सबसे लंबा इंतजार वेल्स को करना पड़ा, जिसने 1958 के बाद 2022 में वर्ल्ड कप में वापसी की। यानी टीम को 64 साल बाद इस मंच पर खेलने का मौका मिला। हालांकि, वापसी के बाद भी टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी।
मिस्र की टीम ने भी लंबा इंतजार झेला। 1934 के बाद उसे 1990 में विश्व कप में जगह मिली, यानी 56 साल का अंतराल। लेकिन टीम का प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा और वह ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई।
इसी तरह नॉर्वे ने 1938 के बाद 1994 में वर्ल्ड कप में वापसी की, जिसके लिए उसे भी 56 साल इंतजार करना पड़ा। हालांकि नॉर्वे भी ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गया।
तुर्की की कहानी अलग रही। 1954 के बाद 2002 में वापसी करने वाली टीम ने इतिहास रच दिया। 48 साल बाद लौटकर तुर्की ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया और तीसरे स्थान पर रहते हुए टूर्नामेंट का शानदार अंत किया।
बोलीविया ने भी 44 साल के लंबे अंतराल के बाद 1994 में वर्ल्ड कप में वापसी की, हालांकि वह ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सका।
इन टीमों की कहानियां दिखाती हैं कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में वापसी आसान नहीं होती, लेकिन जब होती है तो वह इतिहास भी रच सकती है।