जांच के दौरान सीबीआई ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए घर के पूरे परिसर को हाई-इंटेंसिटी 3D कैमरों से स्कैन किया। इस 360 डिग्री रिकॉर्डिंग के जरिए घटनास्थल की डिजिटल मैपिंग तैयार की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि घटना के समय आसपास की किसी छत या बालकनी से गतिविधियों को देखा जा सकता था या नहीं। इसके साथ ही पूरे इलाके का भी तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को अपने 17 पन्नों के आदेश में रिटायर्ड जज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को राहत देना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि निचली अदालत ने केस डायरी और साक्ष्यों का सही मूल्यांकन नहीं किया था, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए चोटों के निशान पर आरोपी पक्ष संतोषजनक जवाब देने में असफल रहा।
इस मामले में पहले से ही सह-आरोपी बनाए गए ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई ने गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है, जिसकी अवधि 29 मई तक तय की गई है। उनसे लगातार पूछताछ जारी है और जांच टीम हर पहलू को जोड़ने में लगी है।
घटना 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में हुई थी, जहां ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।
24 मई को AIIMS भोपाल में दिल्ली AIIMS की फोरेंसिक टीम द्वारा दोबारा पोस्टमॉर्टम किया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार भदभदा श्मशान घाट में हुआ। मृतका के भाई मेजर हर्षित ने अंतिम संस्कार किया था।
फिलहाल सीबीआई वैज्ञानिक, फोरेंसिक और डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच को निर्णायक दिशा देने में जुटी है, जिससे मामले की सच्चाई जल्द सामने आ सके।