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इमरान खान ने मांगी मानवीय आधार पर रिहाई, एकांत कारावास और आंखों की गंभीर समस्या को बताई वजह

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में मानवीय आधार पर रिहाई की अपील की है। उन्होंने अपने वकील के जरिए अदालत को बताया कि उन्हें लंबे समय से एकांत कारावास में रखा गया है और उनकी आंखों में गंभीर संक्रमण की समस्या बनी हुई है।

यह याचिका इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की ओर से 190 मिलियन पाउंड भ्रष्टाचार मामले में दी गई सजा के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई के दौरान पेश की गई। इस मामले में पिछले वर्ष जनवरी में जवाबदेही अदालत ने इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) द्वारा दर्ज किया गया था।

सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील सलमान सफदर ने सजा निलंबित करने की मांग की। उन्होंने अदालत में कहा कि मामला 16 महीनों से लंबित है और अब तक 17 से अधिक सुनवाई हो चुकी हैं। वकील ने दावा किया कि इमरान खान की आंखों की स्थिति गंभीर है और उनकी दृष्टि काफी कमजोर हो गई है। उनके अनुसार, “उनकी आंखों की रोशनी लगभग 15% रह गई है और 85% तक नुकसान हो चुका है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह नुकसान स्थायी हो सकता है।

सफदर ने अदालत को बताया कि इमरान खान को एकांत कारावास में रखा गया है, जिस पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जेल में उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और कई बार उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा है। वकील ने यह भी आग्रह किया कि जेल अधिकारियों और संबंधित चिकित्सा रिकॉर्ड को अदालत में पेश किया जाए, ताकि उनकी स्थिति की सही जांच हो सके। साथ ही उन्होंने आईजी जेल और अन्य अधिकारियों को तलब करने की मांग भी दोहराई।

सुनवाई के दौरान इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सरफराज डोगर ने सुझाव दिया कि अपील की मुख्य सुनवाई पर ध्यान केंद्रित किया जाए ताकि मामले का शीघ्र निपटारा हो सके। हालांकि, बचाव पक्ष ने पहले सजा निलंबन पर निर्णय लेने पर जोर दिया। इसके बाद अदालत ने सुनवाई को आगे के लिए स्थगित कर दिया।

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