देवांग गांधी ने कहा कि भले ही पंत इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हों, लेकिन उनकी क्षमता और मैच जिताने वाली पारियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चयनकर्ता भी उनकी काबिलियत को समझते हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार मौके दिए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पंत का इंग्लैंड दौरा काफी प्रभावशाली रहा था, हालांकि चोट के कारण वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
देवांग गांधी के अनुसार, पंत ने विदेशी पिचों पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे दक्षिण अफ्रीका हो, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया—उन्होंने कई अहम मौकों पर मैच जिताने वाली पारियां खेली हैं, जिससे उनकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।
पूर्व चयनकर्ता ने यह भी कहा कि पंत की विकेटकीपिंग पर अक्सर बात नहीं होती, जबकि उन्होंने इसमें काफी सुधार किया है और घरेलू व विदेशी दोनों परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंत को “आधुनिक दौर का सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज” करार दिया।
उन्होंने खास तौर पर गाबा टेस्ट में खेली गई पंत की ऐतिहासिक पारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार रहेगी। पंत अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट में अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलने उतर सकते हैं, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।