सोमवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग एक डिग्री अधिक रहा। वहीं रात के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली और यह 27.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि रात में तापमान थोड़ा कम होने के बावजूद उमस ने लोगों को राहत नहीं दी और वातावरण में बेचैनी बनी रही।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय नहीं है, जिसके कारण मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम है। इसी वजह से तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन तेज गर्मी या हीटवेव जैसे हालात फिलहाल बनने की संभावना कम बताई जा रही है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन उमस और गर्म हवाओं का असर लगातार बना रहेगा। धूप निकलते ही दोपहर के समय गर्मी का प्रभाव और ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के अनुसार दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सबसे ज्यादा गर्मी का असर रहता है, इसलिए इस समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी कहना है कि हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना इस मौसम में जरूरी है। लगातार बढ़ती उमस के कारण डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर में मई के महीने में कई बार तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वर्ष 1994 में 46.6 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे अधिक माना जाता है।
हालांकि इस बार मौसम का रुख थोड़ा अलग दिखाई दे रहा है। दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव के बावजूद भीषण लू जैसे हालात फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।