जानकारी के अनुसार परिवार ने रोटी और करेला की सब्जी खाने के बाद बेल का शरबत पिया था। कुछ ही समय बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर सभी को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही 7 वर्षीय किशुन दहिया ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद गांव में दहशत और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने शुरुआती दौर में दूषित पानी से बीमारी फैलने की आशंका जताई थी, जिसके बाद प्रशासन और पीएचई विभाग ने जांच शुरू की।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा किए गए जल परीक्षण में बाबूलाल दहिया के कुएं के पानी की जांच की गई। रिपोर्ट में पानी में ई-कोलाई और टोटल कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया नहीं पाए गए, और सभी भौतिक व रासायनिक मानक सामान्य सीमा में पाए गए। इसके बाद विभाग ने पानी को सुरक्षित घोषित कर दिया है।
पानी को क्लीनचिट मिलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की जांच फूड प्वॉइजनिंग की दिशा में केंद्रित हो गई है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि करेला की सब्जी में कीटनाशक का प्रभाव हो सकता है, जिससे यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। फिलहाल तीनों बीमार मरीजों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।