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भीषण गर्मी में अस्पताल की बदहाल व्यवस्था, AC और सीलिंग फैन पड़े बंद


मध्यप्रदेश । उज्जैन में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के बीच संभाग के सबसे बड़े चरक अस्पताल की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में आ गई हैं। शहर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, लेकिन अस्पताल के कई वार्डों में मरीज केवल सीलिंग फैन के भरोसे इलाज कराने को मजबूर हैं। तेज गर्मी और उमस के कारण मरीजों और उनके परिजनों की हालत खराब हो रही है। कई वार्डों में पर्याप्त पंखे तक नहीं हैं, जिसके चलते कुछ मरीजों और अटेंडरों को फर्श पर लेटकर रात गुजारनी पड़ रही है।

मरीजों के परिजन घर से ला रहे कूलर और पंखे
स्थिति इतनी खराब हो गई कि मरीजों के परिजन अब अपने घरों से टेबल फैन और कूलर लाकर वार्डों में लगाने लगे हैं। अस्पताल के बच्चों, महिला और जनरल वार्ड में कई बेड के पास निजी कूलर और पंखे रखे दिखाई दिए। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की व्यवस्था गर्मी से राहत देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है, इसलिए मजबूरी में उन्हें अपने स्तर पर इंतजाम करना पड़ रहा है।

प्रसूता और नवजात वार्ड में सबसे ज्यादा परेशानी
सबसे ज्यादा परेशानी एसएनसीयू और मातृ कक्ष में देखने को मिली, जहां नवजात शिशुओं और उनकी माताओं को उमस और गर्मी झेलनी पड़ रही है। कई महिलाओं ने शिकायत की कि वार्ड में ना पर्याप्त ठंडक है और ना ही सही वेंटिलेशन, जिससे छोटे बच्चों की तबीयत बिगड़ने का खतरा बना हुआ है।

अस्पताल प्रबंधन का दावा- व्यवस्थाएं सुधारी जा रहीं
मामले पर अस्पताल प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि व्यवस्थाओं को सुधारने की कोशिश की जा रही है। सिविल सर्जन डॉ. पलसानिया के मुताबिक अस्पताल ने हाल ही में 25 नए कूलर खरीदे हैं, जिनमें से 15 को अलग-अलग वार्डों में लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिन वार्डों में एसी खराब हैं, वहां मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है और जरूरत के हिसाब से व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं।

 निजी कूलर लगाने पर प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला
जब अस्पताल वार्डों में मरीजों के परिजनों द्वारा लगाए गए निजी कूलर और पंखों को लेकर सवाल पूछा गया, तो अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी होने से इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल की तरफ से किसी को निजी उपकरण लगाने की अनुमति नहीं दी गई है।

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