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रतलाम में पहली बार महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव, आनंद गिरी महाराज का वैदिक विधि से हुआ अभिषेक


मध्य प्रदेश । रतलाम शहर बुधवार को एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का साक्षी बना, जब पहली बार श्री पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के तत्वावधान में महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैलाना क्षेत्र के ग्राम आडवाणिया स्थित आश्रम के महंत श्री 1008 आनंद गिरी महाराज का वैदिक विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया। पूरे समारोह में आध्यात्मिक वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार और संतों के सान्निध्य ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह भव्य पेशवाई के साथ हुई। श्री राम मंदिर से निकली इस शोभायात्रा में देशभर से आए संत-महात्मा आकर्षक बग्गियों में सवार होकर शामिल हुए। शोभायात्रा के आगे अश्वों पर सवार समाजजन धर्मध्वजा लेकर चल रहे थे, जबकि पीछे भक्तजन भक्ति गीतों और भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने संतों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। धार्मिक उत्साह और श्रद्धा से सराबोर इस पेशवाई ने शहर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

दोपहर में सैलाना रोड स्थित श्रीजी पैलेस में मुख्य पट्टाभिषेक समारोह आयोजित किया गया। यहां वैदिक परंपरा के अनुसार सबसे पहले आनंद गिरी महाराज का पंचामृत से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और अन्य पवित्र सामग्री से स्नान कराने के बाद वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच उन्हें महामंडलेश्वर पद पर आसीन किया गया। इस दौरान उपस्थित संतों ने उन्हें शाल, भगवा दुपट्टा और सम्मान चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया।

पट्टाभिषेक समारोह के दौरान मंच पर मौजूद संतों और धर्माचार्यों ने सनातन धर्म की महत्ता, आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण और समाज में धार्मिक मूल्यों के प्रसार पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने के लिए संत समाज की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और आने वाली पीढ़ियों तक धार्मिक परंपराओं को पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर के कई प्रमुख संत-महात्मा शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के प्रमुख महंत रवींद्र पुरी महाराज ने की। उनके साथ निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, आनंद अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज, महंत रामरतन गिरी महाराज तथा महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज सहित अनेक संतों की उपस्थिति रही।

समारोह में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने भी भाग लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्तजन इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने पहुंचे। आयोजन स्थल पर आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

रतलाम में पहली बार आयोजित इस महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस आयोजन ने न केवल शहर की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई दी है, बल्कि सनातन परंपराओं और अखाड़ा संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था को भी और मजबूत किया है।

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