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शिवपुरी में डीएपी खाद की बड़ी खेप जब्त: 79 बोरी अवैध परिवहन करते पकड़े गए दो आरोपी, FIR दर्ज


मध्‍यप्रदेश । शिवपुरी जिले में कृषि विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने डीएपी खाद के अवैध परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 79 बोरी खाद जब्त की है। कार्रवाई के दौरान दो व्यक्तियों को बिना वैध दस्तावेजों के खाद का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। मामले में कृषि विभाग की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी अभियान चला रहा है। इसी क्रम में तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा के निर्देश पर कृषि, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने फतेहपुर रोड स्थित गीता पब्लिक स्कूल के समीप विशेष जांच अभियान चलाया। रात करीब 9:15 बजे टीम ने संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।

जांच के दौरान ग्राम बलेरा निवासी राजेश यादव के मैसी ट्रैक्टर को रोका गया। तलाशी लेने पर ट्रैक्टर में आईपीएल कंपनी की डीएपी खाद की 47 बोरियां मिलीं। इसके बाद टीम ने भोगरीपुरा निवासी अभिषेक रावत के महिंद्रा पिकअप वाहन की जांच की, जिसमें 32 बोरियां डीएपी खाद बरामद हुईं। दोनों वाहनों से कुल 79 बोरी खाद जब्त की गई।

अधिकारियों ने मौके पर दोनों आरोपियों से खाद खरीदने और परिवहन करने से संबंधित बिल, रसीद, ई-टोकन अथवा अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, दोनों ही व्यक्ति कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। पूछताछ में उन्होंने दावा किया कि खाद किसी किसान से खरीदी गई है, लेकिन इस संबंध में भी कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में उर्वरक का बिना दस्तावेज परिवहन गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और खाद के नमूने भी लिए। इसके बाद पूरी खेप को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

कृषि विभाग का कहना है कि बिना वैध दस्तावेजों के उर्वरक का भंडारण, परिवहन अथवा बिक्री करना उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन है। साथ ही यह आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत दंडनीय अपराध भी माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने राजेश यादव और अभिषेक रावत के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खाद कहां से लाई गई थी और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के लिए निर्धारित उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

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