परिवार के अनुसार, बुधवार देर रात उनकी स्थिति अधिक बिगड़ने पर उन्हें एम्स लाया गया, जहां प्रारंभिक जांच में फेफड़ों में पानी भरने (पल्मोनरी कंजेशन) और निमोनिया की पुष्टि हुई। साथ ही उनका ब्लड प्रेशर भी काफी कम पाया गया, जिससे उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई थी।
तीजन बाई की बहू वेणु देशमुख ने बताया कि समय पर एम्बुलेंस और चिकित्सा सहायता मिलने से अब उनकी स्थिति में पहले की तुलना में सुधार हुआ है और वे खतरे से बाहर बताई जा रही हैं। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उम्र और पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए तीजन बाई का उपचार बेहद सतर्कता के साथ किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ की इस महान लोक कलाकार को देश-विदेश में पंडवानी गायन को लोकप्रिय बनाने का श्रेय जाता है। उन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी विशिष्ट शैली में प्रस्तुत कर इस लोककला को नई पहचान दी है।
तीजन बाई ने 1980 में कई देशों की सांस्कृतिक राजदूत के रूप में यात्राएं कीं, जिनमें इंग्लैंड, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, टर्की, माल्टा, साइप्रस, रोमानिया और मॉरीशस शामिल हैं। उन्हें 1988 में पद्मश्री, 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और 2019 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था।
उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर से उनके प्रशंसकों में चिंता का माहौल है और देशभर से उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थनाएं की जा रही हैं।