Chambalkichugli.com

AC-फ्रिज पर संकट! सरकार की सख्ती से कंपनियों में हड़कंप, गर्मी में बढ़ सकती है किल्लत और कीमतें



नई दिल्ली। भीषण गर्मी के बीच देश में AC और फ्रिज की सप्लाई पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। केंद्र सरकार द्वारा एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर में इस्तेमाल होने वाले सबसे अहम पार्ट ‘कंप्रेसर’ के आयात पर सख्ती बढ़ाने के बाद बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने चेतावनी दी है कि बाजार में कूलिंग अप्लायंसेज की कमी हो सकती है। LG, Samsung और Blue Star जैसी कंपनियों का कहना है कि अगर आयात पर प्रतिबंध इसी तरह जारी रहा तो आने वाले महीनों में ग्राहकों को AC और फ्रिज के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है, वहीं कई मॉडल बाजार से गायब भी हो सकते हैं।

दरअसल कंप्रेसर किसी भी AC या फ्रिज का सबसे जरूरी हिस्सा माना जाता है। जैसे स्मार्टफोन में प्रोसेसर काम करता है, उसी तरह कंप्रेसर कूलिंग सिस्टम की पूरी क्षमता को नियंत्रित करता है। बिना कंप्रेसर के AC और फ्रिज काम ही नहीं कर सकते। सरकार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए आयात कम करना चाहती है, लेकिन कंपनियों का कहना है कि भारत में फिलहाल इतनी उत्पादन क्षमता मौजूद नहीं है कि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के मुताबिक अचानक आयात सीमित होने से प्रोडक्शन यूनिट्स में जरूरी कंपोनेंट्स की कमी हो सकती है। इससे नई मशीनों की असेंबलिंग प्रभावित होगी और बाजार में सप्लाई घट सकती है। कंपनियों ने यह भी कहा कि नए वेंडर्स या घरेलू सप्लायर को शामिल करना आसान नहीं होता। किसी भी नए कंप्रेसर को इस्तेमाल करने से पहले लंबी टेस्टिंग, सेफ्टी चेक, एफिशिएंसी टेस्ट और लैब सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें कई महीने लग सकते हैं।

इस पूरे संकट का सबसे बड़ा असर आम ग्राहकों पर पड़ने की आशंका है। खासकर 5-स्टार इनवर्टर AC, स्मार्ट रेफ्रिजरेटर और AI आधारित कूलिंग अप्लायंसेज की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। कंपनियों का कहना है कि लॉजिस्टिक्स खर्च, नए सप्लायर्स की टेस्टिंग और सीमित स्टॉक के कारण कीमतें बढ़ेंगी। ऐसे में इस गर्मी ग्राहकों को न सिर्फ ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं, बल्कि पसंद के मॉडल मिलने में भी दिक्कत आ सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *