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योग से बनेगा बच्चों का मजबूत शरीर और तेज दिमाग जानें आसान असरदार आसन


नई दिल्ली । हर साल इक्कीस जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग केवल एक अभ्यास नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की एक स्वस्थ पद्धति है। योग से शरीर मन और श्वास तीनों को संतुलन मिलता है। बच्चों के लिए योग और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो रही होती है। बदलते मौसम में बच्चों को सर्दी जुकाम और संक्रमण जल्दी घेर लेते हैं। ऐसे में योग एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। नियमित योग अभ्यास से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है और बच्चे कम बीमार पड़ते हैं।

धनुरासन बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इस आसन को करने से शरीर की पाचन प्रणाली सक्रिय होती है और पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं। बच्चे जब नियमित रूप से धनुरासन का अभ्यास करते हैं तो उनकी रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर में लचीलापन आता है। इस आसन में पेट के बल लेटकर पैरों को पीछे की ओर मोड़कर हाथों से पकड़ना होता है। धीरे धीरे सांसों के साथ शरीर को ऊपर उठाने से पूरे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर अधिक ऊर्जावान महसूस करता है।

चक्रासन बच्चों के लिए एक प्रभावी योगासन है। यह आसन शरीर की शक्ति और संतुलन को बढ़ाता है। इस अभ्यास से नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है और श्वसन क्षमता में सुधार आता है। नियमित अभ्यास करने से हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है। बच्चे जब खेल खेल में इस आसन को सीखते हैं तो उनकी शारीरिक क्षमता तेजी से विकसित होती है। इस आसन में सावधानी आवश्यक होती है ताकि गर्दन कलाई और कंधों पर अनावश्यक दबाव न पड़े। सही मार्गदर्शन में यह आसन बच्चों के संपूर्ण विकास में सहायक होता है।

शवासन योग का अंतिम और अत्यंत महत्वपूर्ण आसन माना जाता है। यह शरीर और मन दोनों को गहरी शांति प्रदान करता है। इस आसन को करने से तनाव और मानसिक थकान कम होती है। बच्चे जब पढ़ाई और खेल के बाद इस आसन का अभ्यास करते हैं तो उनका मन स्थिर होता है और ध्यान क्षमता बढ़ती है। शवासन में शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़कर सांसों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इससे नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है और शरीर की ऊर्जा पुनः प्राप्त होती है। नियमित अभ्यास से बच्चों में एकाग्रता और आत्म नियंत्रण विकसित होता है।

बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के लिए योग एक सरल और प्रभावी साधन है। जब बच्चे रोजाना योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो उनका शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है। योग केवल शरीर को मजबूत नहीं बनाता बल्कि यह मन को भी शांत और स्थिर रखता है। आज के समय में जब बच्चे मोबाइल और स्क्रीन की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं तब योग उन्हें प्रकृति और अपने शरीर से जोड़ने का कार्य करता है। माता पिता और शिक्षक यदि बच्चों को छोटी उम्र से ही योग की आदत डालें तो उनका भविष्य अधिक स्वस्थ और संतुलित बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक अवसर नहीं है बल्कि यह हमें यह याद दिलाता है कि योग को जीवन का हिस्सा बनाना कितना आवश्यक है। नियमित अभ्यास से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक मजबूती से कर पाते हैं।

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