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अर्मेनिया चुनाव में सिविक कॉन्ट्रैक्ट पार्टी की जीत पर पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा- जनादेश नेतृत्व में जनता के भरोसे का संकेत

नई दिल्ली । अर्मेनिया में हुए संसदीय चुनाव में सिविक कॉन्ट्रैक्ट पार्टी की जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इसी क्रम में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान को चुनाव में मिली सफलता पर बधाई दी है और इसे जनता के भरोसे और मजबूत जनादेश का संकेत बताया है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने संदेश में कहा कि चुनाव परिणाम अर्मेनिया के लोगों के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान के नेतृत्व और दृष्टिकोण में विश्वास को दर्शाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग के ऐतिहासिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा आने वाले समय में द्विपक्षीय साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।

अर्मेनिया में 7 जून को हुए संसदीय चुनावों में सिविक कॉन्ट्रैक्ट पार्टी को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखी। शुरुआती और आधिकारिक रुझानों के अनुसार पार्टी को लगभग 49.81 प्रतिशत वोट मिले, जिससे वह सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरकर सामने आई। इस चुनावी परिणाम ने देश की राजनीतिक दिशा को लेकर भी स्पष्ट संकेत दिए हैं।

चुनाव में अन्य दलों में स्ट्रॉन्ग अर्मेनिया अलायंस को लगभग 23.29 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए, जबकि पूर्व राष्ट्रपति रॉबर्ट कोचरियन के नेतृत्व वाले गठबंधन को लगभग 9.94 प्रतिशत वोट मिले। इसके अलावा अन्य छोटी पार्टियों को भी सीमित समर्थन मिला, हालांकि वे निर्णायक भूमिका में नहीं रहीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव परिणाम ने अर्मेनिया की विदेश नीति और क्षेत्रीय संतुलन पर भी असर डाला है। रूस और पश्चिमी देशों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच यह परिणाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अर्मेनिया लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव से पहले के दिनों में क्षेत्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी चर्चा में रहीं, जिसमें ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और राजनीतिक संबंधों को लेकर विभिन्न देशों के बीच तनाव और सहयोग दोनों ही देखने को मिले। इन परिस्थितियों ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया था।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान ने अपनी पार्टी की जीत को ऐतिहासिक बताया और इसे जनता के विश्वास की पुष्टि करार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आगे भी विकास और स्थिरता की दिशा में काम करती रहेगी।

भारत और अर्मेनिया के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं, जिसमें व्यापार, शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं। पीएम मोदी के संदेश को इसी कड़ी में दोनों देशों के संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय अर्मेनिया के इस राजनीतिक बदलाव और उसके क्षेत्रीय प्रभावों पर नजर बनाए हुए है। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि नई राजनीतिक स्थिति क्षेत्रीय कूटनीति और वैश्विक संतुलन को किस तरह प्रभावित करती है।

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