समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी का भविष्य अब पूरी तरह से टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की राय और भूमिका पर निर्भर करता है। माना जा रहा है कि चयन समिति इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही है कि यदि कोई खिलाड़ी बल्ले से लगातार योगदान नहीं दे पा रहा है, तो उसे कप्तानी की जिम्मेदारी कितनी उचित है।
पिछले एक साल से सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। आईपीएल 2026 में भी उनका बल्ला खामोश रहा, जहां उन्होंने 12 पारियों में केवल 210 रन बनाए और उनका औसत 18 से भी कम रहा। इस खराब फॉर्म ने न सिर्फ उनके बल्लेबाजी स्थान को अस्थिर किया है, बल्कि कप्तानी पर भी दबाव बढ़ा दिया है।
एक वरिष्ठ बीसीसीआई सूत्र के हवाले से कहा गया है कि चयनकर्ता इस बात पर सहमत दिख रहे हैं कि “अगर कोई खिलाड़ी अपनी जगह बल्लेबाज के रूप में पक्की नहीं कर पा रहा है, तो उसके लिए कप्तान बने रहना मुश्किल होता है।” हालांकि इस पूरे समीकरण में सबसे बड़ा फैक्टर गौतम गंभीर माने जा रहे हैं।
गंभीर और सूर्यकुमार यादव के बीच संबंध काफी मजबूत बताए जाते हैं। यहां तक कि ‘SKY’ उपनाम भी गंभीर ने ही दिया था। टीम मैनेजमेंट में दोनों के बीच बेहतर समझ होने के कारण यदि गंभीर उनका समर्थन करते हैं, तो चयनकर्ता फिलहाल कोई बड़ा फैसला टाल सकते हैं।
इसी बीच भविष्य की योजनाओं को लेकर भी बीसीसीआई 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक को ध्यान में रखकर नई रणनीति बना रहा है। इसी कारण कई युवा खिलाड़ियों को नेतृत्व भूमिकाओं में आजमाया जा रहा है।
इस रेस में श्रेयस अय्यर का नाम मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। उनकी आक्रामक कप्तानी शैली और अनुभव चयनकर्ताओं को आकर्षित कर रहा है। हालांकि उनके और गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर भी क्रिकेट सर्कल में चर्चा बनी हुई है।
वहीं शुभमन गिल को लेकर भी संभावनाएं बनी हुई हैं। खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें टी20 टीम से बाहर रखा गया था, लेकिन कप्तानी में बदलाव की स्थिति में उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है।
सबसे दिलचस्प नाम तिलक वर्मा का सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार चयनकर्ता उन्हें भविष्य के कप्तान के रूप में देख रहे हैं। इसी कारण उन्हें इंडिया-ए टीम की कप्तानी सौंपी गई है, ताकि उनकी नेतृत्व क्षमता का आकलन किया जा सके।
इसके अलावा संजू सैमसन, ईशान किशन और युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों के नाम भी भविष्य की योजनाओं में शामिल बताए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि टीम इंडिया की टी20 कप्तानी किस दिशा में जाती है और क्या सूर्यकुमार यादव अपनी कुर्सी बचा पाते हैं या नहीं।