प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सेशेल्स में उत्साह का माहौल है। स्थानीय नागरिकों से लेकर भारतीय समुदाय तक सभी इस यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि भारत और सेशेल्स के बीच पिछले कुछ वर्षों में सहयोग लगातार बढ़ा है और प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा इस साझेदारी को नई गति देगी। उनका मानना है कि व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा और विकास परियोजनाओं में सहयोग और मजबूत होगा।
सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री के दौरे का गर्मजोशी से स्वागत किया है। समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध बेहद मजबूत हैं। बड़ी संख्या में भारतीय सेशेल्स की अर्थव्यवस्था, व्यापार और विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ऐसे में शीर्ष स्तर की यह यात्रा दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्तों को और गहरा करेगी तथा नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले वर्ष 2015 में सेशेल्स की यात्रा कर चुके हैं। इस बार उनका दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है क्योंकि यह सेशेल्स की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती के अवसर पर हो रहा है। समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे, जो दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा और समुद्री सहयोग का प्रतीक होंगे।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के बीच व्यापक द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेता व्यापार, निवेश, विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, जलवायु परिवर्तन और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।
भारत और सेशेल्स के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच गहरे संपर्क पर आधारित रहे हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार है। भारत के ‘महासागर’ विजन और ग्लोबल साउथ को मजबूत करने की नीति में भी सेशेल्स की अहम भूमिका है। यही वजह है कि यह यात्रा केवल एक औपचारिक राजकीय दौरा नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा और व्यापक होगा तथा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के साझा लक्ष्य को नई मजबूती मिलेगी।