प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच हुई। बताया जाता है कि जैसे ही बस निर्माणाधीन पुलिया के पास पहुंची, अचानक उसके ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। चालक ने बस को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार और सड़क की स्थिति के कारण वाहन अनियंत्रित होता चला गया। देखते ही देखते बस पहले सड़क पर चल रहे बाइक सवारों से टकराई और फिर आगे बढ़ते हुए अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर जोरदार आवाजें सुनाई दीं और आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायलों को वाहन से निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें चोटें आई हैं।
घायलों में मझनिया निवासी जितेंद्र शामिल हैं, जो किसी आवश्यक कार्य से शाजापुर की ओर आ रहे थे और बस की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं अन्य घायलों में लक्ष्मण और उनकी मां सानूबाई भी शामिल हैं, जो बैंक संबंधी कार्य के लिए शहर जा रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया और वे बस की चपेट में आ गए। तीनों घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उनकी जान बच सकी।
घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा दिया है। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होने को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस तकनीकी जांच के साथ-साथ चालक के बयान भी दर्ज कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के कारण कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुचारु कराया। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के पुराने और तकनीकी रूप से कमजोर वाहनों की नियमित जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।