Sheopur News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा के दौरान गुरुवार को बोत्सवाना ने भारत को 8 चीते औपचारिक रूप से सौंपे। कार्यक्रम बोत्सवाना की राजधानी गैबोरोन के मोकोलोड़ी नेचर रिजर्व में आयोजित हुआ। इस दौरान बोत्सवाना के राष्ट्रपति डुमा गिडियोन बोको भी मौजूद थे। इन चीतों को कालाहारी के घांजी इलाके से लाया गया।
हैंडओवर के समय 2 चीतों को तुरंत क्वारेंटाइन में रखा गया। सभी चीते कुछ हफ्तों तक बोत्सवाना में क्वारेंटाइन रहेंगे। इसके बाद अगले महीने इन्हें भारत भेजा जाएगा। प्रोजेक्ट चीता के तहत 2022 में नामीबिया से 8 और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए जा चुके हैं (Sheopur News) ।
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नौरादेही में हो सकती है शिफ्टिंग
मप्र के पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ शुभ रंजन सेन के अनुसार, बोत्सवाना में 8 चीतों का क्वारेंटाइन शुरू हो चुका है। एक महीने के क्वारेंटाइन के बाद ये चीते दिसंबर के आखिर में भारत आएंगे। भारत पहुंचने पर इन्हें कूनो नेशनल पार्क में लाया जाएगा, जहां एक महीने तक और क्वारेंटाइन होगा। इसके बाद तय होगा कि इन्हें स्थायी रूप से कहां बसाया जाएगा।
मंदसौर स्थित गांधी सागर वाइल्डलाइफ सेंचुरी 8 चीते रखने के लिए तैयार है, हालांकि फिलहाल यहां सिर्फ 3 चीते हैं। यानी 5 और चीतों को यहां शिफ्ट किया जा सकता है (Sheopur News) ।
सागर और दमोह के बीच स्थित रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नौरादेही जंगल को भी चीता प्रोजेक्ट के लिए तैयार किया जा रहा है। यहां सेंट्रल कैंपा फंड से 5 क्वारेंटाइन बोमा और 5 सॉफ्ट रिलीज बोमा बनाए जा रहे हैं।
भारत में इस समय कुल 27 चीते मौजूद हैं। इन्हें कूनो और गांधी सागर पार्क में रखा गया है। इनमें से 16 चीते भारत में जन्मे थे। अब तक कुल 26 शावकों का जन्म हुआ, हालांकि 19 चीतों की मौत हो चुकी है (Sheopur News) ।
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