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हॉर्मुज स्ट्रेट में सामान्य हो रहा समुद्री व्यापार, सुरक्षित कॉरिडोर बनने के बाद जहाजों की आवाजाही में दिखा तेज सुधार

नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य तनाव समाप्त होने के बाद वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होती दिखाई दे रही है। ताजा आकलन के अनुसार, इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या युद्ध से पहले के स्तर के लगभग 57 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह सुधार अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक शिपिंग उद्योग के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है, क्योंकि संघर्ष के दौरान इस क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां काफी प्रभावित हुई थीं।

हालिया रिपोर्ट के अनुसार, हॉर्मुज स्ट्रेट से एक दिन में कुल 78 जहाजों की आवाजाही दर्ज की गई। इनमें से बड़ी संख्या में जहाजों ने नए सुरक्षित समुद्री कॉरिडोर का उपयोग किया, जिसे ओमान और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों की पहल के बाद लागू किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य जहाजों को संभावित सुरक्षा जोखिमों से बचाते हुए सुरक्षित और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करना है। समुद्री क्षेत्र में इस नई व्यवस्था का प्रभाव जहाजों की बढ़ती आवाजाही के रूप में स्पष्ट दिखाई देने लगा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दिनभर की कुल समुद्री गतिविधियों में 40 प्रतिशत से अधिक जहाजों ने सुरक्षित कॉरिडोर का उपयोग किया। इनमें अधिकांश जहाज खाड़ी क्षेत्र से बाहर की ओर रवाना हो रहे थे, जबकि कुछ जहाजों ने विशेष परिस्थितियों में अपनी पहचान संबंधी प्रसारण प्रणाली बंद रखते हुए यात्रा की। कुछ अन्य जहाज ईरान की समुद्री सीमा के अपेक्षाकृत निकट से भी गुजरे। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री मार्गों पर जोखिम का आकलन करते हुए जहाज परिचालन कंपनियां अलग-अलग रणनीतियां अपना रही हैं।

संघर्ष शुरू होने के बाद खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। कई जहाज सुरक्षा कारणों से बंदरगाहों और खाड़ी क्षेत्र के भीतर ही रुके रहे। अब हालात सामान्य होने के साथ इनमें से कई जहाज दोबारा अपने निर्धारित मार्गों पर लौटने लगे हैं। इसे वैश्विक समुद्री परिवहन और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों के धीरे-धीरे सामान्य होने का शुरुआती संकेत माना जा रहा है।

हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों में कच्चे तेल और रासायनिक उत्पादों के टैंकरों की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा बल्क कैरियर, सामान्य कार्गो जहाज, कंटेनर पोत, एलपीजी और एलएनजी टैंकरों ने भी इस समुद्री मार्ग का उपयोग किया। ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में शामिल है, इसलिए यहां गतिविधियों का सामान्य होना वैश्विक बाजारों के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि आने वाले जहाजों में उल्लेखनीय हिस्सेदारी उन पोतों की रही, जिनका संबंध ईरान से था। इसी अवधि में कई बड़े क्रूड ऑयल टैंकरों ने भी सफलतापूर्वक हॉर्मुज स्ट्रेट को पार किया। इसके अलावा पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई करने वाले कई टैंकर भी इस मार्ग से सुरक्षित रूप से गुजरे, जिससे ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में धीरे-धीरे स्थिरता लौटने के संकेत मिले हैं।

हॉर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा व्यापार की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील समुद्री मार्ग माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से में निर्यात होने वाले कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होकर गुजरती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव या सुरक्षा संकट अंतरराष्ट्रीय बाजारों, ऊर्जा कीमतों और समुद्री व्यापार को सीधे प्रभावित करता है। वर्तमान में जहाजों की बढ़ती आवाजाही यह संकेत दे रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ समुद्री परिवहन धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है, जिससे वैश्विक व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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