पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी क्षेत्र का रहने वाला 26 वर्षीय सरफराज शेख एक हिंदू युवती के साथ महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने आया था। दोनों देर रात मंदिर पहुंचे और चलित भस्मारती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की कतार में लग गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक ने माथे पर चंदन का त्रिपुंड लगाया हुआ था और ‘महाकाल’ भी लिखा हुआ था, जिससे वह सामान्य श्रद्धालुओं की तरह दिखाई दे रहा था।
बताया जा रहा है कि कतार में खड़े कुछ लोगों को युवक पर संदेह हुआ। इसके बाद उसकी पहचान जानने के लिए आधार कार्ड देखा गया। आधार कार्ड में उसका नाम और पहचान सामने आने के बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते कुछ लोगों ने युवक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी।
घटना के दौरान युवक अपनी बात रखने और खुद को छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन माहौल लगातार गर्माता गया। आसपास मौजूद लोगों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरे घटनाक्रम को वहां मौजूद कुछ लोगों ने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मामला सार्वजनिक चर्चा में आ गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस अधिकारियों ने युवक और उसके साथ आई युवती से पूछताछ की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों दर्शन करने के उद्देश्य से उज्जैन आए थे। पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए दोनों के परिजनों को भी उज्जैन बुलाया है।
महाकाल थाना पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, पहचान को लेकर उत्पन्न होने वाले विवादों और सोशल मीडिया के प्रभाव पर चर्चा का कारण बनी है। प्रशासन का प्रयास है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।