ईद-उल-अजहा की मुख्य नमाज जामा मस्जिद मुरार, शाही जामा मस्जिद चौक बाजार, ईदगाह मुरार, उस्मानिया मस्जिद गेंडेवाली सड़क, नौगजा रोड मस्जिद, सिकंदर कम्पू मस्जिद, नूर मस्जिद घोसीपुरा, अरब साहब मस्जिद कुम्हरपुरा, शमशेर खां भैया मस्जिद और मोती मस्जिद सहित कई धार्मिक स्थलों पर संपन्न हुई। नमाज के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी गई।
नमाज के बाद शहर में गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी झलक देखने को मिली। विभिन्न समुदायों के लोग मस्जिदों के बाहर इंतजार करते नजर आए और नमाज समाप्त होने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे वातावरण में आपसी प्रेम व सौहार्द का संदेश गूंजता रहा।
त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। साथ ही नमाज के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए कई मार्गों में अस्थायी बदलाव भी किए गए, जिससे लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मोती मस्जिद के अध्यक्ष मोहसिन रहमान ने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है, जो समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करता है। वहीं मोती मस्जिद के इमाम मुफ़्ती नफीस मरकज़ी ने विशेष दुआ में देश की शांति, समृद्धि और सभी नागरिकों की खुशहाली की कामना की। इस तरह ग्वालियर में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरी शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे के संदेश के साथ संपन्न हुआ।