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अमेरिकी बाजार में चीनी ऑटो टेक्नोलॉजी को लेकर विवाद गहराया, डेटा सुरक्षा और जासूसी के खतरे पर अलर्ट

नई दिल्ली । अमेरिका में कनेक्टेड वाहनों और उनसे जुड़े डेटा सुरक्षा जोखिमों को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस शुरू हो गई है। मिशिगन की डेमोक्रेट सांसद डेबी डिंगेल ने अमेरिकी वाणिज्य विभाग के उस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें चीन से गहरे जुड़े संबंध रखने वाली एक विदेशी वाहन निर्माता कंपनी को अमेरिकी बाजार में कनेक्टेड वाहन बेचने और निर्माण की अनुमति दी गई है। इस फैसले को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और विदेशी प्रभाव से जुड़े जोखिमों पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

सांसद डिंगेल ने वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक को लिखे पत्र में कहा है कि आधुनिक कनेक्टेड वाहन केवल परिवहन का साधन नहीं रह गए हैं, बल्कि ये बड़े पैमाने पर संवेदनशील डेटा एकत्र और प्रसारित करने में सक्षम तकनीकी प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। इनमें जियोलोकेशन, ड्राइविंग पैटर्न, इंफ्रास्ट्रक्चर मैपिंग और उपभोक्ता की व्यक्तिगत जानकारी शामिल हो सकती है, जो गलत हाथों में जाने पर गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ऐसी तकनीक का दुरुपयोग जासूसी और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका अपने ऑटोमोबाइल सेक्टर में विदेशी तकनीक के प्रभाव को सीमित करने के लिए सख्त नीतियां लागू कर रहा है। कनेक्टेड व्हीकल नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी विरोधियों से जुड़ी कंपनियां अमेरिकी बाजार में संवेदनशील तकनीक तक अनियंत्रित पहुंच न बना सकें। हालांकि, हालिया मंजूरी ने इस नीति की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सांसद का कहना है कि चीन के ऑटोमोटिव उद्योग को सरकारी समर्थन, उत्पादन क्षमता और व्यापार नीतियों का लाभ मिलता है, जिससे अमेरिकी कंपनियों के सामने प्रतिस्पर्धा की चुनौती और बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यदि ऐसे मामलों में ढील दी जाती रही तो यह घरेलू विनिर्माण और तकनीकी सुरक्षा दोनों के लिए दीर्घकालिक खतरा बन सकता है।

इस पूरे मामले में अब अमेरिकी वाणिज्य विभाग से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि किन आधारों पर यह अनुमति दी गई और क्या इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की राय शामिल थी या नहीं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में किस तरह की सख्त निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था लागू की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि कनेक्टेड वाहनों का बढ़ता उपयोग वैश्विक ऑटो उद्योग को तेजी से बदल रहा है, लेकिन इसके साथ साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और भू-राजनीतिक जोखिम भी बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि यह मुद्दा अमेरिका और यूरोप जैसे बाजारों में नीति निर्धारण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

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