शिवपुरी। शिवपुरी जिले में नौतपा के पांचवें दिन शुक्रवार शाम मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे पूरे क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी। मौसम के इस बदले मिजाज ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया और कई जगहों पर व्यापक नुकसान की स्थिति बन गई।
शाम के समय शुरू हुई तेज आंधी के बाद देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस दौरान शिवपुरी शहर सहित कोलारस, बदरवास, पिछोर, करैरा, बैराड़ और रन्नौद क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखा गया। तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए, जिससे कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई।
रन्नौद तहसील के खरेह गांव में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही, जहां तेज आंधी के कारण कई मकानों की टीन शेड उड़ गईं और घरों में रखा सामान व अनाज भीग गया। इसी गांव में पंजाब नेशनल बैंक के पास स्थित BSNL का पुराना मोबाइल टावर तेज हवाओं के कारण गिरकर पास के मकान पर जा गिरा। इस हादसे में मकान के दो ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय निवासी धर्मेंद्र रघुवंशी ने बताया कि यह टावर 20 साल से अधिक पुराना और जर्जर स्थिति में था। इसे हटाने के लिए पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसी तरह सजाई गांव में तेज आंधी के कारण एक विशाल इमली का पेड़ ट्रैक्टर पर गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बीजरी गांव में भगवत सिंह दांगी के मकान पर नीम का पेड़ गिरने से मकान को भी नुकसान पहुंचा है।
ठाठी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से ग्रामीणों द्वारा रखे गए हजारों कंडों में आग लग गई, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। इसके अलावा तेज हवाओं के कारण कई मकानों की दीवारें भी ढह गईं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
पूरे जिले में आंधी-बारिश के कारण बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। शिवपुरी शहर सहित कई ग्रामीण इलाकों में देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। सड़कों पर गिरे पेड़ों के कारण यातायात भी बाधित हुआ और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भीषण प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन संपत्ति का व्यापक नुकसान हुआ है।