय बनाया जाए और नॉर्थ-ईस्ट जैसे क्षेत्रों तक इसकी पहुंच बढ़ाई जाए। दूसरा BCCI सचिव देवजीत सैकिया असम से ताल्लुक रखते हैं और असम क्रिकेट एसोसिएशन में कई पदों पर काम कर चुके हैं। माना जा रहा है कि उनके प्रभाव से गुवाहाटी को यह ऐतिहासिक मौका मिला है।
ऐसे तय होते हैं टेस्ट वेन्यू
BCCI के पास घरेलू टेस्ट मैचों के लिए कोई लिखित पॉलिसी नहीं है, लेकिन वेन्यू का चयन रोटेशन सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इसका मकसद है कि सभी क्रिकेट एसोसिएशन को मौका मिले और उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो। इसके साथ ही मौसम और स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाता है। वनडे और टी20I के वेन्यू भी इसी पैटर्न पर तय किए जाते हैं। वहीं, किसी एसोसिएशन को कितने मैच मिलेंगे, यह इस पर भी निर्भर करता है कि उसकी बोर्ड में कितनी पकड़ है।
सिर्फ 5 टेस्ट वेन्यू तक सीमित रखने की बहस
साल 2000 के बाद से BCCI देशभर के 21 अलग-अलग वेन्यू पर टेस्ट मैच करा चुका है। धर्मशाला, पुणे, इंदौर, रांची और विशाखापट्टनम जैसे नए मैदान भी इस लिस्ट में शामिल हुए। बोर्ड का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट को देश के हर हिस्से तक पहुंचाना चाहिए, लेकिन समय-समय पर यह मांग उठती रही है कि टेस्ट मैचों को सिर्फ 5 प्रमुख वेन्यू तक सीमित कर देना चाहिए। 2019 में तत्कालीन कप्तान विराट कोहली ने भी यह सुझाव दिया था। उनका मानना था कि वनडे और टी20I रोटेशन सिस्टम पर खेले जा सकते हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट के लिए स्थायी 5 सेंटर ही होने चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड की तरह भारत में भी सीमित टेस्ट सेंटर का प्रस्ताव
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में टेस्ट मैच ज्यादातर चुनिंदा मैदानों पर ही खेले जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया मेलबर्न, सिडनी, एडिलेड, पर्थ और ब्रिस्बेन पर निर्भर है, जबकि इंग्लैंड के प्रमुख टेस्ट वेन्यू लॉर्ड्स, ओवल, हेडिंग्ले, एजबेस्टन, ओल्ड ट्रैफर्ड और ट्रेंट ब्रिज हैं। अगर भारत भी सीमित टेस्ट सेंटर पॉलिसी अपनाता है तो कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, मुंबई और कानपुर को प्राथमिकता दी जा सकती है, क्योंकि ये पांचों मैदान देश के सबसे पुराने और ऐतिहासिक टेस्ट वेन्यू माने जाते हैं।