पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से 840 पैकेट नकली नमक और लगभग 1850 किलो कच्चा माल जब्त किया है। बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से संचालित हो रही थी और लोगों को ब्रांडेड उत्पाद के नाम पर धोखा दिया जा रहा था।
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब टाटा कंज्यूमर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायत पुलिस को दी गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छापा मारा और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक जितेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नकली नमक बनाने के लिए कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री दिल्ली से मंगाई जाती थी। इसके बाद इंदौर में इसे तैयार कर टाटा नमक के नाम से पैक कर बाजार में सप्लाई किया जाता था। इस तरह आरोपी लोगों के भरोसे और ब्रांड की साख का फायदा उठाकर अवैध मुनाफा कमा रहा था।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नकली नमक किन-किन इलाकों में सप्लाई किया गया और इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि बाजार में नकली उत्पादों का खतरा लगातार बढ़ रहा है और उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय सतर्क रहने की जरूरत है।