Gemini में विज्ञापनों की एंट्री की तैयारी
हाल ही में Google की तिमाही आय कॉल के दौरान संकेत दिए गए कि Gemini AI ऐप में जल्द ही विज्ञापन मॉडल जोड़ा जा सकता है। कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर फिलिप शिंडलर ने बताया कि Google पहले से ही अपने AI Overview और AI Mode में विज्ञापन दिखा रहा है और इनका प्रदर्शन अच्छा रहा है।
इसी अनुभव के आधार पर अब Gemini ऐप को भी Monetization (कमाई) मॉडल में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में यूजर्स को चैट के दौरान स्पॉन्सर्ड सुझाव और कमर्शियल कंटेंट दिख सकते हैं।
सर्च से चैट तक पहुंचेगा Ads मॉडल
Google पहले से ही सर्च रिजल्ट्स में यूजर की क्वेरी के आधार पर विज्ञापन दिखाता है। इसमें टेक्स्ट और शॉपिंग Ads शामिल होते हैं, जो भारत, अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में सक्रिय हैं।
अब कंपनी इसी मॉडल को AI चैटिंग में लागू करने की तैयारी कर रही है। यानी यूजर जब Gemini से सवाल पूछेंगे, तो जवाब के बीच में विज्ञापन या स्पॉन्सर्ड सुझाव दिख सकते हैं।
AI की दुनिया में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
Google का यह कदम सीधे तौर पर OpenAI को टक्कर देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। OpenAI ने पहले ही ChatGPT में फ्री यूजर्स के लिए कुछ रैंक्ड विज्ञापन मॉडल टेस्ट किए हैं।
हालांकि OpenAI का दावा है कि विज्ञापन चैट के जवाबों को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन AI प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते कमर्शियलाइजेशन पर सवाल जरूर उठने लगे हैं।
यूजर्स के अनुभव पर असर
AI चैटबॉट्स का सबसे बड़ा आकर्षण उनकी साफ और बिना बाधा वाली बातचीत होती है। लेकिन अगर बीच में विज्ञापन जुड़ते हैं, तो यूजर एक्सपीरियंस प्रभावित हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विज्ञापन को स्मार्ट तरीके से इंटीग्रेट किया गया तो यह Google के लिए नया रेवेन्यू मॉडल बन सकता है, लेकिन गलत तरीके से लागू होने पर यूजर्स की नाराजगी भी बढ़ सकती है।
आने वाला समय: AI + Ads का नया दौर
AI इंडस्ट्री तेजी से व्यावसायिक (commercial) होती जा रही है। Google और OpenAI जैसे दिग्गज अब इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जहां AI सिर्फ जानकारी नहीं देगा, बल्कि विज्ञापनों के जरिए कमाई का भी बड़ा प्लेटफॉर्म बनेगा।