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मध्य प्रदेश में मानसून का असर तेज: 50 जिलों में बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने से दो की मौत, बैतूल में नदी बनी काल


नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। राजधानी भोपाल, सीहोर और पांढुर्णा समेत कई जिलों में सुबह से बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

बारिश के बीच कई जिलों से हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। खरगोन जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मजदूर राधेश्याम और गृहिणी केनू शामिल हैं। केनू अपने पीछे तीन साल के बेटे को छोड़ गई हैं। उधर बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र में चंपा नदी उफान पर होने के कारण सोमवार रात बड़ा हादसा हो गया। सिप्लाई गांव के राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक सहित नदी के रपटे से बह गए थे। रातभर चले तलाश अभियान के बाद मंगलवार सुबह दोनों के शव रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में मिले।

पांढुर्णा जिले में सोमवार रात से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। मंगलवार सुबह मुंगणापार-मोहगांव मार्ग पर एक बड़ा पेड़ बिजली के तारों पर गिर गया जिससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और आसपास के आठ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। प्रशासन ने पेड़ हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने का काम शुरू कर दिया है।

मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कुल 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में हल्की बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून की एंट्री 24 जून को हुई थी और शुरुआती दौर में 15 जिलों तक इसकी आधिकारिक पहुंच दर्ज की गई थी। हालांकि इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई और वह एक ही क्षेत्र में ठहर गया। इसी कारण प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का असर भी बना रहा। फिलहाल मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के संकेत नहीं मिले हैं लेकिन अगले कुछ दिनों तक अधिकांश जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

एक जून से अब तक प्रदेश में औसतन 124.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी जबकि अभी तक केवल 75.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इस तरह प्रदेश में औसत से करीब 39 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 68 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी 11 प्रतिशत है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूर रहने, आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों में नहीं जाने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

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