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सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार: उज्जैन में बन रहे 4 नए सबस्टेशन, 750 मेगावाट बिजली आपूर्ति का लक्ष्य

मध्यप्रदेश । उज्जैन शुक्रवार को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर शहर के दौरे पर पहुंचेंगे। दोनों नेता विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ राज्य की महत्वपूर्ण विकास और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर उन्हें विदाई देंगे। इसके बाद वे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ इंदौर में निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और वहां से उज्जैन के लिए रवाना होंगे। दोनों नेताओं के शाम करीब 4:30 बजे उज्जैन पहुंचने की संभावना है।

उज्जैन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में कपिला गौशाला का दौरा भी प्रस्तावित माना जा रहा है। प्रशासन ने दोनों नेताओं के दौरे को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं।

दौरे का मुख्य केंद्र प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित होने वाली दो महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकें रहेंगी। पहली बैठक शाम 6 बजे आयोजित होगी, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में चल रहे कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई अभियान और जनभागीदारी के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी।

इसके बाद दूसरी बैठक पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर होगी। इस बैठक में प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने, बिजली नुकसान कम करने, अधोसंरचना विकास और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी को देखते हुए इन बैठकों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेता प्रदेश में चल रही प्रमुख योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के साथ आगामी कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

उज्जैन में होने वाली ये बैठकें न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं को गति देने की दिशा में भी अहम मानी जा रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन बैठकों से कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई दिशा तय होगी।

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