नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में मंगलवार को प्रशासनिक गतिविधि तेज हो गई जब कलेक्टर राखी सहाय ने केंद्रीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ वर्तमान स्कूल की स्थिति देखी, बल्कि प्रस्तावित नए भवन के लिए स्वीकृत भूमि का भी जायजा लिया।
अचानक निरीक्षण से स्कूल में हलचल
कलेक्टर के अचानक पहुंचने से विद्यालय परिसर में हलचल मच गई। उन्होंने प्राचार्य और स्टाफ के साथ बैठक कर बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था, बैठने की सुविधा और अन्य मूलभूत जरूरतों की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी और बारिश के मौसम में बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कक्षाओं की छत पर सफेद चादर लगाने की व्यवस्था की जाए, ताकि तापमान नियंत्रित रहे।
कलेक्टर के अचानक पहुंचने से विद्यालय परिसर में हलचल मच गई। उन्होंने प्राचार्य और स्टाफ के साथ बैठक कर बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था, बैठने की सुविधा और अन्य मूलभूत जरूरतों की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी और बारिश के मौसम में बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कक्षाओं की छत पर सफेद चादर लगाने की व्यवस्था की जाए, ताकि तापमान नियंत्रित रहे।
नए भवन की जमीन का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नए भवन के लिए स्वीकृत भूमि का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि भूमि से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और अब निर्माण कार्य की जिम्मेदारी केंद्रीय विद्यालय संगठन के टेंडर प्रक्रिया पर निर्भर है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जबलपुर संभागीय आयुक्त से समन्वय कर निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि स्कूल भवन जल्द बन सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नए भवन के लिए स्वीकृत भूमि का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि भूमि से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और अब निर्माण कार्य की जिम्मेदारी केंद्रीय विद्यालय संगठन के टेंडर प्रक्रिया पर निर्भर है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जबलपुर संभागीय आयुक्त से समन्वय कर निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि स्कूल भवन जल्द बन सके।
सुविधाओं में सुधार के निर्देश
छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल में वाटर कूलर और वाटर फिल्टर लगाने के साथ-साथ हर महीने पानी की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अलावा पीएचई विभाग को बोरवेल के पानी को टंकी में संग्रहित कर आरओ सिस्टम के माध्यम से शुद्ध करने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल में वाटर कूलर और वाटर फिल्टर लगाने के साथ-साथ हर महीने पानी की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अलावा पीएचई विभाग को बोरवेल के पानी को टंकी में संग्रहित कर आरओ सिस्टम के माध्यम से शुद्ध करने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
खेल और बुनियादी ढांचे पर जोर
कलेक्टर ने विद्यालय में खेल गतिविधियों की स्थिति की भी समीक्षा की और उन्हें और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूल को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत के लिए नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने आरआई ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का भी दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर ने विद्यालय में खेल गतिविधियों की स्थिति की भी समीक्षा की और उन्हें और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूल को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत के लिए नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने आरआई ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का भी दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।