राजधानी भोपाल में इस बार 13,774 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसके लिए 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी केंद्र प्रभारियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर परीक्षा प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कई बार एक जैसे नाम वाले केंद्रों के कारण अभ्यर्थी भ्रमित हो जाते हैं, इसलिए केंद्रों के नाम और लोकेशन स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए दिशा-सूचक बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
परीक्षार्थियों को समय का सही अंदाजा रहे, इसके लिए प्रत्येक केंद्र के बाहर बड़ी डिजिटल घड़ी लगाई जाएगी। वहीं किसी छात्र की तबीयत खराब होने की स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टर और मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भोपाल के अलावा छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। ग्वालियर में 25 केंद्रों पर करीब 5 हजार छात्र परीक्षा देंगे। यहां बायोमैट्रिक अटेंडेंस, CCTV निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 1 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 20 जून को संचालित होगी, जिससे विभिन्न शहरों से आने वाले छात्र समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकेंगे। ट्रेन में 13 स्लीपर, 2 जनरल और 2 एसएलआर कोच सहित कुल 17 कोच लगाए जाएंगे।
जबलपुर में पहली बार परीक्षार्थियों के लिए विशेष बस सेवा शुरू की जा रही है। यहां 23 परीक्षा केंद्रों पर 10 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। अभिभावकों के लिए शेड, बैठने की व्यवस्था, कूलर, पंखे और अस्थायी कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सभी केंद्रों पर 20 जून को सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं का ट्रायल भी किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों की आवाजाही बेहद सुरक्षित तरीके से होगी। सुरक्षा व्यवस्था में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी रहेगी और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा। कुल मिलाकर NEET-UG 2026 को लेकर प्रदेश में अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं, ताकि लाखों छात्रों का भविष्य तय करने वाली यह परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हो सके।