A Monkey Cut The Ribbon Of The Ashram In Bhind: मध्यप्रदेश के भिंड में एक अनोखी घटना घटी, जहाँ घायल पशु-पक्षी और जानवरों की सेवा के लिए संचालित आश्रम में सोमवार को नए हॉल का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर कोई मंत्री या नेता नहीं, बल्कि एक खास बंदर ‘रोमा’ ने फीता काटकर उद्घाटन किया।
इंसानियत ग्रुप साल 2013 से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय है। इस ग्रुप से जुड़े लगभग 150 सदस्य अपने नाम के साथ कोई उपनाम नहीं जोड़ते, बल्कि सिर्फ ‘इंसानियत’ लिखना अपना पहचान मानते हैं। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, संस्थापक अनंत भी अब ‘अनंत इंसानियत’ के नाम से ही पहचाने जाते हैं।
3 हजार से अधिक घायल जानवरों को मिल चुकी है मदद
इंसानियत ग्रुप ने अब तक 3 हजार से अधिक घायल और बीमार जानवरों का सफल इलाज किया है। खास बात यह है कि उन्होंने इस सेवा के लिए कभी सरकार से कोई आर्थिक सहायता नहीं ली। इसके बजाय, ग्रुप के सदस्य मिलकर थोड़ा-थोड़ा धन इकट्ठा करते हैं। उसी फंड से इन बेजुबानों की देखभाल और इलाज करते हैं।
सरकारी ज़मीन पर बना 10 लाख का आश्रम
इंसानियत ग्रुप के निस्वार्थ सेवा कार्यों को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर सतीश कुमार एस ने पशु अस्पताल परिसर में जमीन उपलब्ध कराई। इस जमीन पर करीब 10 लाख रुपए की लागत से एक आधुनिक आश्रम का निर्माण किया गया है।
ग्रुप के संचालक अनंत इंसानियत ने बताया कि करीब तीन महीने पहले ‘रोमा’ नाम की एक बंदरिया गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली थी। ग्रुप की देखभाल और इलाज के चलते वह अब पूरी तरह स्वस्थ है।